30 मई: जब छपा पहला हिंदी अख़बार और भारत को मिला गोवा!
30 मई को भारत में पहला हिंदी अख़बार ‘उदन्त मार्तण्ड’ प्रकाशित हुआ था और गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था. जानें इस दिन से जुड़ी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं.
हर दिन इतिहास के पन्नों में कोई न कोई खास कहानी लेकर आता है. 30 मई (30 May Ka Itihas) भी एक ऐसा ही दिन है जिसने भारत ही नहीं, बल्कि विश्व इतिहास में भी कई निर्णायक मोड़ दिए.
आज का इतिहास (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 30 मई के दिन (30 May History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए जानते हैं इस तारीख से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं जो समय के प्रवाह में अमिट छाप छोड़ गईं.
भारत और विश्व के इतिहास में 30 मई की प्रमुख घटनाएं
1431 – जोआन ऑफ आर्क का निधन
जोआन ऑफ आर्क (Joan of Arc), फ्रांस की महान वीरांगना और धार्मिक योद्धा को 30 मई 1431 को इंग्लैंड समर्थक चर्च अदालत ने 'जादू' और 'धार्मिक विद्रोह' के आरोप में जिंदा जला दिया था. मात्र 19 वर्ष की उम्र में उनकी मृत्यु हुई. उनकी मृत्यु के 25 साल बाद, 1456 में पोप कैलिक्स्टस III ने एक पुनः जांच करवाई, जिसमें उन्हें निर्दोष घोषित किया गया और उनका मुकदमा अमान्य और निष्प्रभावी बताया गया. कैथोलिक चर्च ने जोआन ऑफ आर्क को 1909 में beatify (कैथोलिक चर्च की परंपरा में beatify एक आधिकारिक प्रक्रिया है जिसके तहत किसी दिवंगत व्यक्ति को "धन्य" (Blessed) घोषित किया जाता है.) किया और 1920 में पोप बेनेडिक्ट XV ने उन्हें संत (Saint) घोषित किया. जोआन अब फ्रांस की राष्ट्रीय नायिका हैं. उन्हें फ्रांसीसी राष्ट्रवाद और महिला वीरता का प्रतीक माना जाता है. हर साल 8 मई को Joan of Arc Day मनाया जाता है.
1826 – दुनिया का पहला हिंदी अखबार छपा
30 मई 1826 को भारत में और दुनिया में पहली बार हिंदी भाषा में समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ (Uddant Martand) का प्रकाशन कोलकाता से हुआ. इसे पंडित जुगल किशोर शुक्ल (Pandit Jugal Kishore Shukla) ने शुरू किया था. 8 पेज का ये साप्ताहिक अखबार हर मंगलवार को निकलता था. यह अखबार किताब के आकार का था — 12 इंच x 8 इंच. इसके पहले अंक की 500 प्रतियां छापी गई थीं. आर्थिक कठिनाइयों और सरकारी सहायता के अभाव में यह अखबार ज्यादा समय तक नहीं चल सका और लगभग 79 अंकों के बाद इसका प्रकाशन बंद हो गया. लेकिन इसकी शुरुआत ने हिंदी पत्रकारिता की नींव रखी. इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में हर साल 30 मई को ‘हिंदी पत्रकारिता दिवस’ मनाया जाता है.
1963 – गोवा विधानसभा का गठन
30 मई 1963 को गोवा को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और पहली बार इसकी विधानसभा (Legislative Assembly) का गठन हुआ. यह एक 30-सदस्यों वाली विधानसभा थी. यह पुर्तगाल के 451 वर्षों के शासन के अंत के बाद हुआ, जब 1961 में भारतीय सेना ने गोवा को मुक्त कराया. यह दिन गोवा के लोकतांत्रिक इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ. गोवा में पहला चुनाव 9 दिसंबर 1963 को हुआ था. इस चुनाव में महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) को बहुमत मिला और दयानंद बंडोडकर (Dayanand Bandodkar) गोवा के पहले मुख्यमंत्री बने.
