सपना, 'अर्बन' जिंदगियों को छूकर 'रजत' बनाने का, ताकि सुकून सबके हिस्से आए

By Ratn Nautiyal
July 06, 2015, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:20:58 GMT+0000
सपना, 'अर्बन' जिंदगियों को छूकर 'रजत' बनाने का, ताकि सुकून सबके हिस्से आए
कंप्यूटर इंजीनियर से अर्बन लैडर के वाइस प्रेसिडेंट तक का सफ़र
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बेंगलुरु में पले-बढे रजत उपाध्याय ने जब बचपन में अपने चचेरे भाईयों के घर कंप्यूटर देखा, तो फिर उन्होंने इसे ही अपना जुनून बना लिया। वह हर हफ्ते अपने चचेरे भाईयों के घर जाकर वहां कंप्यूटर पर प्रोग्रामिंग सीखते और नए-नए प्रयोग करते। उन्होंने अपने स्कूली दिनों में ही बेसिक प्रोग्रामिंग सीख ली थी। पढाई में अपने विकल्पों को खुला रखते हुए उन्होंने भौतिकी, रसायन, गणित और जीव विज्ञान को चुना। आज रजत ऑनलाइन फर्नीचर बेचने वाली कम्पनी अर्बन लैडर के वाइस प्रेसिडेंट हैं।

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साल 2001 में बहुत सी आईटी कम्पनियां सॉफ्टवेयर मंदी से उबर रही थी। रजत ने इस समय इंजीनियरिंग के लिए एनआईटी सूरतकल को चुना। कम्पनियों का मंदी में होने रजत के पक्ष में गया क्योंकि मंदी से पहले कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में सबसे पसंदीदा ब्रांच होती थी, लेकिन मंदी के बाद छात्र इलेक्ट्रॉनिक्स की ओर जाने लगे और इस कारण रजत को कम्प्यूटर साइंस में प्रवेश मिलने में परेशानी नहीं हुई।

पहली इन्टर्नशिप

कॉलेज रजत के लिए अच्छा रहा और उन्होंने यहां मिल रहे समय का बेहतर उपयोग करना चाहा। उन्होंने ‘सी लैंग्वेज’ की किताबों को और अधिक समय देकर समझना शुरू कर दिया और कॉलेज की आंतरिक प्रोग्रामिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेने शुरू कर दिया। कॉलेज के दूसरे ही साल में रजत ने अपने लिए कंप्यूटर ले लिया और इंटर्नशिप के तौर पर अपने पहला प्रोजेक्ट त्रिगेंट सलूशन्स किया। रजत को डाटा डिक्शनरी बनाने के लिए लुकअप्स की जरुरत थी। यह कुछ ऐसी ही स्थिति होती है, जहाँ इनपुट को गिनने के लिए उन्हें टोकंस में तोडा जाता है। यह उनका पहला प्रोजेक्ट था और यह उनकी किताबों से बिल्कुल अलग था।

रजत कहते हैं, “मैंने जो पढ़ा है वह बहुत ही अलग है। मैंने प्रयोग किया, सीखा और जाना कि यह प्रयोग काम कर रहा है या नहीं, इस तरह मैं कुछ अमल में ला पाया। उस समय मुझे C++ नहीं आती थी, तो मैंने खुद ही C++ सीखी, फिर उसे काम में लाया और कोड करना सीखा। यह अनुभव बहुत अलग था, रिजल्ट देखने के बाद उन्होंने मेरे आगे नौकरी का प्रस्ताव रखा।”

प्रतियोगिता का दौर

रजत की इंजीनियरिंग के आखिरी साल में उनके कॉलेज ने एसीएम इंटरनेशनल कॉलेजिएट प्रोग्रामिंग कांटेस्ट में भाग लिया। उनके कॉलेज में बहुत सारी टीम थी जो इस प्रतियोगिता में भाग लेना चाहती थी, लेकिन कॉलेज एक ही टीम को भेज सकता था। इसलिए कॉलेज के अन्दर भी प्रतियोगिता रखी गयी, जिसमे रजत की टीम जीती। उनकी टीम एसीएम इंटरनेशनल कॉलेजिएट प्रोग्रामिंग कांटेस्ट में राष्ट्रीय स्तर पर गयी और सातवें स्थान पर रही। इसके बाद रजत ने टॉपकोडर में अपना हाथ आजमाया लेकिन वह लिंक डेवेलोप नहीं कर सके। रजत बताते हैं, “मेरे लिए प्रोडक्ट के नजरिये से बड़ा सिस्टम बनाना बहुत रोमांचक था। मुझे जटिल सिस्टम उपभोक्ता के लिहाज़ से सरल बनाने की चुनौती पसंद थी।”

