तकनीक के क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर पहुँचने वाली भारत की पाँच महिलाएँ

By Pooja Goel
June 28, 2015, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:20:58 GMT+0000
तकनीक के क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर पहुँचने वाली भारत की पाँच महिलाएँ
वनिथा नारायणन, नीलम धवन, अरुणा जयंति, कीर्थिगा रेड्डी और कुमुद श्रीनिवासन की सफलता की कहानी
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कौन कहता है कि तकनीक का क्षेत्र पुरुषों के वर्चस्व वाला क्षेत्र है और इस क्षेत्र में पर्याप्त महिलाएं नहीं हैं। जी हां, अगर ड्रॉपआउट्स और बोर्ड में उच्च पदों की बात करें तो वास्तव में यह एक चिंता का विषय है। आइये हम आपको रूबरू करवाते हैं भारतीय तकनीकी जगत में उच्च पदों पर कार्यरत कुछ ऐसी महिलाओं से जो देश और दुनिया की कुछ नवीनतम और महत्वपूर्ण तकनीकी कंपनियों को बखूबी संभाल रही हैं। रोजाना हजारों कर्मचारियों का बखूबी नेतृत्व करने वाली ये महिलाएं व्यापार जगत में उभरती हुई ताकत हैं।

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वनिथा नारायणन, प्रबंध निदेशक, आईबीएम इंडिया प्राईवेट लिमिटेड

वनिथा नारायणन आईबीएम इंडिया प्राईवेट लिमिटेड की प्रबंध निदेशक होने के साथ-साथ भारत और दक्षिण एशिया प्रांत (आईएसए) के लिये क्षेत्रीय महाप्रबंधक की जिम्मेदारी का भी बखूबी निर्वहन कर रही हैं। जनवरी 2013 में इस अग्रणी भूमिका के लिये चुने जाने के बाद से वे भारत के अलावा बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका समेत समूचे दक्षिण एशिया में आईबीएम की हर तरह की बिक्री, मार्केटिंग, सेवाओं और वैश्विक वितरण के संचालन की जिम्मेदार हैं। भारत अभी भी आईबीएम के लिये तेजी से उभरते हुए देशों में एक है और कंपनी के ग्लोबल सर्विसेज डिलीवरी नेटवर्क के लिए एक अहम स्थान बना हुआ है।

वनिथा नारायणन

वनिथा नारायणन


वनिथा वर्ष 1987 में अमरीका में आईबीएम के साथ जुड़ीं और उन्हें विभिन्न देशों में कई प्रकार के उपभोक्ताओं के साथ काम करने का 25 वर्षों से भी अधिक का अनुभव है। वर्ष 2009 के बाद से वे आईबीएम के आईएसए कारोबार का एक महत्वपूर्ण अंग हैं और इस दौरान उन्होंने सेल्स और डिस्ट्रीब्यूशन लीडर की भूमिका बेहतरीन तरीके से निभाई है। इसके अलावा वे हाल ही में कंपनी की ग्लोबल बिजनेस सर्विसेस के लिये मैनेजिंग पार्टनर के रूप में चयनित की गई हैं। इससे पहले वे एशिया प्रशांत क्षेत्र की संचार शाखा की उपाध्यक्ष रहने के अलावा आईबीएम की दूरसंचार समाधान प्रस्तावों की वैश्विक उपाध्यक्ष के पद पर तैनात थीं।

इसके अलावा वे आईबीएम की इंटीग्रेशन और वैल्यू टीम की भी एक सदस्य हैं। इस टीम में कंपनी के वरिष्ठ ग्लोबल एक्जीक्यूटिव्ज को शामिल किया जात है जिन्हें खुद आईबीएम के अध्यक्ष चुनते हैं। वर्ष 2012 में वनिथा को आईबीएम इंडस्ट्री एकेडमी में शामिल किया गया। इसके अलावा वनिथा आईएसए के लिये नेतृत्व विकास और विविधताओं की कई पहलों का भी नेतृत्व कर रही हैं। साथ ही वे महिलाओं को मुख्य भूमिकाओं के लिए तैयार करने की भविष्य की योजनाओं की कार्यकारी प्रायोजक भी हैं।

वनिथा को 2013-14 के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की राष्ट्रीय परिषद की एक सदस्य के रूप में चुना गया था। वे मद्रास विश्वविद्यालय से मार्केटिंग में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में परस्नातक करने के अलावा ह्यूस्टन विश्वविद्यालय से सूचना प्रणाली में बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन में परस्नातक भी कर चुकी हैं।

