कोरोना काल में सूझा बिज़नेस आइडिया, आज देशभर में छाया Fytika
कोरोना काल में शुरू हुआ Fytika एक भारतीय हेल्थकेयर ब्रांड है जो आयुर्वेद और न्यूट्रास्यूटिकल्स को मिलाकर ‘Ayurceuticals’ पेश करता है. जानिए को-फाउंडर शिवम त्यागी की प्रेरणादायक कहानी और कैसे ये ब्रांड भारत की सेहत संस्कृति को बदल रहा है.
साल 2020 — एक ऐसा दौर जब पूरी दुनिया ठहर सी गई थी. लोग घरों में कैद थे, अस्पतालों के बाहर लंबी कतारें थीं, और हर इंसान एक अदृश्य दुश्मन से डर रहा था—कोरोना वायरस से. इस महामारी ने हम सभी को एक बड़ा सबक दिया: सेहत सबसे बड़ा धन है.
इसी कठिन दौर में, दिल्ली के एक युवा उद्यमी — शिवम त्यागी (Shivam Tyagi) — ने कुछ अलग सोचने की ठानी. जहाँ लोग डरे हुए थे, वहीं उन्होंने इस संकट में एक अवसर देखा. उन्होंने महसूस किया कि भारत में करोड़ों लोग अब हेल्थ और वेलनेस को लेकर पहले से ज़्यादा जागरूक हो चुके हैं, लेकिन उन्हें आज भी सटीक, असरदार और भरोसेमंद उत्पादों की कमी महसूस होती है.
शिवम त्यागी, दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.कॉम की पढ़ाई करने वाले एक सामान्य छात्र थे. लेकिन उनके अंदर एक खास बात थी—बड़ा सपना देखने की काबिलियत और उसे सच करने का हौसला. पढ़ाई के बाद उन्होंने वेयरहाउसिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में पांच साल तक काम किया. इस दौरान उन्हें बिजनेस की बारीकियों को करीब से समझने का मौका मिला.
लेकिन असली बदलाव तब आया जब उन्होंने न्यूट्रास्यूटिकल और आयुर्वेदिक सेक्टर में काम करना शुरू किया. दस साल का अनुभव और लोगों की सेहत को लेकर बढ़ती परेशानियां उन्हें अंदर से झकझोर रही थीं.
उन्होंने तय किया कि अब समय आ गया है कि भारत को एक ऐसा स्वदेशी ब्रांड मिले जो न केवल शरीर की बीमारी का इलाज करे, बल्कि लोगों को बीमार होने से बचाए—एक ऐसा ब्रांड जो भारत के कोने-कोने तक पहुंचे, और हर आम आदमी को बेहतर जीवन जीने में मदद करे.
इसी सोच से जन्म हुआ—Fytika (फायटिका) का. एक ऐसा ब्रांड जो आधुनिक विज्ञान और आयुर्वेदिक ज्ञान का मेल है, और जो आज लाखों भारतीयों की सेहत की देखभाल कर रहा है.
Fytika की शुरुआत
YourStory हिंदी से बात करते हुए, शिवम बताते हैं कि कोरोना महामारी ने उन्हें एक गहरी सच्चाई का एहसास कराया—जो लोग अपनी सेहत को पहले से लेकर सजग थे, वे मुश्किल वक्त में भी मज़बूत खड़े रहे. वहीं, जिन लोगों ने सेहत को नजरअंदाज़ किया, उनके लिए हालात बहुत कठिन हो गए. इसी अनुभव ने उन्हें एक बड़ा फैसला लेने को प्रेरित किया.
उन्होंने ठाना कि अब वक्त आ गया है कि भारत को एक ऐसा ब्रांड मिले जो भरोसेमंद हो, वैज्ञानिक हो, और भारतीयों की ज़रूरतों के हिसाब से बना हो. और यहीं से ‘Fytika’ की शुरुआत हुई—एक ऐसा ब्रांड जो प्रिवेंटिव हेल्थ केयर को सस्ती और सुलभ बनाता है.

शिवम त्यागी, को-फाउंडर और डायरेक्टर, Fytika
क्या है Fytika?
Fytika एक हेल्थ और वेलनेस ब्रांड है जो आयुर्वेद की प्राचीन समझ को न्यूट्रास्यूटिकल साइंस के साथ जोड़ता है. इस यूनिक कॉन्सेप्ट को शिवम ‘Ayurceuticals’ कहते हैं—यानी एक ऐसा समाधान जो शरीर को समग्र रूप से स्वस्थ बनाता है.
Fytika की रेंज में हर्बल जूस, प्रोटीन पाउडर, गम्मीज़, कोलेजन सप्लीमेंट्स आदि शामिल हैं. इनके उत्पाद डायबिटीज़, हार्ट हेल्थ, नींद और इम्यूनिटी जैसी समस्याओं पर ध्यान देते हैं.
शिवम बताते हैं कि शहरी इलाकों में तो हेल्थ प्रोडक्ट्स की भरमार थी, लेकिन छोटे शहरों और गांवों में लोगों को क्वालिटी प्रोडक्ट्स नहीं मिल पाते थे. Fytika का सपना है कि हर व्यक्ति तक भरोसेमंद और असरदार हेल्थ प्रोडक्ट्स पहुंचें—चाहे वह किसी भी कोने में क्यों न रहता हो.
“हमने सोचा कि क्यों न एक ऐसा ब्रांड बनाया जाए जो ‘Made in India, Made for India’ हो,” शिवम मुस्कुराते हुए कहते हैं.
