बैंकिंग और पेमेंट्स के बीच की दूरी खत्म करने निकला स्टार्टअप plutos ONE
UPI बूम के बीच फिनटेक स्टार्टअप plutos ONE बना रहा है भारत का पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर. नोएडा स्थित स्टार्टअप की स्थापना फरवरी 2022 में रोहित महाजन और रजत गुलाटी ने की थी. यह बैंकों के लिए टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर की तरह काम करता है. इसका फोकस पेमेंट्स को प्रोसेस करने और स्केल करने पर है.
भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम आज दुनिया भर में एक मिसाल बन चुका है. मार्च 2026 में UPI ट्रांजैक्शन ने एक नया रिकॉर्ड बनाया. National Payments Corporation of India (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने कुल ₹29.53 लाख करोड़ के लेन-देन हुए, जबकि ट्रांजैक्शन की संख्या 22.64 अरब तक पहुंच गई. यह पिछले साल की तुलना में करीब 19% की बढ़ोतरी है और फरवरी 2026 के ₹26.84 लाख करोड़ से भी काफी ज्यादा है.
यह आंकड़े साफ बताते हैं कि आज UPI देशभर में रोजमर्रा के पैसों के लेन-देन का सबसे बड़ा और भरोसेमंद माध्यम बन चुका है.
UPI और NPCI जैसे प्लेटफॉर्म्स ने डिजिटल पेमेंट को नई पहचान दी है, लेकिन इसके पीछे एक मजबूत टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर काम करता है. इसी स्पेस में फिनटेक स्टार्टअप अपनी खास पहचान बना रहा है. इसके फाउंडर और CEO रोहित महाजन (Rohit Mahajan) हैं जबकि रजत गुलाटी (Rajjat Gulati) को-फाउंडर हैं.
हाल ही में YourStory ने रोहित महाजन से बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपने अब तक के सफर, चुनौतियों और सीख को विस्तार से साझा किया.
रोहित महाजन का बचपन एक छोटे शहर में बीता. परिवार बिजनेस से जुड़ा था. घर में हमेशा कारोबार की बातें होती थीं. रिस्क, ग्रोथ और जिम्मेदारी जैसे शब्द बचपन से ही उनके लिए आम थे.
रोहित बताते हैं, “मैं एक छोटे शहर की बिजनेस फैमिली से आता हूं. वहां बड़े मौके नहीं थे, लेकिन चाह थी कुछ करने की. बचपन से ही समझ आ गया था कि अगर रिस्क लोगे, तो जिम्मेदारी भी आपकी होगी. इसी माहौल ने मुझे ओनरशिप और अकाउंटेबिलिटी सिखाई. यही सोच आगे चलकर मेरे हर फैसले की नींव बनी.”
कॉलेज के दौरान उन्होंने लीडरशिप रोल्स लिए. स्टूडेंट्स का प्रतिनिधित्व किया. फैसले लिए. लोगों को साथ लेकर काम किया. यहीं से असली ओनरशिप का अनुभव मिला.
शुरुआती करियर और फिनटेक की ओर रुझान
रोहित की जर्नी सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रही. उन्होंने बहुत जल्दी काम शुरू कर दिया था. दिल्ली में दोस्तों के साथ एक साइबर कैफे चलाया. उस समय वह महीने के करीब दो लाख रुपये कमा रहे थे. यह उनके लिए पहला स्टार्टअप जैसा अनुभव था.
इसके बाद उन्होंने अलग अलग जगह काम किया. फिर उन्होंने MICA से पढ़ाई की, जहां से उन्हें मार्केटिंग और कंज्यूमर बिहेवियर की समझ मिली. इसके बाद Zee Group के साथ काम किया और Zee Business लॉन्च करने का हिस्सा बने.
रोहित महाजन बताते हैं, “शुरुआत में साइबर कैफे चलाना मेरे लिए बड़ा सीखने वाला अनुभव था. वहां मैंने समझा कि यूनिट इकॉनॉमिक्स क्या होती है और कस्टमर क्या चाहता है. बाद में Zee Business में काम करते हुए मुझे फाइनेंशियल सिस्टम को करीब से देखने का मौका मिला. यही वो समय था, जब मुझे लगा कि फिनटेक में बहुत बड़ा मौका है.”