नीलम धवन, प्रबंध निदेशक, एचपी इंडिया

नीलम धवन हेवलेट-पैकर्ड इंडिया की प्रबंध निदेशक है। उनके जिम्मे एचपी के सेवा, पर्सनल सिस्टम्स और इमेजिंग एवं मुद्रण व्यवसायों के माध्यम से कंपनी के राजस्व और मुनाफे को सुनिश्चित करना है।

नीलम धवन

नीलम धवन


बीपीओ, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, अनुसंधान और आईटी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में काम करने का अनुभव रखने वाली नीलम कंपनी के समस्त व्यापारिक एजेंडे को आकार देने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ एचपी को भारत की सबसे पसंदीदा कंपनी बनाने की दिशा में किये जाने वाले रणनीतिक और काॅर्पोरेट विकास के प्रयासों का नेतृत्व कर रही हैं।

इससे पहले नीलम वर्ष 2005 से 2008 तक माइक्रोसाॅफ्ट इंडिया के साथ प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत थीं। अपने कार्यकाल के दौरान नीलम ने माइक्रोसाॅफ्ट के रणनीतिक कौशल को बेहतर करने के अलावा परिचालन दक्षता और कार्यों के निष्पादन में सुधार किया किया और साथ ही कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और उपभोक्ताओं के प्रति रवैये में आमूलचूल परिर्वतन लाने में सफल रहीं। इस कार्यभार को संभालने से पहले नीलम एचसीएल और आईबीएम के अलावा कई प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों को बखूबी संभाल चुकी हैं।

अरुणा जयंति, सीईओ, केपजैमिनी इंडिया

अरुणा जयंति केपजैमिनी समूह की सबसे बड़ी व्यापारिक इकाइयों में से एक केपजैमिनी इंडिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। अरुणा कंपनी की सभी इकाइयों के संचालन की जिम्मेदारी को संभालने के अलावा 40 हजार से अधिक कर्मचारियों के प्रदर्शन और एकीकरण पर ध्यान देने के साथ-साथ भारत में परामर्श, प्रौद्योगिकी और आउटसोर्सिंग सेवाओं के लिए भी जिम्मेदार हैं। 

अरुणा जयंति

अरुणा जयंति


जनवरी 2011 में सीईओ की भूमिका संभालने से पहले अरुणा केपगैमिनी आउटसोर्सिंग की ग्लोबल डिलीवरी अधिकारी थीं और इस पद पर काम करते हुए विश्व स्तर पर केपगैमिनी के आउटसोर्सिंग संचालन में गुणवत्ता, उत्पादन और लाभप्रदता में इजाफा किया। अरुणा को आईटी सेवा उद्योग में काम करने का 2 दशक से भी अधिक का अनुभव है और वे बहुराष्ट्रीय और एकल, दोनों तरह की कंपनियों में काम कर चुकी हैं। वे यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाहर काम कर चुकी हैं और अब भी उपभोक्ताओं और विश्लेषकों के अलावा कंपनी के कर्मचारियों से मिलने, ग्राहकों की अपेक्षाओं और बाजार का रुख भांपने के लिए लगातार यात्रा करती रहती हैं। सीईओ के पद पर अपनी नियुक्ति के बहुत ही कम समय के भीतर अरुणा ने भारतीय व्यापार की दुनिया में अपनी एक अलग छाप छोड़ने में सफलता पाई है। उन्हें फॉर्च्यून इंडिया की वर्ष 2012 की व्यापार के क्षेत्र की 50 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में तीसरा स्थान मिला। इसके अलावा वे वर्ष 2012 में लगातार दो वर्षों तक बिजनेस टुडे की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में प्रमुखता से स्थान पाती रही हैं। इसके अलावा इंडिया टुडे वुमेन समिट 2013 में अरुणा को इंडिया टुडे वोमेन इन काॅर्पोरेट वल्र्ड से भी सम्मानित किया गया।

कीर्थिगा रेड्डी, कार्यालय प्रमुख, फेसबुक इंडिया

कीर्थिगा रेड्डी भारत में वैश्विक विपणन समाधान टीम का नेतृत्व करने के अलावा शीर्ष क्षेत्रीय संस्थाओं और उपभोक्ताओं के साथ सामरिक संबंधों के निर्माण करने और उन्हें बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कीर्थिगा ने जुलाई 2010 में फेसबुक इंडिया के पहले कर्मचारी के रूप में कार्यभार संभाला और दुनियाभर में कंपनी के उपयोगकर्ताओं, विज्ञापनदाताओं और डेवलपर्स की बढ़ती संख्या का का साथ देते हुए हैदराबाद में भारतीय कारोबार की स्थापना की।

