बजट 2026: UPI और RuPay को बड़ा बूस्ट, सरकार देगी 2,000 करोड़ का इंसेंटिव
बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने UPI और RuPay इंसेंटिव के लिए 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया. जीरो MDR व्यवस्था के बीच यह कदम डिजिटल पेमेंट को मजबूती देगा, फिनटेक कंपनियों को राहत देगा और कैशलेस इंडिया को आगे बढ़ाएगा.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड से जुड़े इंसेंटिव स्कीम के लिए 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. यह राशि पिछले साल सरकार द्वारा खर्च की गई कुल रकम के बराबर है.
पिछले वित्त वर्ष में UPI इंसेंटिव के लिए शुरुआत में केवल 437 करोड़ रुपये रखे गए थे. बाद में पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया के सुझावों के बाद इसे बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया था. इस बार बजट में शुरुआत से ही इतनी बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है.
यह इंसेंटिव इसलिए अहम है क्योंकि UPI और RuPay डेबिट कार्ड फिलहाल जीरो मर्चेंट डिस्काउंट रेट व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं. इसका मतलब है कि दुकानदारों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर कोई शुल्क नहीं देना पड़ता. आमतौर पर यही शुल्क भुगतान सिस्टम, फ्रॉड रोकथाम और सेटलमेंट जैसी सेवाओं का खर्च निकालता है.
जीरो एमडीआर व्यवस्था ने देश में डिजिटल पेमेंट को तेजी से अपनाने में बड़ी भूमिका निभाई है. भारत की UPI प्रणाली ने 2025 में नए रिकॉर्ड बनाए. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार सालाना UPI ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़कर 228.3 अरब हो गई, जो एक साल पहले 172.2 अरब थी. वहीं लेनदेन की कुल वैल्यू 246.8 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 299.7 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई.
आज UPI देश का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बन चुका है और इसके 50 करोड़ से ज्यादा यूनिक यूजर्स हैं. सरकार का मानना है कि अभी इसमें और विस्तार की काफी संभावनाएं हैं. यही वजह है कि फिलहाल एमडीआर लागू करने से परहेज किया जा रहा है.
एमडीआर से होने वाली कमाई न होने के कारण फिनटेक कंपनियों को सरकार की इंसेंटिव स्कीम पर काफी हद तक निर्भर रहना पड़ता है. PhonePe और Paytm जैसी कंपनियां UPI से जुड़ी सेवाओं का खर्च निकालने के लिए इन्हीं प्रोत्साहनों पर निर्भर हैं. लंबे समय से इंडस्ट्री यह मांग करती रही है कि UPI पर एमडीआर लागू किया जाए ताकि बिजनेस मॉडल टिकाऊ बन सके.
बजट के ऐलान के बाद शेयर बाजार में भी असर दिखा. Paytm के शेयरों में एक प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई. वहीं MobiKwik के शेयर चार प्रतिशत से ज्यादा चढ़े. Paytm देश का तीसरा सबसे बड़ा UPI ऐप है और यह करीब 100 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन के जरिए एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन करता है.
सरकार को उम्मीद है कि यह इंसेंटिव डिजिटल भुगतान को और मजबूत करेगा. साथ ही भारत को कैशलेस इकॉनमी की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेगा.
(Translated by: रविकांत पारीक)



