सरकार पेटेंट की लागत का बोझ उठाएगी, स्टार्टअप्स के लिए खरीद नियमों में ढील देगी

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    युवा उद्यमियों और नवोन्मेषण को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने पेटेंट, ट्रेडमार्क या डिजाइन के लिए आवेदन दायर करने की पूरी लागत का बोझ खुद उठाने का फैसला किया है। इसके अलावा वह स्टार्ट अप्स के लिए सार्वजनिक खरीद नियमों में भी ढील देने का फैसला किया है।

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्टअप इंडिया सम्मेलन घोषित किया था,

    योजना के अनुसार स्टार्ट अप्स को सिर्फ सांविधिक शुल्क देना होगा। कार्रवाई योजना में कहा गया है कि केंद्र सरकार कितनी भी संख्या में पेटेंट, ट्रेडमार्क और डिजाइन के लिए आवेदन की लागत का बोझ खुद उठाएगी। स्टार्ट अप्स को सिर्फ सांविधिक शुल्क ही देना होगा।

    इस कदम का मकसद स्टार्ट अप्स में जागरूकता पैदा करना और बौद्धिक संपदा अधिकार :आईपीआर: को अंगीकार करना और उन्हें इन अधिकारों के वाणिज्यिकरण तथा संरक्षण में मदद करना है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार द्वारा आईपीआर संबंधी मामलों में जो प्रोत्साहन दिए गए हैं उनसे स्टार्ट अप्स को अधिक पेटेंट, ट्रेडमार्क और डिजाइन के लिए आवेदन करने में मदद मिलेगी।

    राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा संगठन :एनआईपीओ: के अध्यक्ष टी सी जेम्स ने कहा कि यह स्टार्ट अप्स को नवोन्मेषण में प्रोत्साहन देगा। साथ ही यह उनके बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा भी करेगा।

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