3 जून: जब भारत का बंटवारा तय हुआ और हिन्दी बनी राष्ट्रभाषा
3 जून का इतिहास भारत और विश्व के लिए बेहद खास है. इस दिन भारत-पाक बंटवारे की घोषणा हुई, हिन्दी को राजभाषा का दर्जा मिला, भारत को पहला फीफा वर्ल्ड कप निमंत्रण मिला और अमेरिका ने की पहली स्पेसवॉक. यहां जानिए 3 जून की प्रमुख घटनाएं...
3 जून का दिन इतिहास (3 June Ka Itihas) में कई अहम घटनाओं के लिए जाना जाता है—चाहे वह भारत के बंटवारे की नींव हो या विश्व राजनीति में बड़े बदलाव. यह दिन विश्व इतिहास और भारतीय इतिहास दोनों में अपनी खास पहचान रखता है.
आज का इतिहास (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 3 जून के दिन (3 June History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए जानें कि इस दिन किन घटनाओं ने इतिहास को आकार दिया.
भारत और विश्व के इतिहास में 3 जून की प्रमुख घटनाएं
1918 – हिन्दी को मिली भारत की राजभाषा की मान्यता
3 जून 1918 को इंदौर में आयोजित “हिन्दी साहित्य सम्मेलन” (Hindi Sahitya Sammelan) भारतीय भाषा आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना थी. इस सम्मेलन की अध्यक्षता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) ने की थी. यही वह अवसर था जब हिन्दी को भारत की राजभाषा (राष्ट्रभाषा) के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव पारित किया गया. यह प्रस्ताव उस समय प्रतीक बन गया जब भारत में भाषाई अस्मिता का प्रश्न स्वतंत्रता संग्राम के साथ जुड़ने लगा था. इस निर्णय से हिन्दी आंदोलन को एक नई दिशा और राष्ट्रीय समर्थन मिला. आगे चलकर यह विचार भारतीय संविधान के निर्माण के दौरान भी गूंजता रहा और 1950 में हिन्दी को भारत की राजभाषा घोषित किया गया (अनुच्छेद 343).
1947 – भारत के बंटवारे की घोषणा
3 जून 1947 को भारत के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ आया जब ब्रिटिश सरकार ने भारत के विभाजन की औपचारिक योजना की घोषणा की. इसे “3 जून योजना” (3 June Plan) या “माउंटबेटन योजना” (Mountbatten Plan) के नाम से जाना जाता है. यह योजना भारत को दो स्वतंत्र देशों – भारत और पाकिस्तान – में विभाजित करने का आधार बनी. तत्कालीन वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन (Lord Mountbatten) ने यह योजना 3 जून 1947 को प्रस्तुत की. इसे उसी दिन ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली (Clement Attlee), कांग्रेस, मुस्लिम लीग और सिख नेताओं की सहमति से सार्वजनिक किया गया. यह फैसला लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लेकर आया—साथ ही भीषण दंगे, विस्थापन और हिंसा भी.
1950 – भारत को पहली बार विश्व कप फुटबॉल में आमंत्रण
1950 में भारत को ब्राज़ील में होने वाले पहले फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) में खेलने का आमंत्रण मिला था. यह निमंत्रण 3 जून 1950 को आया था. एशियाई क्वालिफाइंग ज़ोन से सभी अन्य टीमों (इंडोनेशिया, बर्मा और फिलीपींस) ने अंतिम दौर से पहले ही नाम वापस ले लिया था, इस कारण भारत को सीधे वर्ल्ड कप में जगह मिली. लेकिन ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने भाग नहीं लेने का निर्णय लिया. इस निर्णय ने भारत की संभावित अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल उपस्थिति को उस समय बड़ा नुकसान पहुँचाया.
1965 – एडवर्ड ह्वाइट बने अंतरिक्ष में चहलकदमी करने वाले पहले अमेरिकी
3 जून 1965 को अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री एडवर्ड ह्वाइट (Edward White) ने नासा (NASA) के 'जेमिनी-4' (Gemini 4) मिशन के दौरान अमेरिका की पहली और दुनिया की दूसरी अंतरिक्ष चहलकदमी (Spacewalk/EVA) की. उन्होंने यह स्पेसवॉक पृथ्वी की कक्षा में लगभग 23 मिनट तक की, जिसमें वे यान से बाहर निकलकर एक 25 फुट लंबे टेथर से जुड़े रहे और हाथ में ऑक्सीजन जेट गन (Hand-held Maneuvering Unit) की मदद से अंतरिक्ष में तैरे. यह उपलब्धि अमेरिका के लिए अंतरिक्ष दौड़ में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई, जिसने आगे चलकर चंद्र अभियानों और अंतरिक्ष स्टेशन मिशनों के लिए रास्ता तैयार किया.
1972 – भारत और पाकिस्तान के बीच ‘शिमला समझौता’ का आरंभिक खाका तैयार
3 जून 1972 को भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने 1971 के युद्ध के बाद पहली बार औपचारिक रूप से शांति वार्ता की शुरुआत की, जो आगे चलकर 2 जुलाई 1972 को 'शिमला समझौते' (Simla Agreement) के रूप में परिणत हुई. यह वार्ता भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो (Zulfikar Ali Bhutto) के बीच शिमला (हिमाचल प्रदेश) में हुई थी. शिमला समझौते ने भारत और पाकिस्तान के बीच सभी विवादों को द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से सुलझाने की आधारशिला रखी और 1971 के युद्ध के बाद की स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सामान्य करने के लिए एक रूपरेखा प्रदान की. इस समझौते के तहत पाकिस्तान के 93,000 युद्धबंदियों की वापसी और नियंत्रण रेखा (Line of Control) की स्वीकृति जैसे अहम कदम भी शामिल थे.
3 जून को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1844 — बालकृष्ण भट्ट, आधुनिक हिन्दी साहित्य के शीर्ष निर्माताओं में से एक
1867 — हरविलास शारदा, प्रसिद्ध शिक्षाविद, राजनेता, समाज सुधारक, न्यायविद और लेखक
1901 — गोविंद शंकर कुरुप, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित मलयाली भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार
1924 — एम. करुणानिधि, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री
1929 — चिमनभाई पटेल, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री
1930 — जॉर्ज फ़र्नांडिस, भारत के पूर्व रक्षामंत्री
3 जून को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
1974 — कृष्ण बल्लभ सहाय, स्वतंत्रता सेनानी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री
2011 — भजन लाल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री
3 जून को क्यों याद रखा जाए?
- विश्व साइकिल दिवस (World Bicycle Day): संयुक्त राष्ट्र (United Nations) द्वारा 2018 में घोषित इस दिवस का उद्देश्य साइकिल के सामाजिक, पर्यावरणीय और स्वास्थ्य लाभों को बढ़ावा देना है.
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