RBI के डिप्टी गवर्नर ने क्रिप्टोकरेंसी पर मौजूद डेटा को क्यों बताया गुमराह करने वाला?

By रविकांत पारीक
December 12, 2022, Updated on : Mon Dec 12 2022 05:00:34 GMT+0000
RBI के डिप्टी गवर्नर ने क्रिप्टोकरेंसी पर मौजूद डेटा को क्यों बताया गुमराह करने वाला?
आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर पर्याप्त, विश्वसनीय जानकारी इकट्ठा करने की जरूरत पर जोर दिया.
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर (RBI deputy governor) टी रबी शंकर (T Rabi Sankar) ने कहा कि क्रिप्टोकरंसी पर जो भी डेटा उपलब्ध है, वह भ्रामक है (cryptocurrency data misleading). साथ ही उन्होंने इससे जुड़े नियमों को स्पष्ट रूप से समझने की बात कही है कि डिजिटल करेंसी क्या हैं और उसका इस्तेमाल कैसे किया जाना चाहिए.


उन्होंने क्रिप्टो के प्रभावी रेगुलेशन के लिए बोर्ड में एक राय की अपील की.


इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (International Monetary Fund - IMF) द्वारा हाल ही में आयोजित की गई वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में टी शंकर ने कहा कि डेटा उपलब्ध नहीं है. जो भी डेटा उपलब्ध है, वह गुमराह करने वाला है. उन्होंने आगे कहा कि पर्याप्त जानकारी की गैर-मौजूदगी में नियम बनाने से गलत संकेत जाता है. आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने पर्याप्त, विश्वसनीय जानकारी इकट्ठा करने की जरूरत पर जोर दिया.


रेगुलेशन की बात पर, उन्होंने कहा कि इस बात पर साफ समझ के साथ कि क्रिप्टोकरेंसी क्या हैं और उनका क्या काम होता है, इस संबंध में नियम बनाए जाने चाहिए.


डिप्टी गवर्नर ने आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) के क्रिप्टो-एसेट रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क के बाद तैयार की गई एक पहल पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, "पहल सदस्य देशों को वास्तविक समय में सूचनाओं का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाएगी." शंकर ने आईएमएफ सहित वैश्विक एजेंसियों से क्रिप्टो को विनियमित करने में मदद करने में अग्रणी भूमिका निभाने का भी आग्रह किया.


आरबीआई ने कहा था कि केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (central bank digital currency - CBDC), या ई-रुपी (e-rupee), करेंसी नोट की तरह गुमनाम होगा और करेंसी नोट के रूप में इसके लिए लागू होने वाले सभी जरूरी कानून होंगे.


मौद्रिक नीति समिति द्वारा रेपो दरों की घोषणा के बाद एक साक्षात्कार में, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने 7 दिसंबर को कहा कि ई-रुपी लेनदेन में यूपीआई लेनदेन के विपरीत कोई मध्यस्थ नहीं होगा.


जैसा कि पिछले महीने FTX क्रिप्टो एक्सचेंज दिवालिया हो गया था. क्रिप्टो फर्म ने कथित तौर पर विभिन्न जोखिम भरी गतिविधियों के लिए ग्राहकों के पैसे का इस्तेमाल किया. नतीजतन, FTX ग्राहकों को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ. बैंकमैन-फ्राइड, जो राजनीतिक नेताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते थे, ने जोर देकर कहा कि वह किसी भी धोखाधड़ी से अनजान थे. इससे पहले, हाल ही में वित्तीय कठिनाइयों की घोषणा करने वाली कुछ फर्मों में टेराफॉर्म लैब्स, वोयाजर डिजिटल, थ्री एरो कैपिटल (3AC), सेल्सियस नेटवर्क और बैबेल फाइनेंस शामिल हैं. बीते एक हफ्ते की बात करें तो दुनिया की टॉप 50 क्रिप्टो में से 8 करेंसी ऐसी हैं, जिनमें 10 फीसदी या उससे ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है. इस लिस्ट में पोल्काडॉट, यूनिस्वैप और सोलाना जैसे टोकन के भी नाम है.