इसके बाद उन्होंने K5 Brand Solutions शुरू किया. यह प्लेटफॉर्म बैंकों और ब्रांड्स के साथ काम करता था. यहीं से उनका झुकाव पेमेंट सिस्टम और बैंकिंग की ओर बढ़ा.
plutos ONE की शुरुआत
करीब 2018 के आसपास रोहित को NPCI के इकोसिस्टम के साथ काम करने का मौका मिला. यह वह समय था जब RuPay, UPI और FASTag जैसे सिस्टम अपने शुरुआती दौर में थे. यहीं से उन्हें असली गैप नजर आया.
उन्हें समझ आया कि भारत में पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर तो मजबूत है, लेकिन उसे सही तरीके से लागू करने में दिक्कत है. बैंक टेक्नोलॉजी में तेज नहीं हैं और उन्हें सही पार्टनर की जरूरत है.
रोहित महाजन कहते हैं, “मुझे साफ दिखा कि फ्यूचर फ्रंट एंड ऐप्स का नहीं, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर का है. बैंक के पास कस्टमर और कैपिटल है, लेकिन टेक्नोलॉजी और एक्सीक्यूशन में गैप है. हमने उसी गैप को भरने के लिए फरवरी 2022 में plutos ONE शुरू किया. हमारा मकसद सिर्फ टेक्नोलॉजी देना नहीं, बल्कि बैंकों को ग्रोथ में मदद करना है.”
2020 में कोविड के दौरान ऑफलाइन सिस्टम पर असर पड़ा. यह एक टर्निंग पॉइंट था. यहीं से उन्होंने टेक्नोलॉजी को और गहराई से समझना शुरू किया.

plutos ONE की टीम
बिजनेस मॉडल
नोएडा स्थित plutos ONE एक पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है. यह बैंकों के लिए टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर की तरह काम करती है. इसका फोकस पेमेंट्स को प्रोसेस करने और स्केल करने पर है.
यह प्लेटफॉर्म बिल पेमेंट्स, बैंकिंग कनेक्ट और MSME पेमेंट्स जैसे कई प्रोडक्ट्स पर काम करता है. खास बात यह है कि यह सब एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है. इससे बैंकों को अलग अलग सिस्टम से नहीं जूझना पड़ता.
रोहित बताते हैं, “हमारा मॉडल सिंपल है. हम इंफ्रास्ट्रक्चर बनाते हैं, बैंक को स्केल करने में मदद करते हैं और उनके लिए नए रेवेन्यू के मौके खोलते हैं. हम सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं देते, बल्कि पूरा इकोसिस्टम बनाते हैं जहां पेमेंट्स, एंगेजमेंट और मोनेटाइजेशन एक साथ चलते हैं.”
इसके अलावा कंपनी AI-बेस्ड पेमेंट्स और मर्चेंट रिवॉर्ड सिस्टम पर भी काम कर रही है. इससे कस्टमर एंगेजमेंट बढ़ता है और बैंक को फायदा मिलता है.
चुनौतियां, रेगुलेशन और आगे का रास्ता
फिनटेक सेक्टर में काम करना आसान नहीं है. यहां रेगुलेशन बहुत अहम होता है. लेकिन रोहित इसे समस्या नहीं मानते. उनके अनुसार, यह सिस्टम को मजबूत बनाता है.
उन्होंने शुरुआत से ही कंप्लायंस पर ध्यान दिया. सिस्टम को उसी हिसाब से डिजाइन किया. यही वजह है कि कंपनी तेजी से आगे बढ़ पाई.
रोहित महाजन कहते हैं, “लोग रेगुलेशन को चुनौती मानते हैं, लेकिन हम इसे एक फ्रेमवर्क की तरह देखते हैं. अगर आप शुरुआत से सही तरीके से काम करते हैं, तो यही चीज आपको आगे बढ़ने में मदद करती है. फिनटेक में ट्रस्ट और एक्सीक्यूशन सबसे ज्यादा जरूरी है.”
आगे की योजना साफ है. कंपनी पूरे NPCI प्रोडक्ट सूट को एक प्लेटफॉर्म पर लाना चाहती है. साथ ही ग्लोबल मार्केट में भी कदम रखने की तैयारी है.




