कैसे कशिका मल्होत्रा ने कॉरपोरेट जॉब छोड़ खड़ा किया वेलनेस स्टार्टअप Yoginii
कशिका मल्होत्रा ने Yoginii के जरिए महिलाओं के वेलनेस सेक्टर में कन्फ्यूजन को दूर करने का मिशन शुरू किया है. यह प्लेटफॉर्म सही क्यूरेशन, एक्सपर्ट गाइडेंस और कम्युनिटी के साथ महिलाओं को बेहतर फैसले लेने में मदद करता है.
आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में वेलनेस सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि ज़रूरत बन चुका है. हर दिन नए प्रोडक्ट्स, नए एक्सपर्ट्स और नई सलाह सामने आती है. सोशल मीडिया से लेकर डॉक्टर तक, हर कोई कुछ न कुछ कह रहा है. लेकिन इस शोर के बीच सबसे बड़ा सवाल वही रहता है. आखिर किस पर भरोसा करें. क्या सच में हमारे लिए सही है. खासकर महिलाओं के लिए यह और भी पेचीदा हो जाता है, क्योंकि वे अक्सर अपने परिवार, काम और रिश्तों के बीच खुद को आखिरी पायदान पर रख देती हैं.
इसी उलझन और फैसलों की थकान को समझते हुए कशिका मल्होत्रा (Kashika Malhotra) ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया, जो जानकारी को कम नहीं करता बल्कि उसे सही और उपयोगी बनाता है. Yoginii सिर्फ एक वेलनेस मार्केटप्लेस नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के लिए एक भरोसेमंद गाइड की तरह काम करता है. यहां उद्देश्य है कन्फ्यूजन को खत्म करना और हर महिला को उसके लिए सही फैसले लेने में मदद करना. यही सोच इसे बाकी प्लेटफॉर्म्स से अलग बनाती है.
महिलाओं की साइलेंट प्रॉब्लम
कशिका का बचपन एक अनुशासित माहौल में बीता. घर में लक्ष्य और जिम्मेदारी की बात होती थी. इससे उनमें आत्मनिर्भरता आई.
वह चीजों को गहराई से समझना चाहती थीं. उन्हें हमेशा यह जानने की इच्छा रहती थी कि कोई सिस्टम कैसे काम करता है. और क्यों वह सबके लिए बराबर नहीं होता. लेकिन उन्होंने एक और चीज महसूस की. महिलाओं पर जिम्मेदारियों का बोझ ज्यादा होता है. लेकिन उनकी अपनी जरूरतें अक्सर पीछे रह जाती हैं.
यह बात उनके मन में घर कर गई. उनकी सोच धीरे-धीरे एक दिशा लेने लगी. खासकर हेल्थ और लाइफस्टाइल सेक्टर में उन्होंने एक बड़ा गैप देखा. यहां जानकारी बहुत थी, पर सही गाइडेंस की कमी थी.
YourStory से बात करते हुए Yoginii की फाउंडर और CEO कशिका मल्होत्रा बताती हैं, “मैंने हमेशा यह देखा कि महिलाएं सबका ख्याल रखती हैं. लेकिन अपने लिए वक्त और फैसले लेना उनके लिए मुश्किल हो जाता है. यह एक साइलेंट प्रॉब्लम है. इसी ने मुझे सोचने पर मजबूर किया कि क्यों सिस्टम उनके लिए आसान नहीं है और क्यों सही जानकारी होने के बावजूद फैसला लेना इतना मुश्किल है.”

पढ़ाई ने बदली सोच
कशिका ने University of St Andrews से मैनेजमेंट और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की पढ़ाई की. उन्होंने भारत, स्कॉटलैंड और सिंगापुर में पढ़ाई की. इससे उन्हें अलग-अलग बाजार और लोगों की सोच समझने का मौका मिला.
उन्होंने सीखा कि हर आइडिया हर जगह काम नहीं करता. उसे स्थानीय जरूरत के हिसाब से ढालना पड़ता है.
कशिका बताती हैं, “मेरी पढ़ाई ने मुझे सिर्फ बिजनेस समझना नहीं सिखाया, बल्कि जिम्मेदारी भी सिखाई. मैंने जाना कि ग्रोथ जरूरी है, लेकिन सही तरीके से ग्रोथ और भी जरूरी है. अलग-अलग देशों में पढ़ाई करने से मुझे यह समझ आया कि एक ही समस्या के अलग-अलग हल हो सकते हैं. यही सोच आगे चलकर Yoginii में काम आई.”
कॉर्पोरेट से स्टार्टअप तक का सफर
स्टार्टअप शुरू करने से पहले कशिका ने Bain & Company, Boston Consulting Group (BCG) और KPMG जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों में काम किया. यहां उन्होंने स्ट्रैटेजी और कंसल्टिंग के कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया.
