आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 26 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाये गये

लाभार्थी अपने मोबाइल फोन से आयुष्मान ऐप का इस्तेमाल कर आयुष्मान कार्ड बना सकते हैं. आयुष्मान ऐप के 13 सितंबर, 2023 को शुरू होने के बाद से 26 लाख डाउनलोड हुये हैं.

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 26 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाये गये

Saturday October 21, 2023,

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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री - जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) ने 19 अक्टूबर, 2023 को देशभर में 26 करोड़ आयुष्मान कार्ड की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है. इस महत्वपूर्ण योजना को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा चलाया जा रहा है जिसमें 12 करोड़ लाभार्थी परिवारों को द्वितीयक और तृतीयक स्तर के अस्पताल इलाज के लिये प्रति परिवार पांच लाख रूपये वार्षिक स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाता है.

आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के तहत आयुष्मान कार्ड तैयार करना सबसे प्रमुख कार्य है और इसके लिये लगातार गहन प्रयास किये जा रहे हैं कि योजना के तहत आने वाले प्रत्येक लाभार्थी के पास उसका आयुष्मान कार्ड हो. यह आयुष्मान भवः अभियान के तहत होने वाली प्रमुख गतिविधियों में से एक है जिसकी शुरूआत भारत सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं में संतृप्ति सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से की गई है. 13 सितंबर, 2023 को अभियान शुरू किये जाने के बाद से एनएचए के आईटी प्लेटफार्म पर 1.5 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड आवेदनों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया गया है. अक्टूबर 2023 महीने में ही 19 अक्टूबर तक 86 लाख आयुष्मान कार्ड तैयार कर लिये गये हैं.

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एनएचए ने अंतिम पड़ाव तक पहुंचने, आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए 'आयुष्मान ऐप' लॉन्च किया है. ऐप में स्वतः सत्यापन की विशिष्ट सुविधा है. उपयोगकर्ता चार सरल कदम उठाने से ही एप से आयुष्मान कार्ड बना सकता है इसके लिये उसे किसी कार्ड सृजन केन्द्र पर जाने की भी जरूरत नहीं पड़ती है. इसके अलावा कोई भी व्यक्ति आयुष्मान कार्ड बनाने में लाभार्थी की मदद कर सकता है. इस प्रकार आयुष्मान एप जनभागीदारी में भी सक्षम है. ऐप की सफलता को इस तथ्य से ही आंका जा सकता है कि 13 सितंबर, 2023 को इसकी शुरूआत के बाद से ही इसे 26 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है.

आयुष्मान कार्ड आज निष्पक्षता, पात्रता और सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया है. यह गरीब और वंचित परिवारों को आश्वासन देता है कि बीमारी और उसके इलाज पर आने वाले भारी-भरकम खर्च के दुर्बलकारी प्रभाव की दोहरी मार से वह उनकी रक्षा करेगा. इस सचाई को समझते हुये सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि सभी पात्र लाभार्थियों के पास उनका आयुष्मान कार्ड हो.

देश के सभी राज्यों में उत्तर प्रदेश चार करोड़ आयुष्मान कार्ड के साथ सबसे अधिक संख्या में आयुष्मान कार्ड के साथ शीर्ष पर है. इसके बाद मध्य प्रदेश 3.69 करोड़ और छत्तीसगढ़ 2.04 करोड़ आयुष्मान कार्ड के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर है. इससे भी आगे यह बड़े ही संतोष की बात है कि 49 प्रतिशत आयुष्मान कार्ड महिला लाभार्थियों के पास है.

आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के तहत 70,000 करोड़ रुपये से अधिक के व्यय के साथ 5.7 करोड़ अस्पताल भर्ती मामलों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया. इस प्रकार गरीब और वंचित परिवारों के एक लाख करोड़ रूपये से अधिक जेब खर्च की बचत इससे हुई है.

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