2023 में पड़ोसी देश चीन और पाकिस्‍तान से ज्‍यादा बढ़ेगी भारत में लोगों की सैलरी- सर्वे

By yourstory हिन्दी
October 27, 2022, Updated on : Thu Oct 27 2022 08:40:49 GMT+0000
2023 में पड़ोसी देश चीन और पाकिस्‍तान से ज्‍यादा बढ़ेगी भारत में लोगों की सैलरी- सर्वे
ECA Salary Trends ने इस सर्वे के लिए दुनिया के 68 देशों की 360 मल्‍टीनेशनल कंपनियों से डेटा कलेक्‍ट किया है.
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इस वक्‍त जब पूरी दुनिया में मंदी और आर्थिक संकट के बादल मंडरा रहे हैं, भारत के लिए न सिर्फ राहत देने, बल्कि खुश करने वाली एक खबर आ रही है. ईसीए सैलरी ट्रेंड्स (ECA Salary Trends) का ग्‍लोबल सर्वे कह रहा है कि अगले साल यानी 2023 में भारत में नौकरीपेशा लोगों की तंख्‍वाहें बढ़ने वाली हैं. सर्वे के मुताबिक भारत में नौकरी कर रहे लोगों की सैलरी में बढ़ोतरी हमारे पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्‍तान के मुकाबले भी ज्‍यादा रहेगी.    


ECA Salary Trends ने इस सर्वे के लिए दुनिया के 68 देशों की 360 मल्‍टीनेशनल कंपनियों से डेटा कलेक्‍ट किया है, जिसके आधार पर उन्‍होंने दुनिया के उन टॉप 10 देशों की रैंकिंग जारी की है, जहां सबसे ज्‍यादा सैलरी हाइक होगा.  


 ECA Salary Trends के इस सर्वे के मुताबिक भारत अगले साल दुनिया के उस टॉप 10 देशों में होगा, जहां नौकरीपेशा लोगों की तंख्‍वाहों में सबसे ज्‍यादा बढ़ोतरी होगी. हालांकि दुनिया के इन देशों की सूची में भारत के अलावा हमारे पड़ोसी देश चीन, पाकिस्‍तान, वियतनाम और सऊदी अरब भी शामिल हैं. लेकिन सैलरी हाइक की देशवार रैंकिंग में भारत की स्थिति चीन और पाकिस्‍तान से आगे है. यदि इस सर्वे की मानें तो कुल मिलाकर भारत की अर्थव्‍यवस्‍था चीन से बेहतर परफॉर्म करेगी, जिसके परिणामस्‍वरूप यहां नौकरीपेशा लोगों की तंख्‍वाहों में बढ़ोतरी का प्रतिशत इन देशों के मुकाबले ज्‍यादा रहेगा. 


हालांकि यह सर्वे यह भी कह रहा है कि पड़ोसी देश पाकिस्‍तान और श्रीलंका में लोगों की सैलरी कम हो सकती है. श्रीलंका के हालात तो किसी से छिपे नहीं हैं, लेकिन इस सर्वे के मुताबिक पाकिस्‍तान का इकोनॉमिक परफॉर्मेंस भी इस साल बहुत संतोषजनक नहीं है. लेकिन दक्षिण एशिया और तीसरी दुनिया के मुकाबले सबसे मुश्किल हालात यूरोप में पैदा होने वाले हैं, जहां लोगों की सैलरी बढ़ना तो दूर, बल्कि कम होने की आशंका जताई जा रही है.  


यूरोप में लोगों की बेसिक सैलरी कम होने की उम्‍मीद है, जिसका सबसे बड़ा कारण संभवत: यह है कि आगामी वैश्विक मंदी का असर यूरोप पर भी पड़ने वाला है. हाल ही में आए रॉयटर्स के एक सर्वे में दुनिया भर के 279 अर्थशास्त्रियों ने यह अनुमान जताया है कि मंदी का सबसे ज्‍यादा असर फर्स्‍ट वर्ल्‍ड देशों पर पड़ेगा और तीसरी दुनिया के देश इससे प्रभावित तो होंगे, लेकिन उनकी अर्थव्‍यवस्‍था को ज्‍यादा नुकसान नहीं होगा. 


ECA Salary Trends के सर्वे के मुताबिक यूरोप में भी सबसे ज्‍यादा प्रभावित यूके रहेगा, जहां नौकरीपेशा लोगों की सैलरी में सबसे ज्‍यादा कमी आने की आशंका जताई जा रही है. सर्वे के मुताबिक वहां तंख्‍वाहों में 5.6 फीसदी तक की कमी आ सकती है.  

 

किन देशों में कितनी बढ़ेगी सैलरी

सर्वे में देशवार एक लिस्‍ट दी गई है, जिसमें बताया गया है कि वर्ष 2023 में किन देशों में सैलरी में कितनी फीसदी की कमी या बढ़ोतरी हो सकती है. ये लिस्‍ट इस प्रकार है-  

भारत - 4.6 फीसदी

वियतनाम - 4 फीसदी

ब्राजील - 3.4 फीसदी

सउदी अरब - 2.3 फीसदी

मलेशिया - 2.2 फीसदी

कंबोडिया - 2.2 फीसदी

थाइलैंड - 2.2 फीसदी

ओमान - 2 फीसदी

रूस - 1.9 प्रतिशत

इन देशों में नौकरीपेशा लोगों की सैलरी में दर्ज होगी गिरावट

पाकिस्तान - 9.9 फीसदी

घाना - 11.9 फीसदी

टर्की - 14.4 फीसदी

श्रीलंका - 20 फीसदी

अर्जेंटीना -  26.1 फीसदी  


Edited by Manisha Pandey