अब गौतम अडाणी बनाएंगे हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक

By yourstory हिन्दी
January 18, 2023, Updated on : Wed Jan 18 2023 10:50:13 GMT+0000
अब गौतम अडाणी बनाएंगे हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक
ग्रुप ने एक बयान में कहा कि अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Limited एईएल) ने माइनिंग लॉजिस्टिक और परिवहन के लिए हाइड्रोजन-चालित ट्रक के डिवेलपमेंट के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का समझौता किया है.
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अडाणी ग्रुप (Adani Group) जल्द ही माइनिंग फील्ड से जुड़े ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक कामों के लिए हाइड्रोजन ईंधन (Hydrogen run truck) से चलने वाले ट्रकों का इस्तेमाल करना शुरू कर देगा.


एशिया के सबसे अधिक अमीर शख्स गौतम अडाणी की अगुवाई वाले ग्रुप ने एक बयान में कहा कि अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Limited एईएल) ने माइनिंग लॉजिस्टिक और परिवहन के लिए हाइड्रोजन-चालित ट्रक के डिवेलपमेंट के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का समझौता किया है.


कंपनी ने अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) और बलार्ड पावर (Ballard power) के साथ यह समझौता किया गया है.

कंपनी ने मंगलवार को बताया कि यह ट्रक इंडिया में इसी साल लॉन्च हो सकता है.


साझेदारी में एशिया के पहले हाइड्रोजन से चलने वाले माइनिंग ट्रक को डिवेलप किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट की अगुवाई अडाणी एंटरप्राइजेज करेगी, जबकि कनाडा की कंपनी बलार्ड पावर हाइड्रोजन से चलने वाले इंजन की सप्लाई करेगी.


दुनिया में कमर्शल वाहनों की अग्रणी विनिर्माता अशोक लेलैंड इस ट्रक का प्लेटफॉर्म मुहैया कराने के साथ तकनीकी समर्थन देगी.

अडाणी ग्रुप ने कहा कि हाइड्रोजन से चलने वाले इस माइनिंग ट्रक को भारत में वर्ष 2023 में ही पेश किए जाने की योजना है.


एईएल के निदेशक और अडाणी नेचुरल रिसोर्सेज के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर विनय प्रकाश ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी हरित हाइड्रोजन परियोजना भारत के भावी ऊर्जा आत्म-निर्भरता की दिशा में एक सशक्त संकल्प है.


अडानी ग्रुप ने कुछ समय पहले अगले दस सालों में ग्रीन हाइड्रोजन और इससे जुड़े ईकोसिस्टम में 50 मिलियन डॉलर के निवेश का ऐलान किया था, जिसका टारगेट हर साल 30 लाख टन ग्रीन हाईड्रोजन का उत्पादन करना था.


विनय प्रकाश ने कहा,कमर्शल गाड़ियों के लिए हाईड्रोजन को फ्यूल के तौर पर इस्तेमाल करने से जो अनुभव होगा उससे देश में माइनिंग और लॉजिस्टिक सेक्टर में हाईड्रोजन फ्यूल के इस्तेमाल का काम और जल्दी शुरू हो पाएगा.


इसके अलावा अन्य सेक्टर भी पोर्ट, एयरपोर्ट्स और इंडस्ट्रियल कामों के लिए हाईड्रोजन फ्यूल के इस्तेमाल का रास्ता खुल जाएगा.


हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक का वजन 55 टन का होगा, जिसमें तीन हाइड्रोजन टैंक होंगे, 200 किमी का चलने का वर्किंग रेंज होगा. इसमें बलार्ड के 120 kW PEM फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा. 


बलार्ड पावर सिस्टम्स के रैंडी मैकइवेन ने कहा, ‘अडाणी ग्रुप के साथ पिछले साल एमओयू साइन करके हम अपने पार्टनरशिप को आगे ले जाने के लिए उत्सुक थे. अडानी ग्रुप जैसे बिजनेसेज के साथ काम करने के मौके का स्वागत करते हैं.’


Edited by Upasana

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