कीर्थिगा रेड्डी

कीर्थिगा रेड्डी


फेसबुक से पहले कीर्थिगा फीनिक्स टेक्नोलॉजीज के भारतीय क्षेत्र के संचालन और उपभोक्ता सुरक्षा कारोबार इकाई की उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक थीं। उन्होंने अमरिका, भारत, जापान, कोरिया और ताइवान में स्थित एक वैश्विक टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने मोटोरोला के साथ उत्पाद प्रबंधन में निदेशक के पद पर कार्य करने के अलावा सिलिकॉन ग्राफिक्स में इंजीनियरिंग के निदेशक पद और बूज एलेन हैमिल्टन में एसोसिएट के रूप में किया है। उन्होंने अपने पेशेवर जीवन का अधिकतर समय कैलिफोर्निया की सिलिकाॅन वैली में गुजारा है।

उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से सफलतापूर्वक एमबीए किया है जिसमें वे आरजे मिलर स्काॅलर के शीर्ष सम्मान के साथ सफल हुईं। इसके अलावा उन्होंने सिरैक्यूज विश्वविद्यालय से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में एम.एस. और भारत के अंबेडकर विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान में बी.ई. किया है।

कीर्थिगा के काम को दुनिभर में मान्यता मिली है और उन्हें कई नामी प्रकाशनों ने भी अपनी सर्वोच्चता की सूची में अहम स्थान दिया है। वर्ष 2013 में फास्ट कंपनी की ओर से व्यापार की दुनिया में 100 सबसे रचनात्मक लोगों की सूची में स्थान बनाने के अलावा वे बिजनेस टुडे द्वारा लोकप्रिय युवा अधिकारी के रूप में भी चुनी ज चुकी हैं। वे फॉर्च्यून इंडिया की भारत की 50 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूचि में भी शामिल हो चुकी हैं। इसके अलावा कीर्थिगा भारत की इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन की उपाध्यक्ष भी हैं। वे बच्चों से संबंधित मुद्दों को लेकर और महिलाओं के विकास को लेकर कई कार्यां में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं।

कुमुद श्रीनिवासन, अध्यक्ष, इंटेल इंडिया

कुमुद श्रीनिवासन भारत में इंटेल के संचालन से संबंधित सामान्य प्रबंधन के लिये जिम्मेदार हैं ओर वे स्थान के समग्र रणनीति, व्यापार के संचालन, संगठनात्मक विकास, इंजीनियरिंग और बाजार के विकास के लिए काम करने के अलावा सरकार, उद्योग जगत और शिक्षण संस्थानों के साथ बेहतर संबंध बनाने का काम संभालती हैं।

कुमुद श्रीनिवासन

कुमुद श्रीनिवासन


इससे पहले कुमुद सिलिकाॅन, साॅफ्टवेयर और सर्विसेज के आईटी विभाग की उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक थीं जहां वे इंटेल के साॅफ्टवेयर ओर हार्डवेयर इंजीनियरों के लिये आईटी समाधान और सेवाओं के वितरण का काम संभालती थीं। कुमुद वर्ष 1987 में इंटेल में शामिल हुईं और इंटेल के मैन्यूफैक्चरिंग ओर आईटी संगठनों में कई महत्वपूर्ण व्यापारिक और सूचना प्रणाली से संबंधित पदों को बखूबी संभाला है।

इसके अलावा श्रीनिवासन सिरैक्यूज विश्वविद्यालय के स्कूल आॅफ इंफाॅर्मेशन स्टडीज़ के सलाहकार बोर्ड की एक सदस्य भी है। साथ ही वे बैंगलोर के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ इंफाॅर्मेशन टेक्नाॅलाॅजी की गवर्निग बाॅडी की सदस्य भी हैं। वे अनिता बोर्ग संस्थान की भारतीय परिषद पर भी कार्यरत हैं।

श्रीनिवासन ने वर्ष 1981 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में अपनी स्नातक की डिग्री प्राप्त की और इसके बाद वर्ष 1984 में सिरैक्यूज विश्वविद्यालय से सूचना और पुस्तकालय अध्ययन में मास्टर की डिग्री प्राप्त करने में सफल रहीं। इसके अलावा वे कैलिफोर्निया के बर्कले विश्वविद्यालय से सूचना विज्ञान में डॉक्टरेट पर शोध कोे पूरा कर चुकी हैं।

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