5 जून: स्वर्ण मंदिर बना रणभूमि, पर्यावरण दिवस शुरू
5 जून का इतिहास युद्ध, राजनीति, पर्यावरण और चिकित्सा में बदलाव का गवाह रहा है. जानिए D-Day की तैयारी, ऑपरेशन ब्लू स्टार, एड्स की पहली रिपोर्ट और विश्व पर्यावरण दिवस से जुड़ी प्रमुख घटनाएं, जन्म और पुण्यतिथि. साथ ही जानिए आज का रोचक तथ्य.
इतिहास में हर दिन अपने साथ कई कहानियां और घटनाएं लेकर आता है, और 5 जून (5 June Ka Itihas) भी इससे अलग नहीं है. यह दिन वैश्विक और भारतीय इतिहास में कई बड़ी राजनीतिक, पर्यावरणीय और सामाजिक घटनाओं का साक्षी रहा है.
आज का इतिहास (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 5 जून के दिन (5 June History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए जानते हैं 5 जून की कुछ प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं जो दुनिया और भारत के इतिहास को आकार देने में महत्वपूर्ण रहीं.
भारत और विश्व के इतिहास में 5 जून की प्रमुख घटनाएं
1944 — द्वितीय विश्व युद्ध में मित्र देशों ने की D-Day की तैयारी
5 जून 1944 को द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के दौरान मित्र देशों (Allied Forces) ने नाज़ी जर्मनी के कब्जे वाले फ्रांस में नॉरमैंडी तट पर आक्रमण की ऐतिहासिक तैयारी की. इस दिन 1,000 से अधिक ब्रिटिश बमवर्षकों ने नॉरमैंडी क्षेत्र में स्थित जर्मन तोपखाने पर लगभग 5,000 टन बम गिराए. 3,000 से अधिक मित्र देशों के जहाज़ इंग्लिश चैनल (English Channel) पार कर रहे थे, ताकि अगले दिन D-Day के लिए भूमि पर हमला किया जा सके. फ्रांस में जर्मन कब्जे को खत्म करने के लिए "ऑपरेशन ओवरलॉर्ड" (operation OVERLORD) नाम का यह मिशन कई बार मौसम और रणनीतिक चुनौतियों की वजह से टल चुका था. अंततः जनरल ड्वाइट डी. आइज़नहावर (Dwight D. Eisenhower) ने 5 जून को फैसला किया कि 6 जून 1944 को D-Day होगा — चाहे मौसम अनुकूल हो या नहीं. उन्होंने सोचा कि खराब मौसम के चलते जर्मन सेना अगले दिन हमले की उम्मीद नहीं करेगी, जिससे मित्र देशों को रणनीतिक लाभ मिलेगा. यह दिन इतिहास के सबसे बड़े समुद्री आक्रमण (amphibious assault) की पूर्व संध्या था, जिसने द्वितीय विश्व युद्ध की दिशा और यूरोप की किस्मत को बदल दिया.
1967 — छह दिवसीय अरब-इज़राइल युद्ध शुरू
5 जून 1967 को शुरू हुआ छह दिवसीय युद्ध (Six-Day War) सिर्फ एक सैन्य संघर्ष नहीं था, बल्कि यह मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक नक्शे को हमेशा के लिए बदल देने वाला मोड़ साबित हुआ. युद्ध की शुरुआत इज़राइल द्वारा मिस्र पर किए गए एक अचानक हवाई हमले से हुई. यह हमला मिस्र की वायुसेना को लगभग निष्क्रिय कर गया. जल्द ही जॉर्डन और सीरिया ने भी युद्ध में प्रवेश किया, जिससे यह संघर्ष अरब और इज़राइल के बीच एक त्रिस्तरीय लड़ाई बन गया. यह युद्ध 10 जून 1967 को समाप्त हुआ. इज़राइल ने ये सारे क्षेत्र सिर्फ 6 दिनों में जीत लिए — एक असाधारण सैन्य सफलता जिसे आज भी रणनीतिक दृष्टि से ऐतिहासिक माना जाता है.
1981 — एड्स पर पहली वैज्ञानिक रिपोर्ट प्रकाशित
5 जून 1981 को अमेरिका के Centers for Disease Control and Prevention (CDC) ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट Morbidity and Mortality Weekly Report (MMWR) में एक लेख प्रकाशित किया, जिसमें लॉस एंजेलिस के पांच युवा, स्वस्थ समलैंगिक पुरुषों में एक दुर्लभ फेफड़ों के संक्रमण Pneumocystis carinii pneumonia (PCP) के मामले दर्ज किए गए थे. उस समय यह स्पष्ट नहीं था, लेकिन आज माना जाता है कि यह रिपोर्ट एड्स (AIDS) के प्रभावों का पहला दस्तावेज़ीकरण था. इस रिपोर्ट के प्रकाशित होते ही न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को और लॉस एंजेलिस जैसे शहरों के चिकित्सकों ने CDC को इसी तरह के रहस्यमयी मामलों की जानकारी भेजनी शुरू कर दी. क्योंकि यह बीमारी सबसे पहले समलैंगिक पुरुषों में देखी गई थी, इसलिए इसे शुरू में “गै कैंसर” (gay cancer) कहा गया और औपचारिक रूप से Gay-Related Immune Deficiency (GRID) नाम दिया गया. अगले वर्ष, 1982 में इसका आधिकारिक नाम Acquired Immunodeficiency Syndrome (AIDS) रखा गया, जिससे यह वैश्विक स्वास्थ्य संकट के रूप में पहचाना गया. यह रिपोर्ट आज एड्स महामारी की शुरुआत के रूप में इतिहास में दर्ज है.
