एडटेक प्लेटफॉर्म Vedantu ने 3 महीने में तीसरी बार छंटनी की, मई में 624 को नौकरी से निकाला था

कंपनी ने मई में दो बार में 624 फुल टाइम और कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारियों को निकाल दिया था जो कि कंपनी की कुल संख्या का 10 फीसदी थे. स्टार्टअप ने रिस्ट्रक्चरिंग करने के तहत अपनी सेल्स और ट्रेनिंग टीमों से लोगों की छंटनी की है.

एडटेक प्लेटफॉर्म Vedantu ने 3 महीने में तीसरी बार छंटनी की, मई में 624 को नौकरी से निकाला था

Wednesday August 03, 2022,

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फंडिंग जुटाने में समस्याओं का सामना कर रहीं एडटेक कंपनियों में से एक एडटेक यूनिकॉर्न Vedantu ने पिछले तीन महीने में तीसरी बार छंटनी की है. कंपनी ने हाल ही में 100 कर्मचारियों को निकाल दिया है.

इससे पहले कंपनी ने मई में दो बार में 624 फुल टाइम और कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारियों को निकाल दिया था जो कि कंपनी की कुल संख्या का 10 फीसदी थे. स्टार्टअप ने रिस्ट्रक्चरिंग करने के तहत अपनी सेल्स और ट्रेनिंग टीमों से लोगों की छंटनी की है.

ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म के सीईओ वामसी कृष्णा ने कहा कि मुश्किल भरी बाहरी परिस्थितियों के कारण हमें यह एक कठिन फैसला लेना पड़ा है. कृष्णा ने इस छंटनी के लिए रूस-यूक्रेन युद्ध, आर्थिक मंदी की आशंका, अमेरिका द्वारा की जा रही मौदिक्र नीति में सख्ती आदि को जिम्मेदार ठहराया है।

उन्होंने आगे कहा कि आगामी तिमाहियों में मुश्किल होगी। Covid का प्रभाव घटने के साथ, स्कूल और ऑफलाइन एजुकेशन खुलने से, पिछले 2 वर्षों के दौरान वेदांतु को 9 गुना मिली हाइपर ग्रोथ के बार फिर से मॉडरेट होने की आशंका है.

फंडिंग जुटाने में हो रही देरी और ऑफलाइन शिक्षण संस्थानों के फिर से शुरू होने से कई एडटेक कंपनियां अपनी लागत पर लगाम लगाने के लिए कड़े कदम उठा रही हैं। इन कदमों में कर्मचारियों की छंटनी भी शामिल है.

6 हजार कर्मचारियों को निकाल चुकी हैं एडटेक कंपनियां

साल 2022 की शुरुआत से अब तक 6 हजार कर्मचारियों को एडटेक कंपनियां निकाल चुकी हैं. आर्थिक संकट का हवाला देते हुए फरवरी में लीडो लर्निंग ने 1200 कर्मचारियों को निकाल दिया था.

वहीं, सॉफ्टबैंक समर्थित अनअकेडमी ने सेल्स और मार्केटिंग और कुछ कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारियों को मिलाकर 750 लोगों को निकाला है. बायजू ने भी व्हाईटहैट जूनियर और टॉपर से 500 कर्मचारियों को निकालने दावा किया है.

फ्रंटरो और उदय ने क्रमश: 300 और 100 कर्मचारियों को निकाला है. उदय की को-फाउंडर सौम्या यादव ने तो यहां तक कहा दिया है कि वह अपना कारोबार बंद कर देंगी और 8.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग निवेशकों को वापस लौटा देंगी. एरुडिटस ने भी जून 2022 में 80 लोगों को कंपनी से निकाला था. जबकि 2021 में इस 1300 लोगों को हायर किया था.