"स्मार्ट शहर के तर्ज पर गुजरात में 300 ‘स्मार्ट’ गांव होंगे विकसित"

    By योरस्टोरी टीम हिन्दी
    May 02, 2016, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:17:16 GMT+0000
    "स्मार्ट शहर के तर्ज पर गुजरात में 300 ‘स्मार्ट’ गांव होंगे विकसित"
    • +0
      Clap Icon
    Share on
    close
    • +0
      Clap Icon
    Share on
    close
    Share on
    close


    गुजरात के 57वें स्थापना दिवस के मौके पर राज्य की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के 300 गांवों को स्मार्ट शहर की तर्ज पर आत्मनिर्भर बनाने का निर्णय किया है। आनंदीबेन ने यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, 

    "अब स्मार्ट शहर की वह संकल्पना स्मार्ट गांव तक पहुंच गई है। सरकार ने इस वर्ष 300 गांवों को आत्मनिर्भर, साफ और स्वच्छ बनाने का निर्णय किया है।"
    image


    आनंदीबेन यहां से करीब 100 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल जिले के छोटा उदयपुर नगर में राज्य स्तरीय स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए आई हुई थीं। उन्होंने इस मौके पर कई कदमों की घोषणा करते हुए कहा, 

    "सरकार नर्मदा जिले में एक आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना करेगी, 100 से अधिक स्मार्ट आश्रम शाला, तीन करोड़ रूपये की लागत से आदिवासी छात्राओं के लिए 10 नये छात्रावास के साथ ही 10 करोड़ रूपये की लागत से समरस छात्रावास की भी स्थापना करेगी। सरकार ने नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण किया है जिसके तहत 2800 महिलाओं को पुलिस विभाग में नौकरी मिली है। इस वर्ष 22 हजार महिलाओं को नौकरी देने की योजना है।" 

    यह महिलाओं द्वारा संचालित दुग्ध सदनों के निर्माण के लिए 300 वर्ग मीटर जमीन और पांच लाख रूपये की सहायता के साथ ही 35 लाख महिलाओं के 2.50 लाख :रिपीट: लाख सखी मंडलों को शीत केंद्र, दूध मशीन और भूसा काटने की मशीन मुहैया कराने के अलावा है। उन्होंने कहा कि सभी के लिए स्वास्थ्य का लक्ष्य हासिल करने के लिए ‘‘हमने अमृतम मां योजना के तहत गरीब एवं मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए कुछ योजनाएं शुरू की हैं जैसे 78 लाख महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और मुंह के कैंसर की जांच करने और 1018 महिला कैंसर मरीजों की सुपर स्पेशिएलिटी अस्पतालों में मुफ्त में इलाज करना शामिल है।’’ उन्होंने कहा कि साथ ही मा-वात्सल्य योजना के तहत आबंटन 33 प्रतिशत बढ़ाकर 160 करोड़ रूपये कर दिया गया है और सरकार ऐसे मरीजों के इलाज पर दो लाख रूपये तक का खर्च उठा रही है। .. पीटीआई