1984 — ऑपरेशन ब्लू स्टार में सेना की मुख्य सैन्य कार्रवाई शुरू
ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) भारतीय सेना द्वारा जून 1984 में पंजाब के अमृतसर स्थित हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) परिसर में चलाया गया एक सैन्य अभियान था. इस अभियान का उद्देश्य था भिंडरावाले और उनके समर्थकों को स्वर्ण मंदिर (The Golden Temple) परिसर से बाहर निकालना, जो वहाँ भारी हथियारों के साथ छिपे हुए थे. 5 जून 1984 की रात को भारतीय सेना ने मुख्य सैन्य कार्रवाई शुरू की और टैंक व भारी हथियारों के साथ अकाल तख्त की ओर बढ़ना शुरू किया. अभियान के दौरान सैकड़ों लोगों की जान गई, जिनमें सिख तीर्थयात्री, उग्रवादी और सैनिक शामिल थे. स्वर्ण मंदिर को भारी क्षति पहुंची, विशेषकर अकाल तख्त को. 6 जून 1984 को सेना ने अकाल तख्त पर पूरा नियंत्रण कर लिया और संघर्ष समाप्त हुआ. यह भारतीय इतिहास की सबसे विवादास्पद और संवेदनशील सैन्य कार्रवाइयों में से एक थी.
1999 — भारतीय सेना का कारगिल में 'ऑपरेशन विजय'
कारगिल युद्ध 1999 (Kargil War of 1999) में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ एक सशस्त्र संघर्ष था, जो जम्मू-कश्मीर के कारगिल सेक्टर में लड़ा गया. 5 जून 1999 को भारत सरकार और सेना ने आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया कि कारगिल की ऊँचाइयों पर पाकिस्तानी सैनिक और आतंकवादी घुसपैठ कर चुके हैं. इसी दिन भारत ने ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत पूरी सैन्य कार्रवाई की घोषणा की, जिसका उद्देश्य इन घुसपैठियों को पीछे खदेड़ना था. 26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में विजय की घोषणा की — इस दिन को अब “कारगिल विजय दिवस” के रूप में मनाया जाता है.
5 जून को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1879 — एन. एम. जोशी (नारायण मल्हार जोशी), भारत में 'ट्रेड यूनियन आंदोलन' के जन्मदाता
1892 — सिकंदर हयात खान, स्वतंत्रता पूर्व औपनिवेशिक काल में पंजाब के मुख्यमंत्री
1946 — प्रेम खंडु थंगुन, अरुणाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री
1961 — रमेश कृष्णन, प्रसिद्ध भारतीय टेनिस कोच और पूर्व पेशेवर टेनिस खिलाड़ी
1972 — योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री
1976 — रंभा, बॉलीवुड अभिनेत्री
5 जून को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
1910 — ओ. हेनरी, अमेरीकी लेखक
1942 — मास्टर मदन, प्रतिभाशाली ग़ज़ल और गीत गायक
2004 — रोनाल्ड रीगन, अमेरिका के 40वें राष्ट्रपति
5 जून को क्यों याद रखा जाए?
- विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day): 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 1972 में की गई थी. इस दिन की स्थापना 'स्टॉकहोम सम्मेलन' (United Nations Conference on the Human Environment) के उद्घाटन दिवस के रूप में की गई थी, जिसमें 113 देशों ने भाग लिया था. इसका पहला आयोजन 5 जून 1974 को हुआ था. इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता फैलाना है. इस साल इसकी थीम है #BeatPlasticPollution और कोरिया गणराज्य (द रिपब्लिक ऑफ कोरिया) विश्व पर्यावरण दिवस के वैश्विक समारोहों की मेज़बानी करेगा. यह दूसरी बार है जब कोरिया गणराज्य विश्व पर्यावरण दिवस के वैश्विक आयोजन की मेज़बानी कर रहा है. इससे पहले कोरिया ने वर्ष 1997 में इस दिवस की मेज़बानी की थी, जिसकी थीम थी – For Life on Earth.
आज का रोचक तथ्य
क्या आप जानते हैं कि 5 जून 1876 को अमेरिका में लोगों ने पहली बार केले देखे थे? वे फिलाडेल्फिया में आयोजित वर्ल्ड फेयर (World’s Fair in Philadelphia) में प्रदर्शित किए गए थे और इससे पहले केले वहां लगभग अज्ञात थे.
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