जानिए कैसे निवेश की दुनिया को आसान बना रहा है स्टार्टअप Tarrakki

तरक़्क़ी का मतलब 'समृद्धि' होता है. हम निवेश सेवाओं को सुलभ बनाकर 1.5 अरब भारतीयों के जीवन में समृद्धि लाने के मिशन पर हैं. ये बात नए जमाने के फिनटेक स्टार्टअप Tarrakki के को-फाउंडर सौम्य शाह ने YourStory से बात करते हुए कही.

जानिए कैसे निवेश की दुनिया को आसान बना रहा है स्टार्टअप Tarrakki

Thursday December 28, 2023,

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भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते फिनटेक बाजारों में से एक है. भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री का मार्केट साइज साल 2021 में 50 बिलियन डॉलर था और इसके 2025 तक ~$150 बिलियन होने का अनुमान है. ये आंकड़े InvestIndia से जुटाए गए हैं. अहमदाबाद स्थित स्टार्टअप Tarrakkiभारत के बढ़ते फिनटेक स्टार्टअप्स की लिस्ट में अपनी खास पहचान बनाने में कामयाब रहा है.

यह स्टार्टअप फाइनेंस सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनियों और बैंकों को टेक इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइड करता है ताकि वे प्रोडक्ट्स तैयार कर सकें. इसकी शुरुआत साल 2019 में सौम्य शाह (Saumya Shah) और अतुल परमार (Atul Parmar) ने की थी.

Tarrakki को Afthonia Labs में इन्क्यूबेट किया गया है, जोकि इकलौता ऐसा इन्क्यूबेटर है जो सिर्फ फिनटेक स्टार्टअप्स के लिए है.

Tarrakki के को-फाउंडर सौम्य शाह ने YourStory से बात करते हुए कहा, "तरक़्क़ी का मतलब होता है — 'समृद्धि'. हम निवेश सेवाओं को सुलभ बनाकर 1.5 अरब भारतीयों के जीवन में समृद्धि लाने के मिशन पर हैं."

सौम्य आगे बताते हैं, "हम वेल्थ मैनेजमेंट प्रोडक्ट्स के लिए एक एम्बेडेड फाइनेंस फिनटेक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं. हम प्लग-एंड-प्ले API (application programming interface), SDK (software development kit) आदि का निर्माण करते हैं जिनका उपयोग फिनटेक/बैंक/निवेश सलाहकारों द्वारा किया जा सकता है जो अपनी निवेश पेशकशों को डिजिटल बनाना चाहते हैं. हम एक छत के नीचे म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट, डिजिटल गोल्ड, सिल्वर और अन्य जैसे विभिन्न इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स को एकत्रित और पेश करते हैं. हमारे साझेदार 80% से अधिक लागत बचाने और हमारे इन्फ्रास्ट्रक्चर के उपयोग से 8-10 गुना तेजी से बाजार में बढ़ने में सक्षम हैं."

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Tarrakki अपने प्लेटफॉर्म के जरिए बेचे जाने वाले फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स पर कमीशन कमाता है. इसके अलावा, यह APIs से भी रेवेन्यू हासिल करता है.

को-फाउंडर का दावा है कि उन्होंने स्टार्टअप को शुरु करने के लिए व्यक्तिगत रूप से इसमें एक करोड़ रुपये का निवेश किया है. सौम्य शाह बताते हैं, "हमारा सालाना वार्षिक रेवेन्यू 100K डॉलर है और हम 15%+ MoM की दर से बढ़ रहे हैं."

Tarrakki ने साल 2021 में अपने सीड फंडिंंग राउंड में 3.5 करोड़ जुटाए हैं.

इस बिजनेस को खड़ा करने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा? इसके जवाब में को-फाउंडर सौम्य शाह कहते हैं, "अलग-अलग एसेट क्लासेज में मैन्युफैक्चरर द्वारा शुरुआती स्टेज की टेक्नोलॉजी अपनाने से शुरुआती समस्याएं पैदा होती हैं. बड़े BFSIs (Banking and Financial Services Institutions) के साथ काम करना एक समय लेने वाली प्रक्रिया मानी जाती है."

अंत में, Tarrakki को लेकर भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए सौम्य शाह बताते हैं, "वर्तमान में 15 से अधिक पार्टनर हमसे जुड़े हुए हैं. आने वाले समय में, हम अधिक इन्वेस्टमेंट और सेविंग्स प्रोडक्ट्स के लिए इन्फ्रा स्टैक जोड़ने पर विचार कर रहे हैं. हमने हाल ही में एफडी लॉन्च की है, हम स्टैक में बॉन्ड, एफडी-समर्थित कार्ड और म्यूचुअल फंड्स पर लोन आदि को जोड़ेंगे."