गांधीनगर रेलवे स्टेशन बना पूरी तरह से महिला कर्मचारियों वाला देश का पहला स्टेशन

By yourstory हिन्दी
February 20, 2018, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:15:18 GMT+0000
गांधीनगर रेलवे स्टेशन बना पूरी तरह से महिला कर्मचारियों वाला देश का पहला स्टेशन
 देश का वो रेलवे स्टेशन जहां सिर्फ महिलाएं करती हैं काम...
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एक वक्त था जब रेलवे जैसे विभाग में सिर्फ पुरुष ही काम करते थे। लेकिन वक्त ने करवट बदली है और जयपुर का गांधीनगर रेलवे स्टेशन देश का ऐसा स्टेशन बन गया है जहां सिर्फ महिलाएं ही काम करती हैं। हालांकि इसकी प्रक्रिया काफी दिनों से चल रही थी, लेकिन बीते मंगलवार को उत्तर पश्चिमी रेलवे के जनरल मैनेजर टीपी सिंह ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी। 

प्लेटफॉर्म पर ट्रेन को रवाना करती महिला कर्मचारी

प्लेटफॉर्म पर ट्रेन को रवाना करती महिला कर्मचारी


यहां तैनात रेलवे सुरक्षा बल में भी सभी 7 जवान महिलाएं हैं। स्टेशन पर टिकट कलेक्टर के तौर पर वंदना शर्मा को तैनात किया गया है। मंगलवार को जब जनरल मैनेजर ने इसकी घोषणा की तो सभी महिला कर्मचारियों ने खुद को गौरान्वित महसूस किया। 

एक वक्त था जब रेलवे जैसे विभाग में सिर्फ पुरुष ही काम करते थे। लेकिन वक्त ने करवट बदली है और जयपुर का गांधीनगर रेलवे स्टेशन देश का ऐसा स्टेशन बन गया है जहां सिर्फ महिलाएं ही काम करती हैं। हालांकि इसकी प्रक्रिया काफी दिनों से चल रही थी, लेकिन बीते मंगलवार को उत्तर पश्चिमी रेलवे के जनरल मैनेजर टीपी सिंह ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी। जयपुर दिल्ली के मुख्य रेल लाइन पर पड़ने वाले इस स्टेशन से हर रोज लगभग 50 ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें से 25 ट्रेनें स्टेशन पर भी रुकती हैं। उत्तर पश्चिमी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी तरुण जैन ने कहा जनरल मैनेजर टीपी सिंह ने ही इसके बारे में सोचा था और डिविजनल रेलवे मैनेजर सुमय माथुर ने इसे आगे बढ़ाया।

जैन ने बताया कि इस स्टेशन से हर रोज लगभग 7 हजार यात्री सफर करते है। इस स्टेशन पर स्टेशन मास्टर से लेकर पॉइन्ट्स मैन तक सभी 32 महिला कर्मचारी को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि गांधीनगर स्टेशन के आसपास कई सारे कॉलेज और कोचिंग सेंटर होने के कारण यहां आने वाले यात्रियों में बड़ी संख्या में लड़कियां और महिलाएं हैं। महिला कर्मचारियों को पूर्ण आत्मविश्वास से कार्य करने के लिये खास प्रशिक्षण दिया गया है। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर सीसीटीवी लगाए गए हैं, जिससे स्टेशन स्थित थाने में वास्तविक समय में गतिविधियों को देखा जा सके।

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यहां नीलम जाटव को गीता देवी, सरोज कुमारी धाकड़ और एंजेल स्टेला को असिस्टेंट स्टेशन मास्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है। इतना ही नहीं यहां तैनात रेलवे सुरक्षा बल में भी सभी 7 जवान महिलाएं हैं। स्टेशन पर टिकट कलेक्टर के तौर पर वंदना शर्मा को तैनात किया गया है। मंगलवार को जब जनरल मैनेजर ने इसकी घोषणा की तो सभी महिला कर्मचारियों ने खुद को गौरान्वित महसूस किया। जीएम टीपी सिंह ने सभी कर्मचारियों को बधाई दी और अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। सिंह ने कहा, 'महिलाओं ने हमेशा से खुद को साबित किया है कि वह किसी मामले में पुरुषों से कमतर नहीं हैं। इसलिए ये हम सभी के लिए हर्ष का विषय है कि गांधीनगर रेलवे स्टेशन पूरी तरह से महिलाओं द्वारा संचालित किया जाएगा।'

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हालांकि पहले भी मुंबई का उपनगरीय लोकल स्टेशन माटुंगा महिलाओं द्वारा ही संचालित किया जा रहा है, लेकिन मेन लाइन का पहला स्टेशन गांधीनगर बन गया है। ये सभी महिलाएं पूरी तल्लीनता से काम कर रही हैं। अभी हाल ही में एक संदिग्ध व्यक्ति बिना टिकट के प्लेटफॉर्म पर घूम रहा था तो वंदना और अपूर्वा ने उसे धर दबोचा और उस पर 260 रुपये का जुर्माना भी वसूला।

भारतीय रेलवे के साथ एक साल से काम कर रहीं एंजेला स्टेला ने कहा कि वह नई जिम्मेदारियों को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि सिर्फ एक साल की सर्विस में एक ऐसे स्टेशन की जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी जो पूरी तरह से महिलाओं द्वारा संचालित होगा। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है।'

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