सियासत के कीचड़ में सनी चादर मैली-मैली सी

By जय प्रकाश जय
July 14, 2017, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:16:30 GMT+0000
सियासत के कीचड़ में सनी चादर मैली-मैली सी
जो गुनहगार न हो वह पहला पत्थर मारे, लेकिन सियासत में यह कहावत जरा उल्टी बैठती है...
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आजकल राजनीति में भ्रष्टाचार की बड़ी-बड़ी बातें कोई और नहीं, कुछेक राजनेता और अधिकारी ही कर रहे हैं। सियासत के कीचड़ में सनी लोकतंत्र की मैली-मैली सी चादर पर राजनेता या अधिकारी जब मुंह खोलते हैं, तो ऐसी मसखरी पर बेचारी जनता को हंसी आना लाजिमी है। कहते हैं न, कि जो गुनहगार न हो, वह पहला पत्थर मारे। लेकिन सियासत में यह कहावत जरा उल्टी बैठती है। जो अगर पत्थर मारे कीचड़ पर, तो छींटे किधर जाएंगे, सबसे पहले पत्थर मारने वाले पर।

फोटो साभार: सोशल मीडिया

फोटो साभार: सोशल मीडिया


आजकल राजनीति में भ्रष्टाचार की बड़ी-बड़ी बातें कोई और नहीं, कुछेक राजनेता और अधिकारी ही कर रहे हैं। सियासत के कीचड़ में सनी लोकतंत्र की मैली-मैली सी चादर पर राजनेता या अधिकारी जब मुंह खोलते हैं, तो ऐसी मसखरी पर बेचारी जनता को हंसी आना लाजिमी है। कहते हैं न, कि जो गुनहगार न हो, वह पहला पत्थर मारे। लेकिन सियासत में यह कहावत जरा उल्टी बैठती है। जो अगर पत्थर मारे कीचड़ पर, तो छींटे किधर जाएंगे, सबसे पहले पत्थर मारने वाले पर। कीचड़ की बात पर परसों के उड़ीसा का नामुराद एक वाकया किरकिरी की तरह दिमाग में टपक पड़ा, अभी-अभी। राज्य के मलकानगिरी जिले के बीजेडी विधायक मानस मडकामी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उनके सर्मथक उन्हें गोद में उठाकर कीचड़ से भरे एक इलाके को पार करवाते नजर आ रहे हैं। विधायक जिले के मोतू इलाके की कुछ पंचायतों में चल रही कल्याणकारी योजनाओं का जायज़ा लेने पहुंचे थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि विधायकजी ने सफेद रंग की पतलून पहन रखी है, जूते भी सफेद हैं।

मडकामी कहते हैं कि यह तो समर्थकों के मन में इतना प्यार उमड़ आया कि उन्होंने गोद में उठा लिया। वे मुझे इस तरह उठाकर और पानी से पार करवाकर बेहद खुश महसूस कर रहे थे। ऐसा करने के लिए उन्होंने किसी को मजबूर थोड़े ही किया! एक ऐसा ही वाकया उत्तराखंड में उस वक्त हुआ था, जब जल प्रलय आया था। एक कैमरा मैन अपने ही मीडियाकर्मी के कंधे पर बैठकर फोटो खींच रहा था। तब बड़ी थूथू हुई थी। इसी तरह बिहार में बाढ़ के दौरान एक पुलिस अफसर अपने सिपाही के कंधे पर बैठकर रास्ता नाप रहा था। तो हमारे लोकतंत्र में यह सब खूब चलता है, चिंता की कोई बात नहीं।

आइए, पहले नेताजी लोगों के मुंह से भ्रष्टाचार-भ्रष्टाचार के खेल की कमेंट्री सुनते हैं। पहली कमेंट्री हिमाचल प्रदेश की ओर से गूंज रही है। भाजपा सांसद और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सांसद अनुराग ठाकुर कहते हैं कि सीबीआई भ्रष्ट लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। लालू प्रसाद यादव और हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह देश की राजनीति में भ्रष्टाचार के ऐसे दो बड़े उदाहरण हैं। वीरभद्र सिंह भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं मगर कुर्सी नहीं छोड़ रहे हैं। 

अब आइए, बिहार की कमेंट्री सुनते हैं। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जदयू के दबाव के जवाब में भावुकता भरी सफाई पेश करते हुए लालू प्रसाद के छोटे पुत्र और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कहते हैं कि मैं ईमानदार हूं, तो इस्तीफा क्यों दूं? मूंछ नहीं आई थी, उस समय के आरोप लगाकर लोग मुझे घेरना चाहते हैं। यह भाजपा की साजिश है। मंत्री बनने के बाद मैंने कोई गलत काम नहीं किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरह भ्रष्टाचार को लेकर मैं भी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर चलता हूं। निष्ठा और समर्पण के साथ काम करता हूं। भाजपा समर्थित पत्रकारों को हमारी एकता बर्दाश्त नहीं हो रही है। बोलते-बोलते वह लगे हाथ समाजवाद और राजनीति में शुचिता का पाठ भी पढ़ाने लगते हैं।

अब आइए, गुजरात की ओर रुख करते हैं। वडोदरा में एक बीजेपी नेता जयंती तड़वे पर बलात्कार का आरोप लगा है। यह आरोप आंगनबाड़ी से जुड़ी एक महिला ने लगाया है। आरोप है कि जयंती पिछले 11 महीने से उसके साथ यह सब कर रहे थे। महिला ने गुरुदेश्वर पुलिस थाने में 11 जुलाई को शिकायत दर्ज करवाई है। बात बढ़ने के बाद बीजेपी की तरफ से बुधवार को एक बयान जारी कर बताया गया है कि जयंती तड़वी ने जिला महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, अभी जयंती की गिरफ्तारी नहीं हुई है। महिला ने कैमरे के सामने आकर भी बयान दिया है। इससे पहले महाराष्ट्र में एक बीजेपी नेता रवींद्र बावंथाडे पर चलती बस में लड़की के साथ बलात्कार का मामला दर्ज हुआ था। उसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया वायरल हुआ था।

सियासत की चादर पर एक छींटा कर्नाटक का भी सुर्खियों में है। एआईएडीएमके प्रमुख वीके शशिकला को बेंगलुरू की सेंट्रल जेल में में स्‍पेशल ट्रीटमेंट मिल रहा है। शशिकला का जेल में खाना बनाने के लिए एक्सक्लूसिव किचन बनाया गया है। यह खुलासा कोई और नहीं जेल की वरिष्‍ठ अधिकारी डी रूपा ने अपनी एक रिपोर्ट में करते हुए अपने आला अधिकारियों को निशाने पर ले लिया है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि भ्रष्‍टाचार के आरोप में चार साल की जेल की सजा काट रहीं एआईएडीएमके प्रमुख ने स्‍पेशल किचन बनवाने के लिए जेल अधिकारियों को दो करोड़ रुपए दिए हैं? जेल में इस तरह की गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद वरिष्ठ अफसर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। रूपा ने सेंट्रल जेल के कई उल्लंघनों की बात अपनी जांच रिपोर्ट में लिखकर अपने अधिकारी श्री राव को भेज दी है। यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उन्होंने राज्य के पुलिस प्रमुख सहित अन्य शीर्ष अधिकारियों को रिपोर्ट की कॉपी भेजी है या नहीं।