इस अनुभव ने उन्हें समस्याओं को गहराई से समझना सिखाया. लेकिन उन्हें एक बड़ी कमी भी नजर आई.
कशिका बताती हैं, “कॉर्पोरेट में काम करते हुए मैंने सीखा कि कंपनियां कैसे सोचती हैं और कैसे बढ़ती हैं. लेकिन मुझे यह भी समझ आया कि थ्योरी और असल जिंदगी में फर्क होता है. खासकर वेलनेस सेक्टर में. लोगों की जरूरतें बहुत व्यक्तिगत होती हैं, लेकिन समाधान एक जैसे दिए जाते हैं. यही बात मुझे खटकती थी और यहीं से Yoginii का आइडिया आया.”
Yoginii: जहां क्यूरेशन बनता है ताकत
दिसंबर, 2025 में Yoginii की शुरुआत एक साधारण लेकिन गहरी सोच से हुई. महिलाएं बहुत कुछ संभालती हैं. घर, काम, रिश्ते. लेकिन अपनी वेलनेस को लेकर अक्सर उलझन में रहती हैं.
समस्या यह नहीं थी कि विकल्प नहीं हैं. समस्या यह थी कि बहुत ज्यादा विकल्प हैं.
कशिका बताती हैं, “आज महिलाओं के पास बहुत सारी जानकारी है. बहुत सारे प्रोडक्ट्स और एक्सपर्ट्स हैं. लेकिन असली दिक्कत है सही चुनाव करना. हर दिन इतने फैसले लेने होते हैं कि वेलनेस भी एक बोझ लगने लगता है. Yoginii इसी कन्फ्यूजन को कम करने के लिए बनाया गया है. हम ज्यादा नहीं, सही विकल्प देते हैं.”
Yoginii एक वुमन फर्स्ट वेलनेस मार्केटप्लेस है. लेकिन यह सिर्फ प्रोडक्ट बेचने का प्लेटफॉर्म नहीं है. यह क्यूरेशन, कम्युनिटी और एक्सपर्ट सलाह को साथ लेकर चलता है. यह प्लेटफॉर्म महिलाओं को विकल्पों की भीड़ से निकालकर सही चुनाव करने में मदद करता है.
भरोसा बनाना सबसे बड़ी चुनौती
वेलनेस सेक्टर में भरोसा बनाना आसान नहीं होता. खासकर जब बात महिलाओं की हो.
कशिका और उनकी टीम ने शुरुआत से ही क्वालिटी पर ध्यान दिया. उन्होंने धीरे-धीरे कम्युनिटी बनाई.
कशिका कहती हैं, “हमने शुरुआत में तेजी से बढ़ने की कोशिश नहीं की. हमने भरोसा बनाने पर ध्यान दिया. हर ब्रांड और हर एक्सपर्ट को बहुत ध्यान से चुना गया. हमने पहले एक मजबूत कम्युनिटी बनाई. क्योंकि वेलनेस में भरोसा सबसे जरूरी चीज है. अगर भरोसा नहीं है, तो कुछ भी काम नहीं करता.”
Yoginii अभी तक पूरी तरह बूटस्ट्रैप्ड है. कंपनी ने बिना बाहरी निवेश जुटाए अपनी नींव मजबूत की है. शुरुआती निवेश वेबसाइट, ब्रांड और कम्युनिटी पर किया गया. इसने टीम को अनुशासन दिया और यूजर के करीब रखा.
भविष्य की योजनाएं
आने वाले दो साल Yoginii के लिए अहम हैं. कंपनी 100 से ज्यादा ब्रांड्स जोड़ने की योजना बना रही है. साथ ही पर्सनलाइज्ड वेलनेस सॉल्यूशन पर भी काम हो रहा है. यहां डेटा और स्वभाव के आधार पर महिलाओं को सही सुझाव मिलेंगे.
कशिका कहती हैं, “हम चाहते हैं कि Yoginii एक मार्केटप्लेस से आगे बढ़कर एक स्मार्ट वेलनेस प्लेटफॉर्म बने. जहां हर महिला को उसके व्यवहार और जरूरत के हिसाब से गाइडेंस मिले. हमारा लक्ष्य है कि भारत में महिलाओं के वेलनेस फैसलों की शुरुआत Yoginii से हो.”
नए उद्यमियों के लिए सलाह के तौर पर कशिका कहती हैं कि स्टार्टअप सिर्फ ट्रेंड देखकर नहीं शुरू करना चाहिए.
वह कहती हैं, “अगर आप वेलनेस या किसी भी सेक्टर में काम करना चाहते हैं, तो पहले उस समस्या को समझिए. सिर्फ इसलिए मत शुरू कीजिए कि वह ट्रेंड में है. भरोसा बनाने में समय लगता है. जल्दी मत कीजिए. सही लोगों के साथ काम कीजिए. और याद रखिए कि अच्छा प्रोडक्ट जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है सही लोगों तक उसे पहुंचाना.”