गेम्स बनाने का दौर

रजत एक अच्छे एविड क्विजर भी हैं और यह उनका शौक ही था। इसकी मदद से उन्होंने बजर सिस्टम और एक इमेज प्रोसेसिंग एप्लीकेशन बनायी। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने शतरंग का एक खेल C++ में लिखा भी।

याहू के लिए कार्य

कॉलेज के दौरान रजत ने याहू के साथ इंटर्नशिप की। अपने कॉलेज के चौथे साल में उन्होंने रेडहैट स्कालरशिप प्रतियोगिता में लिनक्स के लिए डेस्कटॉप सर्च टूल बनाना शुरू किया। उन्हें स्कालरशिप तो नहीं मिली लेकिन उन्होंने बहुत सी चीज़ें सीखीं। यह पहली बार हुआ था जब रजत ने कम्पलीट सॉफ्टवेर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल पर काम किया।

प्लेसमेंट

रजत प्लेसमेंट के समय तीन-चार इंटरव्यू ही दिये। रजत ऐसी कम्पनी में काम करना चाहते थे जहाँ वे ओपन सोर्स से जुड़ सकें। आखिरकार उन्होंने नोवेल्ल (Novell) का हाथ पकड़ा, जो उस समय नेटवेयर से ओपन सोर्स में आ रही थी। नोवेल्ल के साथ काम करते हुए रजत ने नेटवेयर में एफ़टीपी प्रोटोकॉल पर काम करना शुरू किया और उसके बाद वो प्योर-एफ़टीपीडी (Pure-FTPd) करने लगे। रजत ने यहाँ बहुत से पैच डेवेलोप किये। इसके अलावा रजत ने नेटवेयर और लिनक्स के लिए एनएफइसवी4 की स्टोरेज फाइल सिस्टम पर भी कार्य किया।

शुरुआत और अंत

दो साल नोवेल्ल में काम करने के बाद रजत उच्च शिक्षा के लिए ऑहियो स्टेट यूनिवर्सिटी चले गए जहाँ उन्होंने डाटा विजुलायिजेशन और इमेज प्रोसेसिंग के बारे में और अधिक पढ़ा। अमेरिका से वापस आने के बाद उन्होंने हाइपरलोकल एप्प ताज़ा (Taazza) में सह-संस्थापक और सीटीओ के तौर पर कुर्सी संभाली।

रजत कहते हैं, “यह वह समय था जब ट्विटर भी लोकप्रिय हो रहा था। हमारे पास भी माइक्रोब्लॉग्गिं से मिलता जुलता कुछ था लेकिन हाइपरन्यूज़ लेवल पर। हमने एक वेबसाइट के लिए गए जिसमे भारत के हर पिन कोड का अपना पेज था। हमने सोचा की यह मोबाइल पर बेहतर रहेगा, तो हमने एंड्राइड से शुरू किया और इसमें जगहें, सिनेमा हाल, पब और बार जोड़ने शुरू कर दिये। हमें snapdeals, Kooves, sosata और यहाँ तक कि सिनेमा हॉल और थियेटर से तक साझेदारी मिलने लगी।”

अर्बन लैडर की उड़ान

करीब ढाई साल हो गए थे और वो देख नहीं सकते थे कि संस्था कहाँ जा रही है। रजत ने अब इससे आगे बढ़ने का फैसला लिया। रजत ने MobStac को ज्वाइन किया लेकिन अर्बन लैडर में काम करने वाले उनके दोस्त ने उन्हें अपने साथ काम करने को मना लिया। रजत के लिए फर्नीचर का काम करने वाली एक ई-कॉमर्स कम्पनी ज्वाइन करना चुनौती से कम नहीं था। जैसे कि रजत कहते हैं, “यहाँ निश्चित तौर पर बड़ी चुनौती थी, अगर स्टार्टअप में सफलता की गारंटी हो तो हर कोई अपना काम शुरू करना चाहेगा ”

अर्बन लैडर में रजत ने टीम को दो-तीन लोगों से 30 तक कर दिया और उन्होंने Magento(PHP) से Ruby कर तकनीक को भी मदद दी। रजत इंजीनियरिंग विभाग के मुख्य हैं और तकनीक की देख रेख करते हैं। भविष्य की योजनाओं के प्रति उत्साहित होते हुए रजत कहते हैं “मैं बहुत सी जिंदगियों को छूना चाहता हूँ और ऐसा सॉफ्टवेर बनाना चाहता हूँ जिसे लम्बे समय तक याद रखा जा सके।”

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