25 जून: भारत में इमरजेंसी लगी, वर्ल्ड कप जीता, जैक्सन की मौत
25 जून इतिहास का अहम दिन है — 1975 में इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाया, 1983 में कपिल देव की टीम ने पहला क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता और 2009 में पॉप स्टार माइकल जैक्सन का निधन हुआ. जानिए इस दिन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाएं. पढ़िए आज का रोचक तथ्य.
इतिहास में हर दिन कुछ न कुछ ऐसा घटित होता है जो भविष्य को प्रभावित करता है. 25 जून (25 June Ka Itihas) का दिन भी ऐसे ही कई महत्वपूर्ण घटनाओं का गवाह बना है – खासकर भारत के राजनीतिक इतिहास में यह दिन एक निर्णायक मोड़ की तरह दर्ज है.
आज का इतिहास (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 25 जून के दिन (25 June History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए जानते हैं कि 25 जून के दिन भारत और विश्व में कौन-कौन सी ऐतिहासिक घटनाएं घटी थीं —
भारत और विश्व के इतिहास में 25 जून की प्रमुख घटनाएं
1950 — कोरियन युद्ध की शुरुआत
25 जून 1950 को उत्तर कोरिया (North Korea) की सेना ने अचानक 38वें समांतर रेखा (38th Parallel) को पार कर दक्षिण कोरिया (South Korea) पर आक्रमण कर दिया, जिससे कोरियाई युद्ध की शुरुआत (Korean War begins) हुई. यह युद्ध शीत युद्ध (Cold War) के शुरुआती और सबसे अहम संघर्षों में से एक था. सोवियत संघ (Soviet Union) और चीन समर्थित कम्युनिस्ट उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर कब्ज़ा करने की कोशिश की, जबकि अमेरिका के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की सेनाओं ने दक्षिण कोरिया की रक्षा में हस्तक्षेप किया. तीन साल चले इस युद्ध में लाखों लोग मारे गए, लेकिन 1953 में बिना किसी निर्णायक जीत के युद्धविराम समझौता (Armistice Agreement) हुआ, जिससे कोरिया आज भी दो हिस्सों में विभाजित है – उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया.
1975 — भारत में आपातकाल की घोषणा
भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में 25 जून 1975 एक काले अध्याय के रूप में जाना जाता है. इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) ने देश में आपातकाल (Emergency in India) लागू किया था. इसकी घोषणा आधी रात को की गई थी और संविधान (Constitution) के अनुच्छेद 352 (Article 352) के तहत इसे लागू किया गया. इसकी वजह "आंतरिक अशांति" बताई गई. इससे पहले 12 जून को, इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने इंदिरा गांधी के 1971 रायबरेली लोकसभा चुनाव को चुनावी भ्रष्टाचार (electoral malpractice) के आधार पर अमान्य (illegal) घोषित किया था, जिससे उनका पद खतरे में पड़ गया था. आपातकाल लागू होते ही नागरिक अधिकारों को स्थगित कर दिया गया, प्रेस पर सेंसरशिप लगी, और विपक्षी नेताओं समेत हजारों लोगों को बिना मुकदमा जेल में डाल दिया गया. यह आपातकाल 21 महीने तक, यानि मार्च 1977 तक चला और इस दौरान लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की आज़ादी को गहरा आघात पहुँचा. इस फैसले ने भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को झकझोर कर रख दिया था.
1991 — आज़ाद हुए स्लोवेनिया और क्रोएशिया
25 जून 1991 को युगोस्लाविया (Yugoslavia) से स्लोवेनिया और क्रोएशिया ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की थी. (Slovenia and Croatia declared independence) इसके साथ ही बाल्कन क्षेत्र (Balkans) में वर्षों तक चलने वाले जातीय संघर्षों और हिंसक युद्धों की शुरुआत हुई. यह कदम युगोस्लाविया के विघटन (Breakup of Yugoslavia) की दिशा में पहला बड़ा मोड़ था. स्वतंत्रता की घोषणा के कुछ ही दिन बाद स्लोवेनिया में "टेन डे वॉर" (दस दिवसीय युद्ध) (Ten-Day War in Slovenia) हुआ, जिसमें युगोस्लाव पीपुल्स आर्मी और स्लोवेनियाई बल आमने-सामने आ गए. वहीं, क्रोएशिया में भी जल्द ही लंबा और भीषण गृहयुद्ध (Croatian War of Independence) शुरू हो गया. इन घटनाओं ने बाल्कन इतिहास को गहराई से प्रभावित किया और आगे चलकर बोस्निया (Bosnia) और कोसोवो (Kosovo) जैसे क्षेत्रों में भी संघर्षों को जन्म दिया.