फॉर्मुलेशन और क्वालिटी का सख्त पैमाना
Fytika का अपना इन-हाउस R&D (रिसर्च और डेवलपमेंट) डिपार्टमेंट है जो वैज्ञानिक शोध और भारतीय सेहत की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर प्रोडक्ट तैयार करता है. हर फॉर्मूला नैचुरल और असरदार इंग्रीडिएंट्स पर आधारित होता है. क्वालिटी हेड हर स्टेप पर निगरानी रखते हैं—कच्चे माल की खरीद से लेकर पैकेजिंग तक.
शिवम बताते हैं, “हमारा फोकस सिर्फ बिक्री पर नहीं, बल्कि भरोसे पर है. हम चाहते हैं कि ग्राहक को हर बार वही क्वालिटी मिले जिसकी उन्हें उम्मीद है.”
शिवम बताते हैं कि जब उन्होंने शुरुआत की, तो सबसे बड़ा चैलेंज था एक ऐसा प्रोडक्ट तैयार करना जो क्वालिटी में भी बेहतरीन हो और FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) के सारे नियमों पर खरा भी उतरे. अच्छी पैकेजिंग, सही प्राइस पॉइंट और थर्ड पार्टी द्वारा प्रोडक्ट टेस्टिंग जैसे कई पड़ाव थे जिन्हें पार करना पड़ा.
लॉन्च के बाद मार्केटिंग भी एक चुनौती थी. Meta और Google के सख्त विज्ञापन नियमों में फिट होना आसान नहीं था. कस्टमर्स को प्रोडक्ट्स के बारे में एजुकेट करना, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खुद को स्थापित करना, और कस्टमर रिटेंशन जैसे कई मोर्चों पर एक साथ लड़ाई लड़नी पड़ी.
निजी निवेश और बिजनेस मॉडल
शिवम ने Fytika में अब तक खुद ₹1 करोड़ का निवेश किया है. यह सिर्फ एक फाइनेंशियल इनवेस्टमेंट नहीं, बल्कि उनके विश्वास और प्रतिबद्धता का प्रतीक है.
Fytika का बिजनेस मॉडल D2C यानी डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर है. उनके प्रोडक्ट्स उनकी वेबसाइट और लीडिंग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर मिलते हैं. ब्रांड की रणनीति है—ऐसे प्रोडक्ट्स बनाना जो बार-बार खरीदे जाएं, जिससे ग्राहक से मजबूत रिश्ता बना रहे.

Fytika ने दो नए प्रोडक्ट्स—मैग्नीशियम ग्लाइसीनेट और सी बकथॉर्न लॉन्च किए हैं. ये बेहतर नींद, त्वचा और इम्यूनिटी को बढ़ावा देते हैं.
रेवेन्यू और भविष्य की योजनाएं
शुरुआत में Fytika का टर्नओवर कम था, लेकिन हर साल लगातार ग्रोथ हुई. आज तक Fytika ने 6 लाख से ज्यादा ग्राहकों की सेवा की है. ब्रांड ने वित्त वर्ष 2023-24 में ₹14 करोड़ का टर्नओवर किया है. आने वाले सालों में कंपनी का लक्ष्य है 30 लाख ग्राहकों तक पहुंचना और ₹100 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना.
हाल ही में Fytika ने दो नए प्रोडक्ट्स—मैग्नीशियम ग्लाइसीनेट (Magnesium Glycinate) और सी बकथॉर्न (Sea Buckthorn) लॉन्च किए हैं. ये बेहतर नींद, त्वचा और इम्यूनिटी को बढ़ावा देते हैं.
अब कंपनी अगले तीन सालों में ऑफलाइन मार्केट में भी कदम रखने जा रही है. फार्मेसी, वेलनेस स्टोर्स और क्लिनिक में प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराकर वे एक ओम्नीचैनल स्ट्रैटेजी अपनाना चाहते हैं.
शिवम को पूरा भरोसा है कि भारत में अब लोग इलाज से ज़्यादा प्रिवेंशन पर ध्यान दे रहे हैं. टेक्नोलॉजी, फिटनेस ऐप्स, वेरेबल्स और पर्सनलाइज्ड न्यूट्रिशन की मदद से लोग अब खुद अपनी सेहत की ज़िम्मेदारी लेने लगे हैं.
वे कहते हैं, “हमें बस लोगों को सशक्त बनाना है, सही जानकारी देना है, और भरोसेमंद समाधान देना है. भारत अब जाग चुका है.”
Fytika की कहानी सिर्फ एक कंपनी की नहीं, बल्कि एक सोच की है. एक ऐसे इंसान की, जिसने अपनी आंखों के सामने देखी तकलीफों को ताकत में बदला. जिसने तय किया कि अब हर भारतीय को सेहत के लिए जागरूक बनाना है. यह एक ऐसा ब्रांड है जो सिर्फ प्रोडक्ट नहीं बेचता, बल्कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल का सपना देता है. और जब यह सपना एक भारतीय की सोच, मेहनत और लगन से जुड़ता है—तो वह सिर्फ बिजनेस नहीं रह जाता, एक मिशन बन जाता है.
शिवम त्यागी और Fytika आज भारत के वेलनेस सेक्टर में एक नया अध्याय लिख रहे हैं—जहाँ विज्ञान, आयुर्वेद और भरोसा साथ-साथ चलते हैं.




