जानिए कैसे COVID-19 के संकट से निपटने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं ये महिला नेता

कोरोनावायरस (COVID-19) महामारी के दौरान दुनिया भर की महिला नेता जबरदस्त काम कर रही हैं।

इस समय पुरी दुनिया कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी से जंग लड़ रही है। वहीं इस जंग में महिलाओं के नेतृत्व में ताइवान, जर्मनी और न्यूजीलैंड जैसे देशों ने प्रारंभिक, वैज्ञानिक हस्तक्षेप, व्यापक परीक्षण, गुणवत्ता उपचार तक पहुंच, सोशल डिस्टेंशिंग के माध्यम से घातक महामारी पर अंकुश लगाने में काफी हद तक सफलता पाई हैं।


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(L-R) पहली पंक्ति- ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न

(L-R) दुसरी पंक्ति- फ़िनलैंड की प्रधानमंत्री सनना मारिन, आइसलैंड की प्रधानमंत्री कैटरीन जकोब्स्दोतिर, भारत में, केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा


प्रारंभिक हस्तक्षेप के अलावा, ताइवान अब यूरोपीय संघ (ईयू) की मदद करने के लिए लाखों फेस मास्क का निर्यात कर रहा है।


ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन (Tsai Ing-wen) के नेतृत्व में, ताइवान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से दूर होने के बावजूद भी आगे निकल गया और बीजिंग द्वारा उसके क्षेत्र के रूप में दावा किया गया।


चांसलर एंजेला मर्केल के नेतृत्व में जर्मनी में सबसे गहन देखभाल और सबसे बड़े पैमाने पर कोरोनावायरस परीक्षण कार्यक्रम चलाया गया है।


न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न पहले से ही एक सफेद वर्चस्ववादी द्वारा मुसलमानों की घातक सामूहिक शूटिंग से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सर्कल में लोकप्रिय थीं। उन्होंने सख्त बंदूक नियंत्रण कानून लागू किया।


COVID-19 के बीच, प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने न्यूजीलैंड की सीमाओं को विदेशी आगंतुकों के लिए बंद कर दिया, हालांकि यह एक ऐसा देश था जो पर्यटन पर बहुत अधिक निर्भर था।


उन्होंने देश के चार सप्ताह के लॉकडाउन की भी घोषणा की, जिसमें सभी गैर-जरूरी श्रमिकों को घर पर रहने की आवश्यकता थी।


देश में अब तक केवल 20 लोगों की मौत हुई है। और महामारी का व्यापक तौर पर परीक्षण किया गया।


फ़िनलैंड की प्रधानमंत्री, 34 वर्षीय सनना मारिन को महामारी से निपटने के लिए तैयारियों के लिए सराहना मिली।



आइसलैंड की प्रधानमंत्री कैटरीन जकोब्स्दोतिर के नेतृत्व वाले प्रशासन ने शुरुआती, आक्रामक रूप से केस-ट्रेसिंग और संदिग्ध मामलों को रोकने का हस्तक्षेप किया।


भारत में, केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा को COVID-19 संकट से निपटने के लिए देश भर में सराहना मिली। इसके साथ ही केरल मॉडल पूरे देश में लागू किया गया।


केरल ने जल्दी हस्तक्षेप किया और देशव्यापी तालाबंदी से पहले प्रभावित राज्यों में तालाबंदी लागू की।


वर्तमान में, केरल में सबसे अधिक रिकवरी रेट है और सबसे कम मामले हैं।


कोरोनावायरस महामारी के ताजा आंकड़ों पर एक नज़र डाली जाए तो 35,10,611 सकारात्मक मामले हैं और 2,45,474 लोगों की मौत हो चुकी हैं। वहीं सिर्फ 11,32,646 लोग की रिकवर कर पाए हैं।


भारत के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 40,263 पॉजीटिव केस हैं और 1323 लोग अपनी जान गँवा चुके हैं। 10,886 लोग रिकवर कर चुके हैं।



Edited by रविकांत पारीक