24 जुलाई: मनमोहन सिंह के बजट ने बदल दी भारत की आर्थिक किस्मत
24 जुलाई का दिन भारतीय इतिहास में बेहद खास है. आज ही के दिन गांधीजी ने विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार का आह्वान किया था और 1991 में डॉ. मनमोहन सिंह ने ऐतिहासिक बजट पेश कर भारत की आर्थिक दिशा बदल दी थी. जानिए इस दिन की अन्य ऐतिहासिक घटनाएं भी. पढ़िए आज का रोचक तथ्य.
24 जुलाई (24 July Ka Itihas) का दिन विश्व और भारत के इतिहास में कई अहम घटनाओं के लिए जाना जाता है. यह दिन विज्ञान, राजनीति, खेल और सामाजिक परिवर्तन से जुड़ी कई घटनाओं का साक्षी रहा है.
आज का इतिहास (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 24 जुलाई के दिन (24 July History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए, इस खास दिन की उन घटनाओं पर नज़र डालते हैं जो इतिहास में अमिट छाप छोड़ गईं —
भारत और विश्व के इतिहास में 24 जुलाई की प्रमुख घटनाएं
1921 — गांधीजी ने किया विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार का आह्वान
24 जुलाई 1921 को महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) ने मुंबई (तब बम्बई) में विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार और स्वदेशी के प्रचार के तहत कई सार्वजनिक सभाओं को संबोधित किया. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विदेशी कपड़ों को त्यागकर खादी अपनाएं और भारतीय कारीगरों को समर्थन दें. यह आंदोलन पूरे सप्ताह चला और 31 जुलाई 1921 को मुंबई के परेल स्थित एल्फिंस्टन मिल (Elphinstone Mill) परिसर में करीब डेढ़ लाख से अधिक विदेशी वस्त्रों की सार्वजनिक रूप से होली जलाई गई. हजारों लोगों की उपस्थिति में आयोजित इस आयोजन ने ब्रिटिश शासन के आर्थिक शोषण के खिलाफ एक शक्तिशाली प्रतीकात्मक विरोध का रूप लिया. यह घटना स्वदेशी आंदोलन के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ मानी जाती है और गांधीजी के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को जनआंदोलन में बदलने की दिशा में बड़ा कदम साबित हुई.
1943 — ऑपरेशन गोमोराह की शुरुआत
24 जुलाई 1943 को द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के दौरान 'ऑपरेशन गोमोराह' (Operation Gomorrah) की शुरुआत हुई, जिसमें मित्र राष्ट्रों—मुख्यतः ब्रिटेन (Britain) की रॉयल एयर फोर्स (RAF) और अमेरिका की यूएस एयर फोर्स (USAAF)—ने जर्मनी (Germany) के हैम्बर्ग (Hamburg) शहर पर भीषण हवाई बमबारी की. यह अभियान 24 जुलाई से 3 अगस्त 1943 तक चला और इसे उस समय तक का सबसे विनाशकारी हवाई हमला माना गया. इस बमबारी में करीब 42,000 लोगों की मौत हुई और लगभग 37,000 लोग घायल हुए, जबकि शहर का बड़ा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया. ऑपरेशन गोमोराह का उद्देश्य नाज़ी युद्ध मशीन की औद्योगिक क्षमता को नष्ट करना और जर्मन जनता के मनोबल को तोड़ना था. इस हमले में पहली बार "विंडो" (चैफ) तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे जर्मन राडार प्रणाली को भ्रमित किया गया. यह घटना युद्ध इतिहास में एक भयानक लेकिन रणनीतिक रूप से अहम मोड़ मानी जाती है.
1969 — आर्मस्ट्रांग और दल के साथ पृथ्वी पर सुरक्षित लौटा अपोलो 11
24 जुलाई 1969 को अपोलो 11 (Apollo 11) मिशन के तीनों अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री — नील आर्मस्ट्रांग (Neil Armstrong), बज़ एल्ड्रिन (Buzz Aldrin) और माइकल कॉलिंस (Michael Collins) — चंद्रमा की सफल यात्रा के बाद पृथ्वी पर सुरक्षित लौट आए. उनका कमांड मॉड्यूल "कोलंबिया" (Columbia) प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) में उतरा, जहाँ अमेरिकी नौसेना के USS Hornet विमानवाहक पोत ने उन्हें बचाव दल के जरिए सुरक्षित निकाला. इससे पहले, 20 जुलाई को नील आर्मस्ट्रांग और बज़ एल्ड्रिन मानव इतिहास में पहली बार चंद्रमा की सतह पर उतरे थे, जबकि माइकल कॉलिंस चंद्रमा की कक्षा में मॉड्यूल को संचालित कर रहे थे. 24 जुलाई को पृथ्वी पर इनकी वापसी ने इस ऐतिहासिक मिशन को सफलतापूर्वक पूर्ण किया और अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए युग की शुरुआत की. यह घटना विज्ञान और मानव साहस की अद्भुत मिसाल बन गई.
