वर्ल्‍ड इकोनॉमिक फोरम में रघुराम राजन ने भारत के बारे में क्‍या कहा?

By yourstory हिन्दी
January 18, 2023, Updated on : Thu Jan 19 2023 05:38:12 GMT+0000
वर्ल्‍ड इकोनॉमिक फोरम में रघुराम राजन ने भारत के बारे में क्‍या कहा?
यह कहना जल्दबाजी होगी कि भारत चीन की जगह ले सकता है. - रघुराम राजन
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स्विट्जरलैंड के दावोस में इन दिनों वर्ल्‍ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) का शिखर सम्मेलन चल रहा है. इस सम्‍मेलन की एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पिछले दिनों भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन प्रेस से मुखातिब थे.


उस प्रेस ब्रीफिंग में दौरान किसी ने उनसे विश्व बैंक द्वारा हाल ही में जारी वार्षिक रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए सवाल पूछा कि क्‍या भारत जल्‍द ही चीन की जगह ले सकता है. इस पर रघुराम राजन का जवाब था, “यह कहना जल्दबाजी होगी कि भारत विश्व आर्थिक विकास को प्रभावित करने में चीन की जगह ले लेगा.” उन्‍होंने कहा कि चीन के मुकाबले भारत बहुत छोटी अर्थव्‍यवस्‍था है और यह तर्क देना अभी समय से बहुत आगे की बात करना है.  


हालांकि उन्‍होंने इस बात से इनकार भी नहीं किया कि आने वाले समय में स्थितियों में कुछ बदलाव भी देखने को मिल सकता है. आखिर भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है.  


रघुराम राजन से यह सवाल पूछे जाने के पीछे एक वजह थी तीन दिन पहले आई एक खबर, जिसमें कहा गया है कि चीन की अर्थव्‍यवस्‍था की विकास दर इस साल बहुत खराब रही है. इस वर्ष चीन की इकोनॉमी में सिर्फ 3 फीसदी का इजाफा हुआ है, जो कि पिछले 40 सालों में सबसे कम है. हालांकि रिपोर्ट में इसके लिए कोविड महामारी और  अचल संपत्ति के संकट को जिम्मेदार ठहराया गया है.


इतना ही नहीं, इस इकोनॉमिक रिपोर्ट के एक दिन पहले आई एक और रिपोर्ट कह रही है कि 1960 के बाद से 2022 में पहली बार चीन की जनसंख्‍या दर में भी कमी आई है. ऐसी संभावना व्‍यक्‍त की जा रही है कि भारत जल्‍द ही जनसंख्‍या के मामले में चीन को पीछे छोड़ सकता है.

इसके अलावा चीन और भारत के बीच इस तरह की तुलना की एक बड़ी वजह यह भी है कि यह दोनों ही देश दक्षिण एशिया की दो बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाएं हैं और दोनों के बीच लगातार खींचतान चलती रहती है. पिछले दिनों आगामी मंदी की संभावनाओं को लेकर जितनी भी भविष्‍यवाणियां की जा रही हैं, उनमें बार-बार ये कहा जा रहा है कि भारत इस मंदी के असर से अछूता रहेगा.


इन तमाम वजहों से वर्ल्‍ड इकोनॉमिक फोरम में रघुराम राजन से यह सवाल पूछा गया, जिसमें दोनों देशों की अर्थव्‍यवस्‍थाओं की तुलना करते हुए जल्‍द ही भारत के चीन को पीछे छोड़कर आगे निकल जाने की संभावना व्‍यक्‍त की गई थी. लेकिन जाहिर तौर पर रघुराम राजन इस संभावना को लेकर बहुत मुतमईन नहीं नजर आए.


आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने कहा कि चीनी अर्थव्यवस्था में होने वाला कोई भी सुधार वैश्विक विकास की संभावनाओं को भी बढ़ावा देगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस समय नीति निर्माताओं की नजर श्रम और आवास बाजारों की ओर है.  


इस प्रेस ब्रीफिंग में अमेरिका के बारे में बात करते हुए राजन ने कहा कि अमेरिका में मकानों की बिक्री तो कम नहीं हो रही है, लेकिन यह भी सच है कि रियल एस्टेट की कीमतों में भी कोई कमी नहीं आ रही है.


Edited by Manisha Pandey