गौतम खोसला ने नौकरी छोड़ शुरू किया ब्यूटी ब्रांड Sotrue, सालाना रेवेन्यू 100 करोड़ पार
भारत का ब्यूटी मार्केट तेजी से बढ़ रहा है. इसी मौके का फायदा उठाते हुए गौतम खोसला, कुणाल शांडिल्य और साहिल खोसला ने Sotrue के जरिए ‘Glow-first’ कॉन्सेप्ट के साथ नई सोच पेश की. फाउंडर्स का लक्ष्य अब इसे 1000 करोड़ रु रेवेन्यू वाला ब्रांड बनाना है.
भारत का ब्यूटी और पर्सनल केयर (BPC) मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और इसके साथ ही सुंदरता को देखने का नजरिया भी बदल रहा है. Statista की दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेक्टर में सबसे ज्यादा रेवेन्यू पैदा करने के मामले में भारत दुनिया में चौथे स्थान पर है. पहले जहां ब्यूटी को सिर्फ खास मौकों तक सीमित माना जाता था, वहीं अब यह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है.
इसी बदलाव के चलते भारत की ब्यूटी और पर्सनल केयर इंडस्ट्री लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है और 2028 तक इसके 34 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. सोशल मीडिया, इन्फ्लुएंसर्स और नए ट्रेंड्स ने इसे और भी बड़ा बना दिया है. इस तेजी से बढ़ते बाजार में नए ब्रांड्स के लिए बड़े मौके बन रहे हैं. लेकिन इस चमक-दमक के बीच एक सच्चाई अक्सर छूट जाती है. भारत की बड़ी आबादी, खासकर छोटे शहरों की महिलाएं, अब भी ऐसी ब्यूटी चाहती हैं जो आसान हो, सस्ती हो और असली लगे.
ऐसे में 2021 में गौतम खोसला, कुणाल शांडिल्य और साहिल खोसला ने Sotrue की शुरुआत की, जो बदलती जरूरतों के साथ उपभोक्ताओं को नए तरीके से ब्यूटी को समझाने की कोशिश कर रहा है.
हाल ही में YourStory ने Sotrue के फाउंडर और CEO गौतम खोसला से बात की, जहां उन्होंने ब्रांड की सोच, अब तक के सफर और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया.
गौतम खोसला का बचपन दिल्ली में बीता. वह एक लोअर मिडिल क्लास परिवार से आते हैं. उनके घर में मेहनत और आगे बढ़ने की चाह हमेशा रही. पढ़ाई में वह औसत थे, लेकिन खेलों में काफी अच्छे थे. खेल ने उन्हें अनुशासन सिखाया और जीतने का जज्बा दिया.
उनके परिवार की कहानी भी उन्हें प्रेरित करती रही. उनके दादा लाहौर से दिल्ली आए थे. उस दौर की मुश्किलों ने परिवार को मजबूत बनाया. यही वजह रही कि गौतम के अंदर भी कुछ बड़ा करने की चाह पैदा हुई.
गौतम बताते हैं, “मैं एक साधारण परिवार से आया हूं, जहां हर चीज के लिए मेहनत करनी पड़ती थी. खेल ने मुझे अनुशासन और हार न मानने की आदत दी. मेरे दादा की कहानी ने सिखाया कि हालात चाहे कैसे भी हों, इंसान आगे बढ़ सकता है. यही सोच मेरे अंदर बैठ गई और मैंने हमेशा कुछ अलग करने का सपना देखा.”
गौतम ने बायोटेक्नोलॉजी में इंजीनियरिंग की. इसके बाद उन्होंने करीब सात साल कॉर्पोरेट वर्ल्ड में काम किया. इस दौरान वह Bain & Company से जुड़े. यहां उन्होंने बिजनेस को समझने का एक अलग तरीका सीखा.
कंसल्टिंग ने उन्हें सिखाया कि हर समस्या को गहराई से देखना चाहिए. सिर्फ ऊपर से नहीं, बल्कि उसकी जड़ तक जाना जरूरी है. यही सोच बाद में उनके स्टार्टअप में भी काम आई.
वह बताते हैं, “Bain में काम करते हुए मैंने सीखा कि हर समस्या के पीछे एक असली वजह होती है. अगर आप उसे समझ लें, तो सही समाधान मिल जाता है. मैंने यही तरीका अपने बिजनेस में अपनाया. हमने ट्रेंड्स को फॉलो नहीं किया, बल्कि यह समझने की कोशिश की कि लोग सच में क्या चाहते हैं. इससे हमें सही दिशा मिली.”

