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एक स्मार्ट सहायक जो कभी कुछ नहीं भूलता ‘EasilyDo’

ई-मेल, सोशल वेबसाइट से जुड़ा रहता है ‘EasilyDo’‘EasilyDo’ का इस्तेमाल अमेरिका में साथ दुनिया भर में ‘EasilyDo’ में 25 से ज्यादा कर्मचारी

Harish Bisht
4th Jul 2015
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अगर आपके पास वक्त की कमी है लेकिन सारे काम आप खुद ही निपटाना चाहते हैं तो परेशान ना हों, क्योंकि आप EasilyDo की मदद से हर काम को वक्त रहते निपटा सकते हैं। EasilyDo एक खास तरह का ऐप है। इसकी शुरूआत की थी हेतल पांड्या और माइकल बर्नर ने। हेतल के मुताबिक जब उनके घर बेटी ने जन्म लिया तो वो अपना ज्यादा वक्त लेपटॉप की जगह उसके साथ बिताती। यहीं से उनको EasilyDo करने की प्रेरणा मिली। जो आज लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।

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हेतल ने अपनी व्यस्ता के दौरान घर के बिल और दूसरे कामों के लिए एक सहायक रखने का सोचा लेकिन उनको ये ठीक नहीं लगा क्योंकि कई ऐसे सामाजिक काम थे जो उनको खुद ही करने पड़ते इसलिए उन्होने ये विचार टाल दिया। बावजूद वो एक स्मार्ट सहायक चाहती थी जो उनके फेसबुक, कैलेंडर, कांटेक्ट, ई-मेल और दूसरी चीजों के बारे में समय रहते जानकारी दे दे। इतना ही उसके पास जरूरी कार्यक्रम, टिकट और यात्रा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी हो। जो उनको समय रहते बता सके। इस काम को EasilyDo मोबाइल ऐप बखूबी संभाल लेता है। जिसकी शुरूआत हेतल ने कंपनी एक और संस्थापक माइकल बर्नर के साथ की थी।

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हेतल पांड्या और माइकल बर्नर की मुलाकात सेनफ्रांस्किको में एक सम्मेलन के दौरान हुई थी। जहां पर हेतल पैनल डिस्कशन का हिस्सा थी। ये सम्मेलन उद्यमियों से जुड़ा था। हेतल का जन्म मुंबई में हुआ था और मुंबई विश्वविद्यालय से उन्होने अपनी पढ़ाई पूरी की। उनके माता पिता ने कई सफल उद्यमों में हाथ अजमाया हुआ था और उनको देखते हुए ही वो बड़ी हुई थीं। ऐसे में उनको बहुत कुछ सीखने का मौका भी मिला। वो जान गई थी कि किसी भी उद्यम सो खड़ा करना काफी मुश्किल काम है। अपना उद्यम को खड़ा करने के लिए आपको कई बार पारिवारिक समारोह को छोड़ना पड़ता है और अपने चाहने वालों के साथ आप ज्यादा वक्त नहीं बिता सकते तो वही उद्यम आपकी सोच में बदलाव तो लाता ही है आपको आगे बढ़ने में भी मददगार साबित होता है और आप जो भी काम करते हैं उसमें निपुण हो जाते हैं।

हेतल EasilyDo को खड़ा करने से पहले नॉर्टेल और मॉइक्रोसाफ्ट जैसी दूसरी कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में काम कर चुकी हैं। माइकल बर्नर के मुताबिक जब को कोई शानदार तरीके से नौकरी कर रहा हो और वो एकदम से कोई नया कारोबार एक दो लोगों के साथ मिलकर शुरू करे तो शंकाएं तो ही हैं, लेकिन संयोग से उनके नये काम को संभालने में माइकल बर्नर ने मदद की तो उनके पति दुष्यंत ने भी उनका साथ दिया।

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इस तरह जनवरी, 2011 में 4 लोगों की टीम ने मिलकर EasilyDo की शुरूआत की। लेकिन आज इनकी कंपनी में 25 से ज्यादा लोग काम करते हैं जो एक दूसरे से ना सिर्फ भलीभांति परिचित हैं बल्कि अपने काम लेकर इनमें उत्साह बना रहता है। हेतल को विश्वास है कि उनके ज्यादातर ग्राहक ऐसे हैं जो स्मॉर्टफोन का इस्तेमाल करते हैं और वो ई-मेल, कैलेंडर, कॉन्टेक्ट और दूसरी सोशल नेटवर्क साइट से जुड़े रहते हैं। आज के दौर में हर चीज के लिए ऐप बाजार में मौजूद है ऐसे में कोई कितने ऐप अपने फोन में डाउनलोड कर सकता है। फर्ज करिये की किसी को हवाई यात्रा करनी है और वो एयरलाइंस से जुड़ी जानकारी के लिए उसका ऐप अपने फोन में डाउनलोड नहीं करना चाहता तो बिना ऐप को डाउनलोड करे EasilyDo सभी जानकारी दे सकता है।

फिलहाल ये ऐप आईफोन और ऐनरोइड दोनों तरह के फोन पर काम करता है। जो हर दिन से जुड़ी जानकारी देता है जो किसी के ईमेल, उसके कैलेंडर और सोशल नेटवर्क साइट पर आधारित होती हैं। ऐसे में किसी को अपने अलग अलग काम के लिए विभिन्न तरह के ऐप की जरूरत नहीं होती। EasilyDo के उपयोगकर्ता अपने काम से जुड़ी दिन भर की जानकारी से अवगत रहता है। ये ऐप मोबाइल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध है और उपयोगकर्ता वहां जाकर इसे अपने फोन में अपलोड कर सकता है। हेतल के मुताबिक EasilyDo की जब शुरूआत की थी तब ये सोच नहीं थी कि इसे कोई भी ग्राहक आसानी से समझ सकता है लेकिन धीरे धीरे इसमें आए बदलाव से आज ये दुनिया के कई देशों में टॉप का ऐप है। हालांकि इस ऐप का कितने लोग इस्तेमाल कर रहे हैं इसका खुलासा कंपनी ने नहीं किया है लेकिन उसका कहना है कि उनसे 48 मिलियन टास्क को पूरा कर लिया है। इन लोगों का विश्वास है कि एक दिन हर स्मॉर्टफोन में इनका ये ऐप होगा। हेतल का कहना है कि EasilyDo इस क्षेत्र का लीडर है और ये लोग ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़कर उनकी मदद करना चाहते हैं।

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