1983 — भारत ने जीता पहला क्रिकेट वर्ल्ड कप
25 जून 1983 को भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) ने लॉर्ड्स (Lord's Cricket Ground, London) के ऐतिहासिक मैदान में दो बार की चैंपियन वेस्ट इंडीज (West Indies) को 43 रन से हराकर पहली बार क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता. (India won the first Cricket World Cup) कपिल देव (Kapil Dev) की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 183 रन बनाए. उस दौर की सबसे मजबूत टीम मानी जाने वाली वेस्ट इंडीज को भारतीय गेंदबाज़ों ने 140 रन पर ऑलआउट कर दिया. मोहिंदर अमरनाथ (Mohinder Amarnath) को फाइनल में उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ (Player of the Match) चुना गया. यह जीत न केवल भारतीय क्रिकेट के इतिहास में मील का पत्थर बनी, बल्कि इसने देशभर में क्रिकेट को धर्म जैसा दर्जा दिला दिया.
2009 — ‘King of Pop’ माइकल जैक्सन का निधन
25 जून 2009 को दुनिया भर में मशहूर अमेरिकी गायक, डांसर और 'किंग ऑफ पॉप' माइकल जैक्सन का 50 वर्ष की उम्र में लॉस एंजेलिस (Los Angeles), कैलिफोर्निया में अचानक निधन (Michael Jackson dies) हो गया. उनकी मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) बताया गया, जो डॉक्टर द्वारा दी जा रही एक शक्तिशाली बेहोशी की दवा (प्रोपोफोल) के ओवरडोज़ से हुआ. माइकल उस समय अपने बहुप्रतीक्षित "This Is It" वर्ल्ड टूर की तैयारियों में लगे थे. उनके निधन ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया और करोड़ों फैंस शोक में डूब गए. माइकल जैक्सन सिर्फ एक संगीतकार नहीं थे, बल्कि वे एक सांस्कृतिक प्रतीक थे, जिन्होंने पॉप म्यूजिक, डांस स्टाइल (जैसे मूनवॉक), और म्यूजिक वीडियो की परिभाषा ही बदल दी थी.
25 जून को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1900 — लॉर्ड माउंटबेटन, ब्रिटिश राजनेता, नौसेना प्रमुख और भारत के अंतिम वाइसराय
1908 — सुचेता कृपलानी, स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और भारत की प्रथम महिला मुख्यमंत्री
1924 — मदन मोहन, हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध संगीतकार
1931 — विश्वनाथ प्रताप सिंह, भारत के आठवें प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
1951 — सतीश शाह, भारत के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता
1975 — कैप्टन मनोज कुमार पांडेय, परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक
1986 — सुधा सिंह, भारत की प्रसिद्ध महिला एथलीटों में से एक
25 जून को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
2009 — माइकल जैक्सन, मशहूर अमेरिकी गायक, डांसर और पॉप आइकन
2009 — शिव चरण माथुर, भारतीय राजनेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री
आज का रोचक तथ्य
क्या आप जानते हैं (Did you know) कि 25 जून 1947 को ऐनी फ्रैंक (Anne Frank) की मशहूर किताब “द डायरी ऑफ ए यंग गर्ल” (The Diary of a Young Girl) पहली बार प्रकाशित हुई थी. पहली बार इसे डच (Dutch) भाषा में “Het Achterhuis” नाम से नीदरलैंड्स (Netherlands) में प्रकाशित किया गया था. यह डायरी ऐनी ने नाजियों (Nazis) से छिपते हुए लिखी थी, जिसमें उसने द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के दौरान अपने अनुभव, डर, उम्मीदें और भावनाएं साझा की थीं. उनकी यह आत्मकथा (Autobiography) आज भी 70 से अधिक भाषाओं में ट्रांसलेट हो चुकी है. यह किताब आज भी दुनिया की सबसे प्रभावशाली और पढ़ी जाने वाली आत्मकथाओं में गिनी जाती है.
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