29 मई: माउंट एवरेस्ट फतह, आइंस्टीन की जीत और भारत का संविधान
29 मई का इतिहास कई बड़ी घटनाओं का गवाह है—कॉन्स्टैंटिनोपल का पतन, माउंट एवरेस्ट की पहली विजय, आइंस्टीन के सापेक्षता सिद्धांत की पुष्टि और भारतीय संविधान सभा में मौलिक अधिकारों पर ऐतिहासिक चर्चा जैसे पल इस दिन को खास बनाते हैं.
इतिहास के पन्नों में 29 मई (29 May Ka Itihas) एक ऐसा दिन है, जो दुनिया और भारत दोनों के लिए कई ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है.
आज का इतिहास (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 29 मई के दिन (29 May History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए नजर डालते हैं इस दिन की उन घटनाओं पर जिन्होंने इतिहास को एक नई दिशा दी.
भारत और विश्व के इतिहास में 29 मई की प्रमुख घटनाएं
1453 – कॉन्स्टैंटिनोपल का पतन
29 मई 1453 में, ऑटोमन साम्राज्य (Ottoman Empire) के सुल्तान मेहमद द्वितीय (Mehmed II) ने कॉन्स्टैंटिनोपल (अब इस्तांबुल, तुर्किये) पर हमला किया. यह शहर उस समय बीजान्टाइन साम्राज्य (Byzantine Empire) की राजधानी था और ईसाई दुनिया का एक मजबूत गढ़ माना जाता था. लगभग 53 दिनों की घेराबंदी और भीषण युद्ध के बाद, 29 मई को ऑटोमन सेना ने शहर की विशाल दीवारों को तोड़ दिया और शहर पर कब्जा कर लिया. यह हमला हजारों साल पुराने पूर्वी रोमन साम्राज्य (Byzantine Empire) के अंत का कारण बना. जीत के बाद, सुल्तान मेहमद ने शहर का नाम बदलकर इस्तांबुल कर दिया और इसे इस्लामिक संस्कृति और ऑटोमन साम्राज्य की राजधानी बना दिया. कॉन्स्टैंटिनोपल एशिया और यूरोप के बीच व्यापार का प्रमुख मार्ग था. इसके पतन के बाद यूरोपीय देशों ने समुद्री रास्तों की खोज शुरू की — जिससे क्रिस्टोफर कोलंबस, वास्को द गामा जैसे खोजकर्ता सामने आए. शहर से बचकर भागे कई यूनानी विद्वान इटली पहुंचे और वहां पुनर्जागरण (Renaissance) की लहर को बल मिला.
1660 – इंग्लैंड में राजशाही की बहाली
29 मई 1660 को किंग चार्ल्स द्वितीय (Charles II) ने इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और आयरलैंड के राजा के रूप में सिंहासन संभाला. यह दिन ‘The Restoration’ के रूप में जाना जाता है, क्योंकि इससे पहले इंग्लैंड एक गणराज्य के रूप में ऑलिवर क्रॉमवेल (Oliver Cromwell) के नेतृत्व में था. चार्ल्स द्वितीय, किंग चार्ल्स प्रथम (Charles I) के बेटे थे, जो अपने पिता की मृत्यु के बाद निर्वासन (exile) में रह रहे थे. 29 मई 1660 को वे लंदन लौटे और आधिकारिक रूप से राजा के रूप में सत्ता संभाली. चार्ल्स द्वितीय का राज्याभिषेक इंग्लैंड में राजशाही की वापसी और सांस्कृतिक पुनरुद्धार की शुरुआत मानी जाती है.
1919 – आइंस्टीन के सापेक्षता सिद्धांत की पुष्टि
29 मई 1919 को ब्रिटिश खगोलशास्त्री और भौतिकविद सर आर्थर एडिंगटन (Sir Arthur Eddington) ने पूर्ण सूर्यग्रहण के दौरान अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein) के सापेक्षता सिद्धांत (General Theory of Relativity) की पुष्टि की. उन्होंने देखा कि सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के कारण पास से गुजरने वाला तारों का प्रकाश मुड़ रहा था — ठीक वैसे ही जैसा आइंस्टीन ने भविष्यवाणी की थी.
दरअसल, 29 मई 1919 को एक पूर्ण सूर्यग्रहण हुआ, जो अफ्रीका के प्रिन्सिपे द्वीप और ब्राज़ील के सोब्राल शहर से देखा जा सकता था. एडिंगटन ने अपनी टीम के साथ दोनों जगहों पर दो अलग-अलग अभियानों से सूर्यग्रहण के दौरान आसमान के तारों की तस्वीरें लीं. उन्होंने यह देखा कि सूर्य के पास से गुजरते समय तारों की स्थिति में मामूली बदलाव हुआ — ठीक वैसे ही जैसा आइंस्टीन के सिद्धांत ने पूर्वानुमान किया था. यह परिवर्तन न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत की तुलना में आइंस्टीन के सिद्धांत से अधिक मेल खाता था. यह प्रयोग सापेक्षता सिद्धांत की पहली प्रत्यक्ष पुष्टि था. यह विज्ञान के इतिहास में एक क्रांतिकारी क्षण था, जिसने आइंस्टीन को अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई और आइज़ैक न्यूटन (Isaac Newton) के सिद्धांतों की सीमाओं को दर्शाया.
