डायबिटीज और उपवास: इस नवरात्रि के लिए कुछ सुझाव?

By yourstory हिन्दी
September 26, 2022, Updated on : Mon Sep 26 2022 06:09:04 GMT+0000
डायबिटीज और उपवास: इस नवरात्रि के लिए कुछ सुझाव?
उपवास के बाद भोजन होता है तो डायबिटीज पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाता है, इसलिए यहाँ कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं जिनका पालन करके स्वस्थ रहते हुए समारोहों का आनंद उठाया जा सकता है.
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देश में नवरात्रि सबसे उल्लासपूर्ण उत्सवों में से एक है और इसके साथ दावत और उपवास की संस्कृति भी आती है. इन नौ मांगलिक रातों के दौरान ही सम्पूर्ण भारत में लोग उपवास रखते हैं, जहाँ अनेक स्वादिष्‍ट पकवानों के साथ साबूदाने की खिचड़ी, फलों की चाट और खीर से लेकर कुट्टू की पूरी और आलू कढ़ी जैसे मुंह में पानी लाने वाले कई तरह के व्यंजन तैयार किये जाते है. सीमित उपवास वयस्कों के लिए अच्छा माना जाता है क्योंकि यह पाचन तंत्र को आराम देता है और शरीर को डीटॉक्सिफाई करने में मदद करता है. लेकिन, 9 से 10 दिनों तक लगातार उपवास और सीमित आहार का सेवन करते हुए, अगर भोजन के प्रकार पर उचित ध्यान नहीं दिया जाए तो लोगों की, विशेषकर डायबिटीज (मधुमेह) के शिकार व्यक्ति की स्वास्थ्य संबंधी समस्या बढ़ सकती है.


इंदौर के टोटल डायबिटीज हॉर्मोन इंस्टीट्यूट के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, डॉ. सुनील एम जैन का कहना है कि, "नवरात्रि में उपवास के दौरान भोजन के पैटर्न, उपवास की प्रकृति और अनुमत खाद्य पदार्थों में बदलाव के कारण मधुमेह का प्रबंधन आवश्यक हो जाता है. डायबिटीज वाले लोगों को नियमित अंतराल पर भोजन करना चाहिए ताकि उपवास शुरू करने से पहले ब्‍लड शुगर के स्तर को बनाया रखा जा सके और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सके. दिन में कई बार ब्‍लड शुगर के स्तर की जाँच करना महत्वपूर्ण है. मौजूदा समय में कई ग्लूकोज मॉनिटरिंग डिवाइस हैं जो आसानी से उपलब्ध हैं और इनमें किसी तरह का प्रिक्‍स भी नहीं करना होता है. ये उपकरण वास्तविक समय में ग्लूकोज के परिणाम मुहैया करते हैं और एक दिशासूचक तीर ग्लूकोज के स्तर की प्रवृत्ति दर्शाता है, जिसके आधार पर व्यक्ति को सोच-समझकर आहार संबंधी सनिर्णय लेने में मदद मिलती है.”


उपवास के बाद भोजन होता है तो डायबिटीज पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाता है, इसलिए यहाँ कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं जिनका पालन करके स्वस्थ रहते हुए समारोहों का आनंद उठाया जा सकता है.


सही भोजन करें - खान-पान पर प्रतिबंध और बदलते खान-पान की वजह से ब्लड शुगर के स्तर में उतार-चढ़ाव हो सकता है. इसलिए, उपवास के लिए अपनी योजना के बारे में अपने डॉक्टर से बात करना महत्वपूर्ण है, जिसमें उपवास के दिनों की संख्या, खाने की आवृत्ति और समय, और ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए जिनका सेवन किया जा सकता है, क्योंकि इससे ग्लूकोज के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. विटामिन सी, ऐंटीऑक्सिडेंट, प्रोटीन और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों का विकल्प चुन सकते हैं, जो ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. भुने हुए मखाने, मेवे और कद्दू के कटलेट खाने से उपवास के दौरान अच्छे नाश्ते योग्य तृप्ति मिल सकती है, क्योंकि ये प्रोटीन की आवश्यकताओं को भी पूरा करते हैं. इसके अतिरिक्त, विटामिन सी और फाइबर युक्त फल, जैसे कि नारंगी और कीवी भी अच्छे हैं क्योंकि वे शरीर में इंसुलिन के उतार-चढ़ाव को प्रबंधित करने में मदद करते हैं.


अपनी गणना पर नज़र रखें - उपवास के दौरान अपने ब्लड शुगर के स्तर की जाँच कब करनी है, यह जानना महत्वपूर्ण है. होम ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम रखने से आपको समय-समय पर अपने ग्लूकोज के स्तर को ट्रैक करने में मदद मिलेगी. आज फ्रीस्टाइल लिबरे जैसे सेंसर-आधारित उपकरण उपलब्ध हैं, जो कार्रवाई योग्य रुझान और पैटर्न प्रदान करते हैं. इनसे आपको अपने स्वास्थ्य के बारे में बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलती है. हाइपोग्लाइसीमिया या हाइपरग्लाईसीमिया से बचने के लिए भी उपवास के दौरान ग्लूकोस के स्तर पर नजर रखना आवश्यक है.

 

हाइड्रेशन बनाए रखें - उपवास के दौरान डायबिटीज वाले लोगों के लिए डिहाइड्रेशन परेशानी का सबब है. व्रत के दौरान कम से कम 2 से 3 लीटर पानी का सेवन अवश्य करें. नमक रहित छाँछ और कम कैलोरी वाले पेय, जैसे कि निम्बू पानी, ग्रीन टी, पुदीने का पानी, इलायची की चाय, स्मूदी और नारियल पानी नवरात्रि के दौरान डिहाइड्रेशन से निपटने में मदद कर सकते हैं. स्मूदी में केले की जगह सेब जैसे फलों का सेवन करना बेहतर होता है.


व्यायाम - डायबिटीज वाले लोग उपवास के दौरान व्यायाम कर सकते हैं, हालांकि इसे धीमी गति से करना चाहिए. इस दौरान खुद को तनाव से मुक्‍त रखना जरूरी है. थोड़े समय के लिए सैर करने जा सकते हैं और अपनी दिनचर्या में स्ट्रेचिंग व्यायाम को शामिल कर सकते हैं. आप नवरात्रि के दौरान व्यायाम छोड़ भी सकते हैं और गरबा की धुनों का आनंद ले सकते हैं. गरबा से एक घंटा पहले भोजन करने से आपको नृत्य के दौरान भारीपन महसूस नहीं होगा और आपकी ऊर्जा बनी रहेगी. डायबिटिक लोगों के लिए, प्रोटीन और सही कार्बोहाइड्रेट का संयोजन उन्हें लंबे समय तक सक्रिय रहने में मदद करता है. आप ऐसे मामलों में कुछ पनीर क्यूब्स के साथ ड्राई फ्रूट मिल्कशेक या कुट्टू का पैनकेक चुन सकते हैं.


उपरोक्त बातों को अमल में लाया जाए तो नवरात्रि के दौरान उपवास शांति का अनुभव दे सकता है. ये आपको नवरात्रि का आनंद लेने और अपने ब्लड शुगर के स्तर के बारे में ज्यादा चिंता किए बिना उपवास के अनुष्ठानों का पालन करने में मदद करेंगे.


(आलेख में व्यक्त विचारों पर योरस्टोरी का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है.)


Edited by रविकांत पारीक

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