फिनटेक स्टार्टअप TransBnk को मिली 208 करोड़ रुपये की फंडिंग
फिनटेक स्टार्टअप TransBnk ने Bessemer, Accion और अन्य निवेशकों से 25 मिलियन डॉलर की सीरीज B फंडिंग जुटाई है. कंपनी इस फंडिंग से अंतरराष्ट्रीय विस्तार, टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट टीम को मजबूत करेगी.
मुंबई स्थित बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म TransBnk ने 25 मिलियन डॉलर (लगभग 208 करोड़ रुपये) की फंडिंग हासिल की है. यह निवेश सीरीज़-B राउंड में हुआ. इस राउंड की अगुवाई Bessemer Venture Partners ने की. इस राउंड में Arkam Ventures, Fundamentum Partnership और पुराने निवेशक 8i Ventures, Accion Venture Labs और GMO Venture Partners भी शामिल रहे.
कंपनी ने बताया कि ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय विस्तार और टेक्नोलॉजी व प्रोडक्ट टीम को मजबूत करने के लिए किया जाएगा.
TransBnk की शुरुआत 2022 में वैभव तांबे, लविन कोटियन, पुलक जैन और सचिन गुप्ता ने की थी. यह एक “सिंगल विंडो” API (Application Programming Interface) प्लेटफॉर्म है, जो फिनटेक और कॉरपोरेट कंपनियों को कई बैंकों से जोड़ता है. इसके जरिए कंपनियां ऑनबोर्डिंग, पेमेंट और रिकॉन्सिलिएशन जैसी सेवाएं आसानी से कर सकती हैं.
अब तक TransBnk ने 40 से ज्यादा बैंकों के साथ इंटीग्रेशन किया है और इसके 220 से अधिक क्लाइंट्स हैं. ये क्लाइंट्स हर महीने करीब 1,500 APIs का इस्तेमाल करते हैं.
कंपनी ने सिर्फ 24 महीनों में ही “डबल-डिजिट मिलियन डॉलर” सालाना रेवेन्यू हासिल कर लिया है. खास बात यह है कि कंपनी इस समय कैपिटल-एफिशिएंट और प्रॉफिटेबल है.
TransBnk के सीईओ और को-फाउंडर वैभव तांबे ने कहा, “सीरीज़-B फंडिंग हमारे लिए बड़ी ग्रोथ कैटालिस्ट है. यह फंडिंग हमें स्केल करने, इनोवेशन बढ़ाने और ग्लोबल ट्रांजैक्शन बैंकिंग में नए बेंचमार्क सेट करने में मदद करेगी. हमारा टेक इंफ्रा पहले से ही NBFCs, फिनटेक प्लेयर्स, बैंकों और कॉरपोरेट्स के लिए काम कर रहा है. अब हम इसे BFSI, मिड-कॉरपोरेट और SMEs तक विस्तार देंगे.”
Bessemer Venture Partners के पार्टनर विशाल गुप्ता ने कहा, “TransBnk की गहरी इंडस्ट्री समझ इसे कॉरपोरेट और ट्रांजैक्शन बैंकिंग में बड़ा बदलाव लाने योग्य बनाती है. यह सिस्टम को आसान बनाएगा और फ्रैगमेंटेशन कम करेगा. हमें भरोसा है कि TransBnk कॉरपोरेट बैंकिंग और ट्रांजैक्शन बैंकिंग इकोसिस्टम में भी वैसा ही इनोवेशन और यूजर एक्सपीरियंस लाएगा.”
(Translated by: रविकांत पारीक)



