सरकार ने एथेनॉल की कीमत बढ़ाई, जानें अब क्या हो गई नई दर

सरकार पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना बना रही है.

सरकार ने एथेनॉल की कीमत बढ़ाई, जानें अब क्या हो गई नई दर

Wednesday November 02, 2022,

3 min Read

केंद्र सरकार ने बुधवार को पेट्रोल में मिलाने के लिए इस्तेमाल होने वाले एथेनॉल (Ethanol) की कीमत बढ़ा दी. गौरतलब है कि सरकार पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना बना रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने दिसंबर 2022 से शुरू होने वाले आपूर्ति वर्ष के लिए एथेनॉल की कीमत को बढ़ाकर 65.61 रुपये प्रति लीटर करने का फैसला किया. यह अभी 63.45 रुपये प्रति लीटर है.

सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सी-हेवी शीरे से बनने वाले एथेनॉल की दर 46.66 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 49.41 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. इसी तरह बी-हेवी शीरे से बनने वाले एथेनॉल की दर 59.08 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 60.73 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. गन्ने के रस/चीनी/शुगर सीरप से बनने वाले एथेनॉल की दर 63.45 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 65.61 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. इन दरों के ऊपर, GST और ट्रांसपोर्टेशन चार्ज अलग से देय होंगे.

फॉस्फेटिक, पोटाश उर्वरकों के लिए 51,875 करोड़ की सब्सिडी

वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी छमाही या रबी सत्र में किसानों को फॉस्फेटिक और पोटाश (पीएंडके) उर्वरकों के लिए 51,875 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि सीसीईए ने 2022-23 रबी सत्र में पीएंडके उर्वरकों के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों को मंजूरी दी. सीसीईए ने नाइट्रोजन (एन) के लिए 98.02 रुपये प्रति किलोग्राम, फास्फोरस (पी) के लिए 66.93 रुपये प्रति किलोग्राम, पोटाश (के) के लिए 23.65 रुपये प्रति किलोग्राम और सल्फर (एस) के लिए 6.12 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी को मंजूरी दी है.

बयान में कहा गया, ‘‘एनबीएस रबी-2022 (एक अक्टूबर 2022 से 31 मार्च 2023 तक) में मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित सब्सिडी 51,875 करोड़ रुपये होगी, जिसमें माल ढुलाई सब्सिडी के जरिये स्वदेशी उर्वरक (एसएसपी) के लिए समर्थन शामिल है.’’ सरकार ने अप्रैल से शुरू हुए वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (खरीफ सत्र) में पीएंडके उर्वरकों के लिए 60,939.23 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी थी. एनबीएस योजना अप्रैल, 2010 से लागू है. योजना के तहत सरकार वार्षिक आधार पर नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और सल्फर जैसे पोषक तत्वों पर सब्सिडी की एक निश्चित दर तय करती है.

2014 से एथेनॉल की एडमिनिस्टर्ड कीमत अधिसूचित

सरकार ने 2014 से एथेनॉल की एडमिनिस्टर्ड कीमत को अधिसूचित किया है. पहली बार, 2018 के दौरान सरकार द्वारा एथेनॉल उत्पादन के लिए उपयोग किए गए फीड स्टॉक के आधार पर एथेनॉल के अंतर मूल्य की घोषणा की गई थी. एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2013-14 (ईएसवाई- वर्तमान में एथेनॉल आपूर्ति अवधि 1 दिसम्‍बर से अगले वर्ष के 30 नवम्‍बर तक के रूप में परिभाषित) में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा एथेनॉल खरीद 38 करोड़ लीटर से बढ़कर वर्तमान ईएसवाई 2021-22 में 452 करोड़ लीटर से अधिक के अनुबंध पर पहुंच गई. जून, 2022 में औसत 10 प्रतिशत सम्मिश्रण प्राप्त करने का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है, जो लक्ष्‍य की तारीख, नवम्‍बर, 2022 से बहुत पहले है.


Edited by Ritika Singh