2 कर्मचारियों से शुरू हुई, 4 साल में 840 कर्मचारी वाली कंपनी 'MnM'

MnM का मार्केट रिर्सच में अंतरराष्ट्रीय कारोबार...मार्केट रिर्सच के क्षेत्र में नामचीन कंपनियों को टक्कर...500 कंपनियां हैं MnM क्लाइंट

2 कर्मचारियों से शुरू हुई, 4 साल में 840 कर्मचारी वाली कंपनी 'MnM'

Sunday June 21, 2015,

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युवा भारतीयों की कंपनियां वैश्विक स्तर पर दूसरी कंपनियों से दो दो हाथ कर रही हैं। इनकी कहानियों में रोमांच भी है। ऐसा ही कुछ जब टीयर2 भारतीय शहर पुणे के रहने वाले दो भारतीय युवाओं ने चार साल पहले अपना काम शुरू किया तो वो आज कई विदेशी नामचीन कंपनियों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। MarketsandMarkets नाम की उनकी ये कंपनी आज विश्व की नंबर दो रिसर्च फर्म है जो प्रीमियम रिसर्च अध्ययन उपलब्ध कराती है।

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MarketsandMarkets के संस्थापक और सीईओ संदीप सुगला हैं। इस रिसर्च कंपनी ने साल भर के दौरान 10 कंपनियों की 400 से ज्यादा रिसर्च रिपोर्ट तैयार की। कंपनी ने चालू वित्तीय वर्ष में 7 मिलियन डॉलर का कारोबार किया। जबकि कंपनी को उम्मीद है कि वो इसे बढ़ाकर 35 मिलियन डॉलर के आसपास ले जा सकती है। MnM ने अपने आप को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में स्थापित कर लिया है। अब इनकी नजर ऐसी जगहों पर है जहां पर ज्यादा आय हो और जिसको खोजने में दूसरी कंपनियां कामयाब नहीं हुई हों। नई सोच और मेहनत का ही नतीजा है कि MnM की सहयोगी कई कंपनियां फॉर्चून 500 में शामिल हैं। जैसे आईबीएम, सिस्को, मॉइक्रोसॉफ्ट, सेमसंग आदि। ग्राहकों के भरोसे और अत्याधुनिक तकनीकी विकास के कारण आज रिसर्च के इस क्षेत्र में MnM को चुनौती देने वाला कोई नहीं है। फिलहाल कंपनी के पास सबसे ज्यादा ग्राहक फॉर्चून 500 में शामिल कंपनियां हैं खास तौर से टीयर 1 भारतीय आईटी कंपनियां इसमें शामिल हैं। साल 2010 में कंपनी की शुरूआत दो सदस्यों के साथ हुई थी जो साल 2013 में बढ़कर 260 हो गई और आज के दिन कंपनी में काम करने वालों की संख्या 840 है।

MnM का मानना है कि मार्केट रिसर्च तभी प्रभावी है जब उसके इस्तेमाल से ग्राहक को विकास में मदद मिले। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ये लोग ग्राहकों की उम्मीद से अधिक अपने काम में लचीलापन लाते हैं। अपने प्लेटफॉर्म में इन लोगों ने जनवरी 2014 में आरटी नाम से एक मॉडल को ईजाद किया है। जिसमें तय समय के अंदर बाजार का निरीक्षण करने की क्षमता है। उदाहरण के लिए अगर देश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ती है और सभी ऑटमोटिव के उत्पादन में उछाल आता है तो MnM आसानी से बता देगा कि इस बदलाव से किस खास चीज पर कैसा असर पड़ेगा। संदीप के मुताबिक “हमारे विश्लेषक लगातार बाजार को ट्रैक करते रहते हैं और ऐसी खास चीजों की पहचान करते हैं जिन पर कारोबारी दिग्गज आपस में बात करते हैं। हम परिपक्क बाजार की जगह नये बाजार पर ज्यादा ध्यान देते हैं।”

MnM के संस्थापक संदीप ने अपने काम की शुरूआत महाराष्ट्र के शोलापुर में इंटरनेट कैफे से शुरू की थी। बड़े सपने देखने वाले संदीप को अपना ये कारोबार जल्दी ही बंद कर पुणे आना पड़ा और यहां पर उन्होने कन्सल्टिंग फर्म आईबीएन शुरू कर दी। जो मार्केट रिसर्च के साथ अनुबंध के आधार परपरामर्श का काम करती थी। जैसे जैसे कंपनी का विस्तार होता गया वैसे वैसे इसमें भी बदलाव आते गए और ये आईबीएन से एमएनएम बन गई। साल 2013 में ये अकेली ऐसी नई कंपनी थी जिसने अपने यहां सबसे ज्यादा लोगों को नौकरी दी थी। तब MnM ने कई बड़े बड़े बी स्कूल जैसे आईआईएम, आईएसबी, एक्सएलआरआई और एफडीआई के लोगों को अपने यहां काम करने का मौका दिया। जबकि इन लोगों की कोर टीम में ऐसे लोग थे जिन्होने मैकिन्से, यूबीसी, आईडीसी, इंफोसिस जैसी कंपनियों में काम किया हुआ था। कंपनी के पास चार्टड एकाउंटेंट, पीएचडी और एमबीए लोगों की मजबूत टीम है।

हालांकि वैश्विक स्तर पर मौजूद कई बड़ी कंपनियों ने अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के विकास पर रिसर्च और नए अनुप्रयोगों के लिए MnM के साथ हाथ मिलाया है। तो वहीं भारत में बहुत कम लोगों को इस कंपनी के बारे में जानकारी है।

MnM अपने यहां सबसे ज्यादा वर्क कल्चर पर ध्यान देती है। यहां काम करने वाले हर व्यक्ति को इस तरह तैयार किया जाता है कि वो ये सोचे कि वो बिलियन डॉलर कंपनी का सीईओ है। यहां हर कर्मचारी के पास मौका है कि वो ना सिर्फ अपनी राय दे बल्कि ऐसे लोगों के साथ काम करे जो फॉर्चून 500 कंपनियों के बड़े अधिकारी हों। एक अनुमान के मुताबिक वैश्विक स्तर पर बी2बी सूचना सेवाओं का बाजार करीब 200 बिलियन डॉलर का है और इन लोगों को तलाश है ऐसे खास क्षेत्रों की जहां पर आय के ज्यादा मौके हों। फिलहाल कंपनी को सबसे ज्यादा आय नॉर्थ अमेरिका से हो रही है। MnM की योजना अब अपने काम को अगले स्तर पर ले जाने की है। जहां पर ये ग्लोबल कॉन्फ्रेस, कन्सल्टिंग के माध्यम से अपना विकास जारी रखें। आज के वक्त में कंपनी की 90 प्रतिशत आमदनी मार्केट रिसर्च से होती है जबकि इन लोगों का अनुमान है कि ऐसे ही दूसरे क्षेत्र भी हैं जहां पर इतनी ही आमदनी हासिल की जा सकती है।