बजट 2026: क्रिप्टो रिपोर्टिंग में चूक पर अब लगेगा जुर्माना, नए पेनल्टी नियम की घोषणा
बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्रिप्टो लेनदेन की रिपोर्टिंग में चूक पर नए जुर्माने का ऐलान किया. गलत या अधूरी जानकारी देने पर पैनल्टी लगेगी. इसका मकसद टैक्स चोरी रोकना, पारदर्शिता बढ़ाना और डिजिटल एसेट सेक्टर में अनुपालन मजबूत करना है.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में क्रिप्टो सेक्टर के लिए सख्त अनुपालन नियमों की घोषणा की है. सरकार ने साफ कर दिया है कि अब क्रिप्टो एसेट से जुड़े लेनदेन की रिपोर्टिंग में लापरवाही करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा. इसका मकसद डिजिटल एसेट सेक्टर पर निगरानी मजबूत करना और टैक्स चोरी को रोकना है.
बजट में इनकम टैक्स एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है. इसके तहत क्रिप्टो लेनदेन की जानकारी तय समय पर न देने वाली रिपोर्टिंग संस्थाओं पर 200 रुपये प्रति दिन का जुर्माना लगेगा. वहीं गलत जानकारी देने या गलती सुधारने में चूक करने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा. ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे.
सरकार के इस कदम का क्रिप्टो एक्सचेंजों ने स्वागत किया है. उनका कहना है कि इससे रिपोर्टिंग के नियम स्पष्ट होंगे और यूजर्स का जोखिम कम होगा. CoinDCX के को फाउंडर सुमित गुप्ता ने कहा कि बजट 2026 क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स के लिए अनुपालन को मजबूत करता है. इससे वर्चुअल डिजिटल एसेट में टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी और इंडस्ट्री एक सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ेगी.
इसी तरह CoinSwitch के को फाउंडर आशीष सिंघल ने भी इस फैसले को सकारात्मक बताया. उन्होंने कहा कि 200 रुपये रोजाना का जुर्माना और गलत रिपोर्टिंग पर 50 हजार रुपये का दंड क्रिप्टो इंडस्ट्री में टैक्स और रिपोर्टिंग के उच्च मानक तय करता है.
हालांकि इंडस्ट्री से जुड़ी कुछ आवाजें अभी भी चिंता जता रही हैं. उनका कहना है कि जब तक 1 प्रतिशत टीडीएस और 30 प्रतिशत फ्लैट टैक्स जैसे कड़े नियमों में राहत नहीं दी जाती, तब तक ग्रोथ और इनोवेशन पर असर पड़ सकता है. आशीष सिंघल ने कहा कि मौजूदा टैक्स ढांचा कई निवेशकों और स्टार्टअप्स को विदेशी प्लेटफॉर्म की ओर धकेल सकता है, जिससे यूजर्स कानूनी और वित्तीय जोखिम में पड़ सकते हैं.
यह फैसला ऐसे समय आया है जब हाल ही में Financial Intelligence Unit ने क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए नए सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं. इन नियमों के तहत नए यूजर्स की पहचान के लिए लाइव सेल्फी, लोकेशन ट्रैकिंग और बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया गया है. सरकार का मानना है कि इन कदमों से मनी लॉन्ड्रिंग और गलत गतिविधियों पर रोक लगेगी.
कुल मिलाकर बजट 2026 में क्रिप्टो सेक्टर के लिए संदेश साफ है. सरकार पारदर्शिता और अनुपालन चाहती है. अब आगे यह देखना होगा कि सख्त निगरानी के साथ टैक्स ढांचे में संतुलन कैसे बनाया जाता है, ताकि भारत में वेब3 और डिजिटल एसेट का भविष्य सुरक्षित और मजबूत रह सके.
(Translated by: रविकांत पारीक)



