दोस्ती टूटी, दिवालिया हुई कंपनी और अब FTX के फाउंडर सैम बैंकमैन-फ्राइड गिरफ्तार

By रविकांत पारीक
December 13, 2022, Updated on : Wed Dec 14 2022 04:42:12 GMT+0000
दोस्ती टूटी, दिवालिया हुई कंपनी और अब FTX के फाउंडर सैम बैंकमैन-फ्राइड गिरफ्तार
क्रिप्टो जगत का ‘जेफ बेजोस’ कहे जाने वाले और SBF नाम से मशहूर FTX के फाउंडर सैम बैंकमैन-फ्राइड और सबसे बड़े एक्सचेंज Binance के फाउंडर चांगपेंग झाओ कभी अच्छे दोस्त थे. लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि दोस्ती टूट गई और कंपनी के दिवालिया होने और उनकी गिरफ्तारी के पीछे वजह क्या रही? यहां जानिए...
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डिजिटल-एसेट एक्सचेंज FTX के पूर्व सीईओ और फाउंडर सैम बैंकमैन-फ्राइड (Sam Bankman-Fried) को सोमवार को बहामास में गिरफ्तार किया गया.


बहामास के अटॉर्नी जनरल ने एक बयान में कहा कि बैंकमैन-फ्राइड की गिरफ्तारी अमेरिकी सरकार के कहने पर की गई है. अमेरिका में उनके खिलाफ आपराधिक मामले दायर किए गए हैं.


बीते महीने ही FTX के धराशायी होने के बाद दोनों देशों द्वारा बैंकमैन-फ्राइड की आपराधिक जांच की जा रही थी.


गौरतलब हो कि फर्म ने 11 नवंबर को खुद को दिवालिया घोषित किया था. FTX में हुई वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बाद सैम फ्राइड की 16 बिलियन डॉलर की संपत्ति कुछ ही दिनों में जीरो हो गई थी. एक वक्त था, जब सैम बैंकमैन की कुल संपत्ति 26 बिलियन डॉलर थी. बता दें कि बैंकमैन फ्राइड द्वारा नियंत्रित ट्रेडिंग फर्म FTX और Alameda Research के बीच संबंधों पर रिपोर्ट के बाद यह क्रिप्टो एक्सचेंज धराशायी हो गया था.


सैम बैंकमैन-फ्राइड की गिरफ्तारी उस वक्त हुई है जब ठीक एक दिन बाद कंपनी के वर्तमान सीईओ जॉन रे III को हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के सामने गवाही देनी है.

former-ftx-founder-ceo-sam-bankman-fried-arrested-in-bahamas-cryptocurrency-exchange

अटॉर्नी जनरल रयान पिंडर ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों द्वारा औपचारिक अनुरोध किए जाने के बाद ये गिरफ्तारी हुई है, बहामास बैंकमैन-फ्राइड को अमेरिका को प्रत्यार्पित कर देगा. वहीं इस बीच, बहामिया में अधिकारी बैंकमैन-फ्राइड के खिलाफ अपनी जांच जारी रखेंगे.


FTX दिवालिया होने से पहले दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज था, लेकिन एक्सचेंज पर ग्राहकों के साथ धोखा करने और उनके पैसों का दुरुपयोग करने का आरोप है.


वहीं, बैंकमैन-फ्राइड ने हाल ही में अपने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर ग्राहकों के धन का दुरुपयोग नहीं किया.

क्या है पूरा मामला?

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबकि, SBF के खिलाफ आरोपों में वायर फ्रॉड, वायर फ्रॉड की साजिश रचना, सिक्योरिटीज फ्रॉड, सिक्योरिटीज फ्रॉड की साजिश रचना और मनी लॉन्ड्रिंग शामिल हैं.


वहीं, द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक लाइव इंटरव्यू में बैंकमैन फ्राइड ने अपनी 32 अरब डॉलर की कंपनी के बर्बाद होने के लिए “मैनेजमेंट की भारी नाकामी” और अकाउंटिंग की खामियों को जिम्मेदार ठहराया है. फ्राइड को फिलहाल सिविल और क्रिमिनल जांच का सामना करना पड़ रहा है.


सैम बैंकमैन-फ्राइड इस महीने अपना बिजनेस अम्पायर बर्बाद होने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए थे. उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने “फ्रॉड करने की कभी कोशिश तक नहीं की” और उन्होंने बार-बार कहा, वह नहीं जानते थे कि उनके क्रिप्टो बिजनेस के भीतर क्या चल रहा है.


न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सैम बैंकमैन-फ्राइड ने गुप्त रूप से FTX से उसकी ट्रेडिंग फर्म Alameda Research में 10 बिलियन डॉलर के फंड ट्रांसफर किए थे. Alameda इस फंड का उपयोग ट्रेडिंग के लिए करती थी.


जब ट्रेडिंग के दौरान Alameda को बड़ा नुकसान हुआ तो क्रिप्टो पब्लिकेशन कॉइनडेस्क ने बैलेंस शीट को लेकर एक रिपोर्ट पब्लिश की. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद FTX में हड़कंप मच गया. FTX के पास सिर्फ 3 दिन में करीब 6 बिलियन डॉलर की विड्रॉल रिक्वेस्ट आ गई. एक साथ अचानक इतनी बड़ी विड्रॉल रिक्वेस्ट आने की वजह से FTX में फाइनेंशियल क्राइसिस आ गई, जिसके बाद उसने खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए एप्लिकेशन दे दी.

दोस्ती टूटने का अंजाम दिवालिया

क्रिप्टो जगत का ‘जेफ बेजोस’ कहे जाने वाले और SBF नाम से मशहूर FTX के फाउंडर सैम बैंकमैन-फ्राइड और सबसे बड़े एक्सचेंज बाइनेंस (Binance) के फाउंडर चांगपेंग झाओ कभी अच्छे दोस्त थे. दोस्ती इतनी गहरी थी कि मई 2019 में FTX स्थापित होने के छह महीने बाद झाओ ने उसमें 20% हिस्सेदारी खरीदी थी. लेकिन जल्दी ही दोस्ती में दरार आ गई और 2021 में FTX ने झाओ से शेयर वापस खरीद (बायबैक) लिए. लेकिन इसके बदले कैश देने के बजाय झाओ को FTT टोकन दिए. ये टोकन FTX के अपने बनाए हुए थे और अन्य क्रिप्टो करेंसी की तरह एक्सचेंज पर उनकी ट्रेडिंग भी होती थी.


अचानक 2 नवंबर को खबर आई कि एक्सचेंज ने ग्राहकों की अरबों डॉलर की रकम ग्रुप की दूसरी कंपनी अलामेडा रिसर्च को ट्रांसफर किए हैं. अलामेडा (Alameda) उस रकम से एक्सचेंज के टोकन FTT खरीदती थी. यानी टोकन की डिमांड मार्केट में नहीं थी, बल्कि आर्टिफिशियल डिमांड पैदा की जा रही थी. इस तरह टोकन की वैल्यू भी आर्टिफिशियल थी. दोस्ती टूटने के बाद सैम कई बार सार्वजनिक रूप से झाओ और उनके प्लेटफॉर्म बाइनेंस के खिलाफ बोल चुके थे. FTX की खबर आते ही झाओ ने कह दिया कि वे FTT में अपनी पूरी होल्डिंग बेचेंगे. और फिर FTX दिवालिया हो गया.