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जल्दी ही संसद में पेश होंगे जीएसटी के सहायक विधेयक

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24th Mar 2017
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"जीएसटी से जुड़े 4 अहम बिलों को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने एक बयान में कहा है, कि वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी के क्रियान्वयन के लिए सहायक विधेयकों को अगले सप्ताह संसद में पेश किया जायेगा और साथ ही जीएसटी को अपने निर्धारित समय 1 जुलाई से ही लागू किया जाएगा।"

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जीएसटी लागू हो जाने से अलग-अलग टैक्स देने के झंझट से मुक्ति मिल जायेगी। यह एक पारदर्शी प्रणाली है। नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को एक जुलाई से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

जीएसटी से जुड़े चार विधेयकों को सोमवार को मंजूरी दे दी गई थी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है, कि वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी के क्रियान्वयन के लिए सहायक विधेयकों को संसद में अगले सप्ताह पेश किया जायेगा, साथ ही उन्होंने जीएसटी के एक जुलाई से ही लागू हो जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा है, विधेयकों को संसद में पेश करने से पहले लंबी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं। जीएसटी परिषद ने पिछले सप्ताह ही इन चारों विधेयकों को मंजूरी दी थी। 

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेटली ने ये भी कहा, कि सभी प्रक्रियाओं को आखिरी दो-तीन दिन में पूरा करना होगा। अगले सप्ताह इसे संसद में पेश किया जायेगा और उसके बाद उसे चर्चा के लिए रखा जायेगा। जीएसटी के लिए नौ अलग-अलग नियमन बनाने होंगे। चार नियमन को जीएसटी परिषद ने पहले ही मंजूरी दे दी है, बस थोड़े से मामूली बदलावों की जरूरत हो सकती है। बाकी के पांच का मसौदा बनाया जा रहा है और इनके तैयार होते ही इन्हें सभी राज्यों को भेज दिया जायेगा। जेटली के अनुसार, "31 मार्च को एक बैठ होगी, जिससे लेकर ये उम्मीद है कि सभी नियमनों को 31 मार्च तक मंजूरी मिल जायेगी।"

जीएसटी परिषद ने अपनी पिछली दो बैठकों में राज्य जीएसटी के साथ चारों विधेयकों को मंजूरी दे दी थी। एस-जीएसटी को सभी राज्यों की विधानसभा में पारित किया जाना है, जबकि अन्य चार कानून को संसद को मंजूरी देनी है। मंजूरी के बाद वस्तु एवं सेवा कर कानूनी रूप से वैध हो जाएगा, जिसकी मदद से एकीकृत कर प्रणाली से लोगों को काफी राहत मिलेगी। 

मौजूदा सिस्टम में एक सामान के लिए कई तरह के टैक्स देने पड़ते हैं। नई व्यवस्था लागू हो जाने से अलग-अलग टैक्स देने के झंझट से मुक्ति मिल जायेगी। यह एक पारदर्शी प्रणाली है। नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को एक जुलाई से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

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