दिल्‍ली MCD के चुनावों में महिलाओं का जलवा, 55 फीसदी सीटों पर लहराया जीत का परचम

By yourstory हिन्दी
December 08, 2022, Updated on : Thu Dec 08 2022 09:39:05 GMT+0000
दिल्‍ली MCD के चुनावों में महिलाओं का जलवा, 55 फीसदी सीटों पर लहराया जीत का परचम
दिल्‍ली एमसीडी चुनावों में इस बार महिलाओं ने बाजी मार ली है. आम आदमी पार्टी को मिली 134 सीटों में से 73 सीटों पर महिला उम्‍मीदवार जीती हैं.
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राजनीति में महिलाओं के पुरुषों के बराबर प्रतिनिधित्‍व का सवाल 21वीं सदी में भी भारत के लिए चुनौती ही बना हुआ है. यूएन विमेन की एक रिपोर्ट कहती है कि किसी भी देश के लिए राजनीति और संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्‍व उस देश में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक स्थिति को आंकने का पैमाना है.


फिलहाल भारत के लिए यह सवाल अब भी चुनौती है क्‍योंकि पड़ोसी देशों पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश के मुकाबले भी देश की संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्‍व का प्रतिशत बहुत कम है. लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण का बिल पिछले तेईस सालों से अटका पड़ा है.


लेकिन इन दुखते सवालों के बीच एक खुशी की बात ये हुई है कि दिल्‍ली नगर निगम के चुनावों में इस बार महिलाओं ने बाजी मार ली है. 55 फीसदी सीटों पर जीतकर महिलाओं ने नगर नगर चुनावों में नया इतिहास बनाया है. यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 3 फीसदी ज्‍यादा है, जब 2017 के एमसीडी चुनावों में 52 फीसदी सीटों पर महिला उम्‍मीदवारों ने जीत हासिल की थी.   


पिछले साल की तरह इस साल भी जीत का सेहरा आम आदमी पार्टी के सिर बंधा है, जिसने 250 में से 134 सीटों पर जीत दर्ज की है. दूसरे नंबर पर बीजेपी है, जिसे 104 सीटों पर जीत मिली है. नौ सीटों के साथ कांग्रेस तीसरे नंबर पर है.

आम आदमी पार्टी की कुल 134 सीटों में से 73 सीटों पर महिला प्रत्‍याशियों ने विजय का परचम लहराया है. वहीं बीजेपी की 136 महिला उम्मीदवारों में से 52 महिलाओं ने जीत हासिल की है.  


हालांकि महिलाओं के बड़ी संख्‍या मे जीतकर आने की उम्‍मीद पहले भी की जा रही थी क्‍योंकि इस बार सभी पार्टियों ने बड़ी संख्‍या में महिला उम्‍मीदवारों को मैदान में उतारा था. दिल्‍ली एमसीडी चुनावों में महिला उम्‍मीदवारों के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित हैं. लेकिन सभी पार्टियों ने 50 फीसदी से कहीं ज्‍यादा टिकट महिला उम्‍मीदवारों को दिए.


कुल 1349 सीटों के लिए आप, बीजेपी और कांग्रेस समेत सभी पार्टियों ने अपने उम्‍मीदवार खड़े किए थे, जिसमें से 709 महिला प्रत्याशी थीं, जबकि पुरुष प्रत्याशियों की संख्‍या 640 थी. यह संख्‍या 50 फीसदी से कहीं ज्‍यादा थी, जिसके तहत सिर्फ 104 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं.


सबसे ज्‍यादा महिला प्रत्‍याशियों को आप ने चुनावी मैदान में उतारा. आप ने 250 सीटों में से 140 सीटों पर महिला प्रत्‍याशियों और 110 सीटों पर पुरुष प्रत्‍याशियों को टिकट दिया. बीजेपी इस मामले में दूसरे नंबर पर रही, जिसने 137 महिला प्रत्‍याशियों और 113 पुरुष प्रत्‍याशियों को चुनावी मैदान में उतारा. कांग्रेस के 247 प्रत्‍याशी मैदान में थे, जिनमें से 134 महिलाएं और 113 पुरुष थे.  


हालांकि 9 सीटों के साथ कांग्रेस इस चुनाव में और भी ज्‍यादा सिमटकर रह गई है, लेकिन कांग्रेस की एक प्रत्‍याशी शगुफ्ता चौधरी ने 15,193 मतों के अंतर से जीत हासिल की है. यह निकाय चुनावों में वोटों का दूसरा सबसे बड़ा अंतर है.

 

दिल्ली की तीन पूर्व महिला महापौर नीमा भगत, सत्या शर्मा और कमलजीत सहरावत भी बीजेपी के टिकट से इस बार MCD के चुनावों में खड़ी हुई थीं. तीनों चुनाव जीत गई हैं.


दिल्‍ली एमसीडी के चुनाव हर पांच साल में होते हैं. 2017 के चुनावों में बड़ी पार्टियों के अलावा बसपा, इंडियन नेशनल लोक दल और समाजवादी पार्टी के कुछ उम्मीदवारों ने भी जीत हासिल की थी. इस साल के चुनाव में एक भी वॉर्ड में छोटे दलों का कोई प्रत्‍याशी नहीं जीता है. बशर्ते तीन निर्दलीय उम्मीदवारों को जरूर जीत हासिल हुई है.


Edited by Manisha Pandey