10,000 करोड़ रु के फंड के साथ सरकार ने लॉन्च किया Startup India Fund of Funds 2.0
सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के Startup India Fund of Funds 2.0 को लॉन्च कर दिया है. इसका मकसद देश में स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग को आसान बनाना और नए इनोवेशन को बढ़ावा देना है. यह नया फंड पहले शुरू किए गए Fund of Funds for Startups (FFS 1.0) का अगला चरण है.
भारत सरकार ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ताकत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने ₹10,000 करोड़ के Startup India Fund of Funds 2.0 को लॉन्च कर दिया है. इसका मकसद देश में स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग को आसान बनाना और नए इनोवेशन को बढ़ावा देना है.
यह नया फंड पहले शुरू किए गए Fund of Funds for Startups (FFS 1.0) का अगला चरण है. FFS 1.0 को साल 2016 में Startup India Action Plan के तहत लॉन्च किया गया था. उस समय इसका लक्ष्य स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग गैप को कम करना और घरेलू निवेश को बढ़ाना था. अब उसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने FoF 2.0 पेश किया है.
इस फंड के जरिए ₹10,000 करोड़ की राशि सीधे स्टार्टअप्स को नहीं दी जाएगी. बल्कि यह पैसा अलग अलग Alternative Investment Funds (AIFs) के जरिए निवेश किया जाएगा. ये AIFs आगे स्टार्टअप्स में निवेश करेंगे. इससे ज्यादा स्टार्टअप्स तक फंडिंग पहुंच पाएगी.
सरकार का फोकस खास तौर पर कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर रहेगा. इसमें डीप टेक स्टार्टअप्स, शुरुआती ग्रोथ स्टेज वाले स्टार्टअप्स, टेक्नोलॉजी आधारित मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां और इनोवेशन पर काम करने वाले नए उद्यम शामिल हैं. इसका मतलब है कि अब सिर्फ बड़े स्टार्टअप ही नहीं, बल्कि छोटे और उभरते स्टार्टअप्स को भी मौका मिलेगा.
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए एक खास सिस्टम तैयार किया गया है. AIFs के चयन के लिए Venture Capital Investment Committee बनाई जाएगी. इसमें स्टार्टअप दुनिया के अनुभवी लोग शामिल होंगे. साथ ही एक Empowered Committee भी होगी जो पूरे फंड की निगरानी करेगी.
इस स्कीम को लागू करने की जिम्मेदारी Small Industries Development Bank of India (SIDBI) को दी गई है. इसके अलावा एक और घरेलू एजेंसी को भी चुना जाएगा जो इस प्रक्रिया में सहयोग करेगी.
नीति और दिशा निर्देश जारी करने का काम Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) करेगा.
इस पहल का सीधा फायदा भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा. इससे नए इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा. देश में मैन्युफैक्चरिंग मजबूत होगी. युवाओं के लिए नए रोजगार बनेंगे. साथ ही भारत को एक ग्लोबल इनोवेशन हब बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम साबित हो सकता है.
सरकार का लक्ष्य साफ है. वह भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना चाहती है. ऐसे में Startup India FoF 2.0 जैसे कदम इस विजन को मजबूत आधार देते हैं. यह सिर्फ एक फंड नहीं है, बल्कि भारत के भविष्य के लिए निवेश है.



