देश के पहले ऑल वुमेन ग्लोबल डिलीवरी सेंटर का उद्घाटन, महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने का उद्देश्य

इस पहल के तहत नागपुर केंद्र महिलाओं के लिए उच्च स्तर की नौकरियां सृजित करके नीयामो में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए एक मंच तैयार करेगा. यह केंद्र वर्तमान में 85 से अधिक महिलाओं को रोजगार देता है और 2023 की समाप्ति से पहले यह संख्या 200 तक बढ़ाने की योजना है.

देश के पहले ऑल वुमेन ग्लोबल डिलीवरी सेंटर का उद्घाटन, महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने का उद्देश्य

Sunday July 03, 2022,

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महाराष्ट्र सरकार की नारी शक्ति फ्रेमवर्क के तहत ग्लोबल पेरोल और EOR की अग्रणी कंपनियों में से एक नीयामो ने नागपुर में कंपनी ऑल वुमेन ग्लोबल डिलीवरी सेंटर का उद्घाटन किया है. यह कंपनी का पहला महिला केंद्र है.

इस पहल के तहत नागपुर केंद्र महिलाओं के लिए उच्च स्तर की नौकरियां सृजित करके नीयामो में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए एक मंच तैयार करेगा. यह केंद्र वर्तमान में 85 से अधिक महिलाओं को रोजगार देता है और 2023 की समाप्ति से पहले यह संख्या 200 तक बढ़ाने की योजना है.

इसमें उद्योग जगत के नेताओं और विशेषज्ञों के साथ प्रशिक्षण सत्र शामिल होंगे, जो नीयामो की महिला कर्मचारियों का उत्थान करने, उनको शिक्षित करने और उनके कौशल को बढ़ाने में मदद करेंगे. इसका उपयोग वैश्विक ग्राहकों का समर्थन करने के लिए प्रौद्योगिकी गुरुओं, पेरोल विशेषज्ञों, कार्यान्वयन विशेषज्ञों और ग्राहक सहायता अधिकारियों की एक टीम के साथ तकनीक-संचालित नौकरियों के सृजन के लिए भी किया जाएगा.

बता दें कि, इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने की. वहीं, नारी शक्ति फ्रेमवर्क की शुरुआत सितंबर, 2021 में महाराष्ट्र सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमती ठाकुर द्वारा शुरू किया गया था.

साल 2009 में स्थापित नीयामो के पास करीब 3000 कर्मचारी हैं. अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से, कंपनी ने कई टियर II और III शहरों में अपने व्यापार केंद्र स्थापित किए हैं और आगे भारत के 20 शहरों में इसी तरह के केंद्र स्थापित करने का इरादा रखता है.

नीयामो बहुराष्ट्रीय और सूक्ष्म बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए ग्लोबल पेरोल और EOR सॉल्यूशंस बनाने मुहैया कराने वाली टेक्नोलॉजी आधारित कंपनी है. यह अपनी सेवाएं 190 से अधिक देशों में मुहैया कराती है.

नीयामो के सीईओ रंगराजन शेषाद्रि ने कहा कि महिलाएं विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) स्ट्रीम में से केवल 28 फीसदी वर्कफोर्स मुहैया कराती हैं और नेयामो में हम इसमें बदलाव लाना चाहते हैं. हम हमेशा एक ऐसा कार्यक्षेत्र बनाने में अगला कदम

उठाने में विश्वास करते हैं जहां हमारे सभी कर्मचारी सशक्त महसूस करते हैं. हमारा नागपुर अखिल महिला केंद्र इस विश्वास का प्रमाण है. नीयामो के नारी शक्ति फ्रेमवर्क के तहत यह पहल नागपुर जैसे टियर II शहरों में महिलाओं के लिए एक मंच बनाने में मदद करेगी.

शेषाद्रि के अनुसार, नीयामो अगले 12-18 महीनों में 1,000 से अधिक लोगों को नियुक्त करने की योजना बना रही है. वह अपना वर्कफोर्स बढ़ाकर 400-4500 तक करेगी.

STEM फील्ड में महिलाओं की कम भागीदारी पर सवाल:

एसटीईएम में खास तौर पर भारतीय जेंडर बायस भी महिलाओं के लिए प्रगति में बाधा डालते हैं. सबसे साफ बात यह है कि भारत का राष्ट्रीय श्रम बाजार महिला अनुकूल नहीं है.ILO के अनुमानों के अनुसार, सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से भारत में सबसे कम महिला श्रम शक्ति भागीदारी दर है.

बढ़ती अर्थव्यवस्था और महिला शिक्षा में वृद्धि के बावजूद, भारत में महिला श्रम भागीदारी दर वास्तव में घट रही है. 2000 के दशक के मध्य में 32 प्रतिशत से यह साल 2019 में 21 प्रतिशत पर आई और साल 2021 में केवल 19 प्रतिशत रह गई है। यह संख्या बांग्लादेश के 35 और श्रीलंका के 31 फीसदी से भी कम है.

विश्व बैंक के अनुमानों से पता चलता है कि भारत में दुनिया में सबसे कम महिला श्रम शक्ति भागीदारी दर है, जिसमें एक तिहाई से भी कम महिलाएं हैं. यह 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र की की ऐसी महिलाएं हैं जो काम कर रही हैं या सक्रिय रूप से नौकरी की तलाश में हैं.