महिला कॉन्स्टेबल ने पेश की मिसाल, रोते हुए लावारिस बच्चे को कराया स्तनपान

मामला हैदराबाद के बेगमपेट इलाके के अफजलगंज पुलिस थाने का है, जहां एक महिला अपने दो माह के बेटे को एक व्यक्ति को पकड़ाकर चली गई। महिला ने उस्मानिया अस्पताल के पास इरफान नाम के एक व्यक्ति से कहा कि वह थोड़ी ही देर में वापस आ रही है, लेकिन वह नहीं आई।

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के प्रियांका (सोशल मीडिया)

स्त्री की ममता असीम होती है, फिर चाहे उसका पेशा कुछ भी हो। हैदराबाद में एक महिला पुलिस कॉन्स्टेबल ने एक लावारिस दुधमुंहे बच्चे को स्तनपान कराकर जो मिसाल कायम की है वह अतुलनीय है। मामला हैदराबाद के बेगमपेट इलाके के अफजलगंज पुलिस थाने का है, जहां एक महिला अपने दो माह के बेटे को एक व्यक्ति को पकड़ाकर चली गई। महिला ने उस्मानिया अस्पताल के पास इरफान नाम के एक व्यक्ति से कहा कि वह थोड़ी ही देर में वापस आ रही है, लेकिन वह नहीं आई। 


काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब वह महिला वापस नहीं लौटी तो इरफान ने बच्चे को दूध पिलाने की कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से संपर्क किया। सबने बच्चे को पुलिस को सौंप देने की बात कही। उस वक्त अफजलगंज पुलिस थाने में कॉन्स्टेबल एम. रविंदर मौजूद थे। रविंदर ने फिर अपनी पत्नी प्रियंका से यह बात बताई। प्रियंका भी पुलिस कॉन्स्टेबल हैं और फिलहाल मातृत्व अवकाश का लाभ ले रही हैं।


इसके बाद प्रियंका पुलिस थाने आईं और बच्चे को अपने पास ले लिया। एएनआई के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, 'जैसे ही मुझे जानकारी मिली मैंने तुरंत कैब बुक की और अफजलगंज पुलिस थाने पहुंच गई। मैं भी एक छोटे बच्चे की मां हूं तो इसलिए समझ सकती हूं कि छोटा बच्चा भूख की वजह से कैसे तड़पता है। मैंने तुरंत बच्चे को स्तनपान कराया जिसके बाद वह चुप हो गया।' पुलिस ने इसके बाद बच्चे को सरकारी मातृत्व अस्पताल पटेलबुर्ज में सौंप दिया। 


हालांकि बाद में पुलिस ने बच्चे की मां का पता लगा लिया। पुलिस ने बताया कि बच्चे की मां का नाम शबाना है और वह कूड़ा बीनने का काम करती है। बताया जा रहा है कि वह शराब के नशे में धुत थी और इस वजह से वापस नहीं आ पाई। ईस्ट जोन के डीसीपी एम रमेश ने एक बयान जारी कर कहा, 'शबाना जोर जोर से रो रही थी और अपने बच्चे की तलाश कर रही थी। इसके बाद पुलिस उसे लेकर अस्पताल गई जहां उस बच्चे को रखा गया था। शबाना ने अपने बच्चे को पहचान लिया।' कॉन्स्टेबल रमेश और उनकी पत्नी प्रियंका को उनके सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया।

इस स्टोरी को इंग्लिश में भी पढ़ें

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