ग्रामीण उत्तर भारत में मुफ्त कोविड परामर्श प्रदान करता है यह हेल्थटेक स्टार्टअप

2018 में एक प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया बिगओहेल्थ (BigOHealth) उत्तर भारत के कुछ ही जिलों में चालू है, लेकिन अब परामर्श के लिए देश भर से कॉल आ रहे हैं।
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"कॉलेज में केवल कुछ अंक प्राप्त करने के लिए बनाई गई वेबसाइट बिहार के पटना, मोतिहारी और गोपालगंज जैसे कई जिलों में कई लोगों की जिंदगियां बचाने की कोशिश कर रही है। एक 24 वर्षीय कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट गौरव ने 2019 में साथी बैचमेट शुभम श्रेयस के साथ दिल्ली स्थित इस प्लेटफॉर्म की आधिकारिक तौर पर स्थापना की।"

गौरव राजपूत ने 2018 में एक ऑनलाइन डॉक्टर कंसल्टेशन पोर्टल BigOHealth पर काम करना शुरू किया था। फोन पर बातचीत करते हुए गौरव कहते हैं, "हम उस समय अपने प्रोफेसरों को कुछ दिखाने के लिए सिर्फ एक संभावित वेबसाइट पर काम कर रहे थे। यह कोई सीरियस वेंचर नहीं था।"

BigOHealth App

उन्हें शायद ही इस बात का अंदाजा रहा हो कि जो एक स्टूडेंट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुआ है वह तीन साल बाद लोगों के जीवन पर एक बड़ा प्रभाव डालेगा।

कॉलेज में केवल कुछ अंक प्राप्त करने के लिए बनाई गई वेबसाइट बिहार के पटना, मोतिहारी और गोपालगंज जैसे कई जिलों में कई लोगों की जिंदगियां बचाने की कोशिश कर रही है। एक 24 वर्षीय कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट गौरव ने 2019 में साथी बैचमेट शुभम श्रेयस के साथ दिल्ली स्थित इस प्लेटफॉर्म की आधिकारिक तौर पर स्थापना की। उसी साल नेक्सस स्टार्टअप इन्क्यूबेटर द्वारा स्टार्टअप को इनक्यूबेट किया गया।

गौरव कहते हैं,

“हमने देखा कि बरेली जैसे जिलों के लोग दिल्ली में एम्स में इलाज के लिए आ रहे थे, और कभी-कभी इलाज कराने से पहले कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता था। इसलिए हमने ऑनलाइन कंसल्टेशन डेवलप करने के बारे में सोचा वो भी केवल ग्रामीण भारत के लिए।”

COVID-19 की पहली लहर के बीच उपभोक्ता परिचालन पिछले साल अप्रैल में शुरू हुआ था। गौरव कहते हैं, ''उस समय हमारे पास मोतिहारी और पटना में परामर्श देने वाले कुछ डॉक्टर थे।"

आज, प्लेटफॉर्म के पास पटना, दिल्ली, सीवान, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और गोपालगंज में मरीजों को ऑनलाइन परामर्श देने के लिए लगभग 150 डॉक्टर हैं। COVID-19 के लिए रोगी मुफ्त परामर्श ले सकते हैं, जबकि स्त्री रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक, त्वचा विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और सामान्य चिकित्सक व अन्य विशेषज्ञ 199 रुपये और 1,500 रुपये के बीच फीस लेते हैं।

जैसा कि COVID-19 की दूसरी लहर पूरे जोरों पर है, महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, बिहार और कर्नाटक सहित कई राज्यों में प्रतिदिन संक्रमण दर में उछाल देखी जा रही है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कम से कम तीन लाख एक्टिव केस हैं, जिनमें गांव भी शामिल हैं। चिंताजनक बात ये है कि 2020 में पहली लहर के विपरीत, वायरस अब देश के ग्रामीण हिस्सों को तेजी से प्रभावित कर रहा है।

वह कहते हैं,

“पूरे बिहार में मामले खतरनाक दर से बढ़ रहे हैं। कुछ दिनों पहले, एक सात महीने का बच्चा कोविड पॉजिटिव पाया गया था। आवश्यक उपचार प्रदान करने के लिए कोई डॉक्टर नहीं थे। परिवार हमारे पास पहुंचा और हमने उन्हें बाल रोग विशेषज्ञ के साथ कनेक्ट किया।"

गौरव के मुताबिक, डॉक्टरों पर इतना बोझ है कि कुछ मामलों में वे उन रोगियों का इलाज भी नहीं करते हैं जिनका कोविड टेस्ट निगेटिव आया होता है लेकिन उन्हें अन्य गंभीर बीमारियां हैं।

हालांकि BigOHealth कुछ ही जिलों में चालू है लेकिन कंसल्टेशन के लिए देश भर से फोन आ रहे हैं। स्टार्टअप के पास एक मार्केटिंग टीम है, जो अस्पतालों और डॉक्टरों के पास जाती है और ऐप के बारे में बताकर उन्हें जोड़ती है। ऐप की प्राथमिक भाषा हिंदी है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नेविगेट करने में आसान बनाती है।

हेल्पलाइन नंबर पर हर दिन 100-200 कॉल आती हैं, और फरवरी 2021 तक 12,500 मरीजों का इलाज किया गया है। लेटेस्ट नंबर अभी तक नहीं जोड़े गए हैं क्योंकि दूसरी लहर के बाद फोन लगातार बज रहे हैं। इससे पहले कि देरी हो जाए, टीम जितना संभव हो सके उतने रोगियों तक उपचार पहुंचाने पर केंद्रित है।

Edited by Ranjana Tripathi

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