Sotrue की टीम
साल 2021 में Sotrue की शुरुआत हुई. यह समय ऐसा था जब छोटे शहरों की महिलाओं की सोच बदल रही थी. वे खुद के लिए समय निकालना चाहती थीं. वह अच्छी दिखना चाहती थीं, लेकिन उनके पास ज्यादा समय नहीं था.
गौतम और उनकी टीम ने 1000 से ज्यादा महिलाओं से बात की. इस बातचीत से उन्हें असली जरूरत समझ आई. महिलाओं को सादगी वाली ब्यूटी चाहिए थी. ज्यादा प्रोडक्ट्स नहीं चाहिए और ज्यादा समय भी न लगे. कीमत भी किफायती हो.
यहीं से ‘Glow-first’ का आइडिया आया. यानी ऐसा ब्यूटी प्रोडक्ट जो बिना ज्यादा मेकअप के भी चेहरा निखार दे.
गौतम कहते हैं, “हमने जब महिलाओं से बात की, तो हमें समझ आया कि उन्हें जटिल रूटीन नहीं चाहिए. उन्हें ऐसा कुछ चाहिए जो जल्दी काम करे और नेचुरल लगे. Glow-first का आइडिया वहीं से आया. हम चाहते थे कि महिलाएं खुद को अच्छा महसूस करें, बिना ज्यादा मेहनत के. यही हमारी ब्रांड फिलॉसफी बन गई.”
नोएडा स्थित Sotrue का मुख्य ग्राहक वर्ग छोटे शहरों (टियर 2 और टियर 3) की महिलाएं हैं. यह वह भारत है जिसे अक्सर नजरअंदाज किया जाता है. लेकिन यहां की जरूरतें अलग हैं और बहुत गहरी हैं.
ब्रांड का फोकस हमेशा अपनाए जाने वाले और किफायती प्रोडक्ट बनाने पर रहा है. कंपनी का ज्यादातर बिजनेस D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) मॉडल पर आधारित है. करीब 90 प्रतिशत बिक्री ऑनलाइन होती है. वहीं कुछ हिस्सा ऑफलाइन से भी आता है.
गौतम बताते हैं, “हमने शुरू से ही ‘भारत’ को अपना फोकस बनाया. यहां की महिलाएं बहुत समझदार हैं. वे पैसा सोच-समझकर खर्च करती हैं. हमने ऐसे प्रोडक्ट बनाए जो उनकी जरूरतों से मेल खाते हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म ने हमें सीधे ग्राहकों से जोड़ने में मदद की. इससे हमें लगातार सीखने और सुधार करने का मौका मिला.”
Sotrue को Artha Venture Fund और मनीष छाबड़ा से $1 मिलियन की फंडिंग मिली.
कंपनी ने वित्त वर्ष 24-25 में करीब ₹32 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण रहा सही प्रोडक्ट और ग्राहकों की समझ.
हाल ही में ब्रांड ने अपनी प्रोडक्ट-आधारित रणनीति और डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच की बदौलत ₹100 करोड़ का सालाना रेवेन्यू (ARR) हासिल किया है.
हालांकि, यह सफर आसान नहीं था. भारत जैसे विविध देश में हर ग्राहक अलग है. हर जगह की जरूरत अलग है. ऐसे में सभी को खुश रखना एक चुनौती है.
आगे के लिए कंपनी ने बड़ा लक्ष्य रखा है. वित्त वर्ष 26-27 तक ₹200 करोड़ का रेवेन्यू और लंबी अवधि में ₹1000 करोड़ का ब्रांड बनाना.
गौतम मानते हैं, “भारत में ब्यूटी ब्रांड बनाना आसान नहीं है. यहां हर राज्य, हर शहर अलग है. लोगों की पसंद अलग है. सबसे बड़ी चुनौती भरोसा बनाना है. खासकर जब आप नया ब्रांड हों. हमने धीरे-धीरे यह भरोसा बनाया. आज भी हम सीख रहे हैं और बेहतर बनने की कोशिश कर रहे हैं.”
(नोट: तथ्यात्मक जानकारी में सुधार के साथ लेख को पुन: प्रकाशित किया गया है.)




