क्रिप्टो प्लेटफॉर्म CoinTracker की भारत में एंट्री, युजर को कैसे मिलेगा फायदा ?

अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित CoinTrackerने हाल ही में भारतीय बाज़ार में एंट्री की है. यह एक क्रिप्टो टैक्स कंपलायंस और पोर्टफोलियो ट्रैकिंग स्टार्टअप है. CoinTracker द्वारा पेश किए गए क्रिप्टो टैक्स कंपलायंस और पोर्टफोलियो ट्रैकिंग प्रोडक्ट्स अब भारत में क्रिप्टो यूजर्स के लिए उपलब्ध हैं. स्टार्टअप के सीईओ जॉन लर्नर ने हाल ही में इसके भारत में प्रवेश करने को लेकर घोषणा की थी.

जॉन लर्नर ने कहा, "CoinTracker में हमारा मिशन दुनिया की वित्तीय स्वतंत्रता और समृद्धि को बढ़ाना है, और हम मानते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी की मुख्यधारा को अपनाना इसका एक प्रमुख प्रवर्तक है. हम भारत में क्रिप्टोकरेंसी को तेजी से अपनाते हुए देखकर रोमांचित हैं."

स्टार्टअप भारत में क्रिप्टो अपनाने और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भागीदारों और समुदाय के साथ सहयोग करना चाहता है. भारतीय क्रिप्टो यूजर्स के साथ जुड़ने के अलावा, इसका उद्देश्य देश में अपनी स्थानीय टीम बढ़ाने के लिए कर्मचारियों को हायर करना भी है.

जैसा कि स्टार्टअप अपने यूजर्स के लिए अनुभव, समर्थन और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, इसने एक व्यापक गाइड जारी किया है जो भारत में वित्त अधिनियम और क्रिप्टो कर नियमों की वर्तमान स्थिति की व्याख्या करता है.

वित्त अधिनियम 2022 (Finance Act 2022) के माध्यम से, भारत सरकार ने क्रिप्टो ट्रांजेक्शन से आय पर फ्लैट 30% टैक्स लगाया है. टैक्स नियम यूजर्स को एक क्रिप्टो ट्रांजेक्शन से दूसरे से लाभ के खिलाफ अपने नुकसान की भरपाई करने की अनुमति नहीं देते हैं. इसके अतिरिक्त, क्रिप्टो ट्रांसफर पर एक प्रतिशत TDS 1 जुलाई, 2022 से लागू हो जाएगा.

भारतीय यूजर्स को कैसे मिलेगा फायदा?

CoinTracker का टैक्स कंपलायंस प्रोडक्ट भारतीय यूजर्स को किसी भी सेंट्रलाइज्ड या डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज पर ट्रांजेक्शन से अपनी क्रिप्टो टैक्स लायबिलिटी को ट्रैक करने में मदद करेगा. यूजर्स को प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी वॉलेट डिटेल्स देनी होगी, जो स्वचालित रूप से टैक्स लायबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगा जिसका उपयोग टैक्स का भुगतान करने और आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए किया जा सकता है.

इस बारे में लर्नर ने कहा था, "लोगों के लिए क्रिप्टोकरेंसी खरीदना, ट्रांजेक्शन को ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है और सही टूल के बिना टैक्स का पालन करना लगभग असंभव है. हमने इस समस्या को मूल रूप से हल करने के लिए CoinTracker का निर्माण किया है और भारत में अपने प्रोडक्ट्स लॉन्च करके हम बेहद उत्साहित हैं."

CoinTracker प्लेटफॉर्म भारतीय उपयोगकर्ताओं को क्रिप्टो लेनदेन के लिए टैक्स रिपोर्ट तैयार करके अपने चार्टर्ड एकाउंटेंट (CAs) को जोड़ने की अनुमति देता है.