1975 — लग्ज़री फैशन ब्रांड Giorgio Armani की स्थापना
24 जुलाई 1975 को इटली (Italy) के मिलान (Milan) शहर में विश्वप्रसिद्ध लग्ज़री फैशन ब्रांड Giorgio Armani की स्थापना हुई. इस ब्रांड की नींव फैशन डिज़ाइनर जॉर्जियो अरमानी और उनके व्यावसायिक साझेदार सर्जियो गैलेओटी (Sergio Galeotti) ने मिलकर रखी. Armani ने फैशन की दुनिया में एक नया अध्याय शुरू किया, खासतौर पर अपने सादगीपूर्ण, परिष्कृत और आधुनिक डिज़ाइनों के जरिए—जिसमें पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए सूट, परिधान और एक्सेसरीज़ शामिल थे. ब्रांड ने जल्दी ही अंतरराष्ट्रीय पहचान बना ली और 1980 के दशक तक यह हॉलीवुड से लेकर कॉरपोरेट वर्ल्ड तक स्टाइल का प्रतीक बन गया. आज Giorgio Armani न सिर्फ फैशन, बल्कि परफ्यूम, होम डेकोर, और हॉस्पिटैलिटी जैसे कई क्षेत्रों में एक प्रतिष्ठित नाम है.
1991 — भारत में आर्थिक उदारीकरण की ऐतिहासिक शुरुआत
24 जुलाई 1991 को भारत के तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (Dr. Manmohan Singh) ने संसद में जो बजट (Budget 1991-92) पेश किया, उसने देश की आर्थिक दिशा ही बदल दी. उस समय भारत गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था—विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ कुछ ही दिनों के आयात के लिए शेष था. डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव (P.V. Narasimha Rao) के नेतृत्व में आर्थिक उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (LPG reforms) की नीतियों की घोषणा की. इस बजट में लाइसेंस राज को खत्म करने, विदेशी निवेश के द्वार खोलने, कर ढांचे में सुधार, और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में निजी भागीदारी जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए. यह दिन भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में एक टर्निंग प्वाइंट माना जाता है, जिसने देश को आत्मनिर्भरता से प्रतिस्पर्धात्मक वैश्विक बाजार की ओर अग्रसर किया.
24 जुलाई को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1911 — पन्नालाल घोष, भारत के प्रसिद्ध बाँसुरी वादक
1928 — केशुभाई पटेल, गुजरात के भूतपूर्व मुख्यमंत्री
1937 — मनोज कुमार, प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता
1945 — अज़ीम प्रेमजी, भारतीय बिजनेस टाइकून, निवेशक और परोपकारी और विप्रो लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष
1985 — पंकज आडवाणी, प्रसिद्ध भारतीय बिलियर्ड्स और स्नूकर खिलाड़ी
24 जुलाई को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
1980 — उत्तम कुमार, भारतीय सिनेमा में हिन्दी और बांग्ला फ़िल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता
2017 — यशपाल (वैज्ञानिक), भारत के मशहूर वैज्ञानिक और शिक्षाविद
आज का रोचक तथ्य
क्या आप जानते हैं (Did you know) कि आज ही के दिन, 24 जुलाई 1567 को महज़ एक साल की उम्र में जेम्स षष्ठम (James VI) स्कॉटलैंड के राजा () बने थे. बाद में वे जेम्स प्रथम (James I) के रूप में 1603 में इंग्लैंड और आयरलैंड के भी सम्राट बने. इस तरह वे तीनों राज्यों के पहले संयुक्त शासक बने, जिससे यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom - UK) की नींव पड़ी.
संपादक की कलम से: अगर आप ऐसे ही इतिहास के अनसुने पन्नों में रुचि रखते हैं, तो जुड़े रहिए हमारे साथ हर दिन की ऐतिहासिक झलकियों के लिए.




