सरकार मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और MSMEs को फ्री में देगी 5G Test Bed

सरकार मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और MSMEs को फ्री में देगी 5G Test Bed

Tuesday February 28, 2023,

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संचार मंत्रालय के अंतर्गत दूरसंचार विभाग ने जनवरी 2024 तक भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और MSMEs को 5G टेस्ट बेड (5G Test Bed) सुविधा के मुफ्त उपयोग की पेशकश की है. 5G के सभी हितधारक यानी उद्योग, शिक्षा, सेवा प्रदाता, अनुसंधान एवं विकास संस्थान, सरकारी निकाय, उपकरण निर्माता आदि अब बहुत मामूली दर पर इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं. टेस्ट बेड के उपयोग को प्रोत्साहित करने और 'आत्मनिर्भर भारत' विजन के अनुरूप स्वदेशी टेक्नोलॉजी/प्रोडक्ट्स के विकास को बढ़ावा देने के लिए इसकी घोषणा की जा रही है. कई स्टार्टअप और कंपनियां पहले ही अपने उत्पादों और सेवाओं के परीक्षण के लिए टेस्ट बेड सुविधा का उपयोग कर रही हैं.

मार्च, 2018 में भारत की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए और 5G लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए दूरसंचार विभाग ने बहु-संस्थान सहयोगी परियोजना के लिए वित्तीय अनुदान को मंजूरी दी है ताकि 224 करोड़ रुपये की कुल लागत से भारत में 'स्वदेशी 5G टेस्ट बेड' स्थापित किया जा सके. इस परियोजना में सहयोग करने वाले आठ संस्थान हैं - आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) मद्रास, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी कानपुर, आईआईएससी बैंगलोर, सोसाइटी फॉर एप्लाइड माइक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग एंड रिसर्च (SAMEER) और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन वायरलेस टेक्नोलॉजी (CEWiT).

इस स्वदेशी 5G टेस्ट बेड को 17 मई 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था. एक वेब आधारित पोर्टल भी डिजाइन किया गया है ताकि टेस्ट बेड तक पहुंचकर उसका उपयोग किया जा सके.

5G टेस्ट बेड पांच स्थानों पर उपलब्ध है, जैसे CEWiT/आईआईटी मद्रास में इंटीग्रेटेड टेस्ट बेड और बाकी टेस्ट बेड आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी कानपुर और आईआईएससी बैंगलोर में हैं. CEWiT/आईआईटी मद्रास आरएएन लेवल, पीएचवाई लेवल आदि और अन्य टेस्ट उपकरणों के लिए विभिन्न परीक्षण सेवाओं के साथ एंड टू एंड टेस्ट बेड प्रदान करता है. आईआईटी हैदराबाद में जीएनबी टेस्टिंग, यूई टेस्टिंग, एंड टू एंड इंटरऑपरेबिलिटी टेस्टिंग और एनबी-आईओटी टेस्टिंग की सुविधाएं हैं. जहां आईआईएससी बैंगलोर वी2एक्स और 5G ओपन-सोर्स टेस्ट बेड की मेजबानी करता है, वहीं आईआईटी कानपुर बेस-बैंड टेस्ट बेड की मेजबानी करता है और आईआईटी दिल्ली एनबी-आईओटी और वीएलसी टेस्ट बेड की मेजबानी करता है.

ये एंड-टू-एंड टेस्ट बेड वैश्विक स्तर के 3जीपीपी मानक और ओआरएएन मानक के अनुरूप है. स्वदेशी 5G टेस्ट बेड एक खुला 5G टेस्ट बेड प्रदान करता है जो भारतीय शिक्षा जगत और उद्योग की आरएंडडी टीमों को उनके उत्पादों, प्रोटोटाइप, एल्गोरिदम को मान्य करने और विभिन्न सेवाओं को प्रदर्शित करने में सक्षम बनाता है. इसके अलावा, ये भारत में और वैश्विक स्तर पर मानकीकरण की क्षमता रखने वाली नई अवधारणाओं/विचारों पर काम करने के लिए शोध टीमों को पूरी पहुंच प्रदान करता है. ये ग्रामीण ब्रॉडबैंड, स्मार्ट सिटी एप्लीकेशंस और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) जैसे भारतीय समाज के लिए महत्वपूर्ण एप्लीकेशंस/यूज़ केस में प्रयोग और प्रदर्शन करने के लिए 5G नेटवर्क की सुविधाएं प्रदान करता है और ये भारतीय ऑपरेटरों को 5G तकनीकों के काम करने के तरीके को समझने और उनके भविष्य के नेटवर्कों की योजना बनाने में मदद करेगा.

इस स्वदेशी टेस्ट बेड का विकास भारत के 5G टेक्नोलॉजी सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने और अब 5G आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर होने के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. ये टेस्ट बेड भारतीय स्टार्टअप्स, एमएसएमई, आरएंडडी, एकेडेमिया और उद्योग के उपयोगकर्ताओं द्वारा विकसित और निर्मित किए जा रहे 5G उत्पादों के परीक्षण और सत्यापन के लिए स्वदेशी क्षमता प्रदान कर रहा है. इसके परिणामस्वरूप भारी लागत दक्षता आई है और डिजाइन में लगने वाला समय कम हो गया है जिसके कारण भारतीय 5G उत्पादों के वैश्विक स्तर पर बाजार में प्रतिस्पर्धी बनने की संभावना है.

इस टेस्ट बेड के विकास के नतीजतन कई 5G टेक्नोलॉजी/आईपी का विकास हुआ है जो कि इस उद्योग की कंपनियों को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए उपलब्ध हैं. ये भारत में 5G की सुचारू और त्वरित तैनाती के लिए इस उद्योग की कंपनियों को सुविधा प्रदान करेगा.

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