1981 – बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति ज़ियाउर रहमान की हत्या
30 मई 1981 को बांग्लादेश के तत्कालीन राष्ट्रपति ज़ियाउर रहमान (Ziaur Rahman) की हत्या कर दी गई थी. वे बांग्लादेश की राजनीति में सैन्य शक्ति से लोकतंत्र की ओर संक्रमण की प्रमुख कड़ी थे. 30 मई 1981 को ज़ियाउर रहमान आधिकारिक दौरे पर चिटगांव गए थे. तड़के सुबह सैन्य अधिकारियों के एक समूह ने उन पर हमला किया और उनकी गोली मारकर हत्या कर दी. हत्या उस समय हुई जब वह सर्किट हाउस में आराम कर रहे थे. यह हत्या सैन्य विद्रोह का हिस्सा थी. इसके बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता फैल गई. मेजर जनरल अबुल मंज़ूर को इस हत्या का मुख्य साजिशकर्ता माना गया. शेख मुजीब उर्रहमान के बाद जिया दूसरे राष्ट्रपति थे जिनकी हत्या हुई. ज़ियाउर रहमान की मृत्यु के बाद अभियानुल हक़ कार्यवाहक राष्ट्रपति बने, और बाद में हुसैन मुहम्मद इरशाद ने 1982 में तख्तापलट कर सत्ता संभाली.
2012 – विश्वनाथन आनंद पांचवीं बार विश्व शतरंज चैंपियन बने
30 मई 2012 को विश्वनाथन आनंद (Viswanathan Anand) पांचवीं बार विश्व शतरंज चैंपियन बने थे. यह जीत उन्होंने नोर्वे के युवा ग्रैंडमास्टर मैग्नस कार्लसन से पहले के चैलेंजर बोरिस गेलफंड (Boris Gelfand) के खिलाफ हासिल की थी. आनंद ने 2.5 – 1.5 से जीत दर्ज की. यह आनंद की लगातार चौथी और कुल पांचवीं विश्व चैंपियनशिप जीत थी. पहली बार वे 2000 में FIDE विश्व चैंपियन बने थे. 2007, 2008, 2010, और फिर 2012 में उन्होंने फिर ये खिताब जीता. इस जीत ने उन्हें शतरंज की दुनिया में एक बार फिर शीर्ष पर बनाए रखा और भारत के लिए गौरव का क्षण था.
30 मई को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1909 – पण्डित मुखराम शर्मा, भारतीय हिन्दी फ़िल्मों के सुप्रसिद्ध कथा, पटकथा और कहानी लेखक
1935 – देबू चौधरी, भारत के प्रख्यात सितार वादक
1947 – वी. नारायणसामी, पुदुचेरी के 10वें मुख्यमंत्री
30 मई को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
1431 – जोआन ऑफ आर्क, फ्रांस की राष्ट्रीय नायिका और संत
1606 – गुरु अर्जन देव, सिक्खों के पांचवें गुरु
1955 – एन. एम. जोशी, भारत में 'ट्रेड यूनियन आंदोलन' के जन्मदाता
1989 – वीर बहादुर सिंह, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री
1991 – उमाशंकर दीक्षित, 'भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन' के पुरोधा एवं मानवता के पुजारी और राष्ट्रवाद के अग्रदूत
2000 – रामविलास शर्मा, आधुनिक हिन्दी साहित्य में सुप्रसिद्ध आलोचक, निबंधकार, विचारक एवं कवि
2013 – ऋतुपर्णो घोष, बंगाली फ़िल्मों के प्रसिद्ध निर्देशक, लेखक और अभिनेता
30 मई को क्यों याद रखा जाए?
- गोवा राज्य स्थापना दिवस (Goa Statehood Day): 30 मई को गोवा स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है. वर्ष 1987 में इसी दिन गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था. दमन और दीव से अलग करके इसे भारतीय संघ का 25वां राज्य बनाया गया. पणजी को गोवा की राजधानी बनाया गया और कोंकणी को आधिकारिक भाषा घोषित किया गया. यह दिन गोवा की सांस्कृतिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक बन गया है.
- हिंदी पत्रकारिता दिवस (Hindi Journalism Day): 30 मई को ‘उदन्त मार्तण्ड’ ने भारतीय पत्रकारिता और हिंदी पत्रकारिता में एक ऐतिहासिक शुरुआत की थी. इसी कारण 30 मई को हर साल “हिंदी पत्रकारिता दिवस” के रूप में मनाया जाता है.
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