1953 – माउंट एवरेस्ट की चोटी पर इंसान ने रखे कदम
29 मई 1953 को इतिहास रच गया जब न्यूजीलैंड के सर एडमंड हिलेरी (Sir Edmund Hillary) और नेपाल के शेरपा तेनजिंग नोर्गे (Tenzing Norgay) ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर - 29,029 फीट) पर पहली बार सफलतापूर्वक चढ़ाई की. हिलेरी ने इस मौके पर तेनजिंग की संयुक्त राष्ट्र संघ, नेपाल और भारत के झंडों के साथ कई तस्वीरे लीं. इस मौके पर तेनजिंग बौद्ध परम्परा के अनुसार एवरेस्ट की चोटी पर मिठाईयां और बिस्किट बर्फ में दबा कर भगवान को प्रसाद चढ़ाया. इस अभियान का नेतृत्व कर्नल जॉन हंट (Sir John Hunt) (इंग्लैंड) ने किया था और यह ब्रिटिश पर्वतारोहण दल का हिस्सा था. यह चढ़ाई दक्षिण-पूर्वी रिज (South-East Ridge) मार्ग से की गई थी, जो नेपाल की ओर से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का सबसे लोकप्रिय मार्ग है. तेनजिंग और हिलेरी ने सुबह लगभग 11:30 बजे चोटी पर कदम रखा. इस अभियान की सफलता की खबर चार दिन बाद, 2 जून 1953 को सार्वजनिक की गई, जो संयोग से ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) के राज्याभिषेक का दिन था. यह उपलब्धि न सिर्फ पर्वतारोहण के इतिहास में मील का पत्थर बनी, बल्कि मानव साहस और दृढ़ निश्चय की मिसाल भी.
1948 – संविधान सभा की बैठक में मौलिक अधिकारों पर चर्चा
29 मई 1948 को भारतीय संविधान सभा की एक महत्वपूर्ण बैठक में मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) से जुड़ी कई धाराओं पर चर्चा हुई. यह वही समय था जब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नेतृत्व में संविधान का मसौदा (ड्राफ्ट) तैयार हो रहा था. डॉ. भीमराव आंबेडकर ने मौलिक अधिकारों को ‘भारत की आत्मा’ कहा. यह बैठक भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर थी. इस दिन लिए गए फैसलों ने तय किया कि भारत में हर नागरिक को स्वतंत्रता, समानता और न्याय मिलेगा. ये वही मूल्य हैं जिन पर आज हमारा लोकतंत्र खड़ा है. इसी तरह की चर्चाओं और सुधारों के बाद 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान पारित हुआ और 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ.
29 मई को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति
1865 – रामानन्द चैटर्जी, स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार
1917 – जॉन एफ. कैनेडी, अमेरिका के 35वें राष्ट्रपति
1906 – कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर, हिन्दी के जाने-माने निबंधकार
1906 – टी.एच. व्हाइट, ब्रिटिश लेखक, जिनकी किताब The Once and Future King प्रसिद्ध है
1954 – मदन कश्यप, भारत के जानेमाने कवि
29 मई को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
1933 – लोकराम नयनराम शर्मा, भारत के स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और संगठनकर्त्ता
1972 – पृथ्वीराज कपूर, हिंदी फ़िल्म और रंगमंच अभिनय के इतिहास पुरुष, जिन्होंने मुम्बई में ‘पृथ्वी थिएटर’ शुरू किया
1977 – सुनीति कुमार चटर्जी, भारत के प्रसिद्ध भाषाविद, साहित्यकार और विद्याशास्त्री
1987 – चौधरी चरण सिंह, भारत के पाँचवें प्रधानमंत्री
2020 – अजीत जोगी, भारतीय राजनीतिज्ञ और छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री
2020 – योगेश गौड़, प्रसिद्ध भारतीय गीतकार और लेखक
29 मई को क्यों याद रखा जाए?
- अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस (International Everest Day): यह दिवस हर वर्ष 29 मई को मनाया जाता है, एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे द्वारा 1953 में माउंट एवरेस्ट की पहली सफल चढ़ाई की स्मृति में. नेपाल सरकार द्वारा 2008 में इसकी शुरुआत की गई थी, जब एडमंड हिलेरी का निधन हुआ था. इस दिन नेपाल और दुनिया भर में पर्वतारोहण, साहसिक यात्रा और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
- संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक दिवस (International Day of UN Peacekeepers): संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा हर साल 29 मई को यह दिन UN के शांति सैनिकों (Peacekeepers) को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है, जो दुनिया के विभिन्न हिस्सों में शांति बहाल करने और बनाए रखने में अपना योगदान देते हैं. यह दिवस 1948 में UN के पहले शांति मिशन की तैनाती की वर्षगांठ पर आधारित है. भारत, जो UN के शांति अभियानों में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है, इस दिन को सम्मानपूर्वक मनाता है.
29 मई 1968 को बॉम्बे (अब मुंबई) में दारा सिंह (Dara Singh) ने लू थेज़ (Lou Thesz) को हराकर पेशेवर कुश्ती में वर्ल्ड चैंपियनशिप (World Championship) का खिताब जीता.




