Propsoch को मिली 2 मिलियन डॉलर की फंडिंग, अब AI बताएगा कौन सा घर सही!
Propsoch की शुरुआत 2022 में आशिष आचार्य और रवि अग्रवाल ने की थी. यह प्लेटफॉर्म प्रॉपर्टी बेचने वालों के बजाय घर खरीदने वालों के हित को प्राथमिकता देता है. कंपनी इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अपनी रिसर्च और एडवाइजरी क्षमताओं को मजबूत करने, टीम विस्तार करने और नए बाजारों में पहुंच बढ़ाने के लिए करेगी.
बेंगलुरु स्थित होमबायर एडवाइजरी प्लेटफॉर्म Propsoch ने 2 मिलियन डॉलर की सीड फंडिंग हासिल की है. इस फंडिंग राउंड की अगुवाई Athera Venture Partners, Sparrow Capital और Vakil Group ने की. कंपनी इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अपनी रिसर्च और एडवाइजरी क्षमताओं को मजबूत करने, टीम विस्तार करने और नए बाजारों में पहुंच बढ़ाने के लिए करेगी.
Propsoch की शुरुआत 2022 में आशिष आचार्य और रवि अग्रवाल ने की थी. यह प्लेटफॉर्म प्रॉपर्टी बेचने वालों के बजाय घर खरीदने वालों के हित को प्राथमिकता देता है.
आज ज्यादातर रियल एस्टेट पोर्टल या ब्रोकर उस प्रोजेक्ट को ज्यादा आगे बढ़ाते हैं जहां उन्हें अधिक कमीशन मिलता है. ऐसे में खरीदारों को सही और निष्पक्ष जानकारी नहीं मिल पाती. Propsoch इसी मॉडल को बदलने की कोशिश कर रहा है.
कंपनी किसी भी प्रॉपर्टी का विश्लेषण 80 से ज्यादा महत्वपूर्ण मानकों पर करती है. इनमें बिल्डर की विश्वसनीयता, निर्माण गुणवत्ता, प्रोजेक्ट की कार्यक्षमता, भविष्य में कीमत बढ़ने की संभावना और आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे पहलू शामिल हैं. कंपनी डेटा एनालिटिक्स, इंडस्ट्री एक्सपर्टीज और उपभोक्ताओं के रिव्यू की मदद से खरीदारों को निष्पक्ष सलाह देने का दावा करती है.
इस फंडिंग राउंड से पहले भी कंपनी करीब 6 लाख डॉलर जुटा चुकी है. उस राउंड में Godrej Group और Vakil Group के फैमिली ऑफिस ने निवेश किया था. इसके अलावा Godrej Properties के पूर्व MD और CEO मोहित मल्होत्रा और Titan Company के पूर्व MD भास्कर भट्ट ने भी कंपनी में निवेश किया था.
Propsoch के फाउंडर और CEO आशिष आचार्य का कहना है कि भारत में घर खरीदना किसी परिवार का सबसे बड़ा आर्थिक फैसला होता है, लेकिन इसके बावजूद लोगों को उतनी पारदर्शिता नहीं मिलती जितनी एक स्मार्टफोन खरीदते समय मिल जाती है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने इसी स्थिति को बदलने के उद्देश्य से शुरुआत की थी. बेंगलुरु में 1500 से ज्यादा परिवारों को सलाह देने के बाद अब कंपनी इस साल 10 हजार से ज्यादा होमबायर्स तक पहुंचने की तैयारी कर रही है. साथ ही कंपनी मुंबई बाजार में भी विस्तार कर रही है.
वहीं को-फाउंडर और चीफ प्रोडक्ट एंड टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CPTO) रवि अग्रवाल का कहना है कि कई खरीदारों को प्रॉपर्टी खरीदने के बाद उसकी कमियां पता चलती हैं. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में भारत के हर चार में से तीन होमबायर्स अपने फैसले को लेकर पछतावा महसूस करते हैं. कंपनी अगले पांच वर्षों में इस स्थिति को बदलना चाहती है.
रवि अग्रवाल ने बताया कि Propsoch अपने AI वर्कफ्लो को कई वर्षों के ग्राहक इंटरैक्शन, आर्किटेक्चरल डेटा और जियोस्पेशियल डेटा पर ट्रेन कर रही है. इससे आम परिवारों को भी वही तकनीकी, वित्तीय और कानूनी जांच मिल सकेगी जो अब तक केवल बड़े संस्थागत निवेशकों को उपलब्ध होती थी.
Athera Venture Partners के पार्टनर राजीव मेहता का कहना है कि Propsoch घर खरीदने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डेटा आधारित बना रहा है. उन्होंने कहा कि कंपनी वास्तविक उपभोक्ता समस्याओं को हल करने पर काम कर रही है और भविष्य में देशभर में विस्तार की क्षमता रखती है.
Sparrow Capital के पार्टनर यश जैन ने कहा कि रियल एस्टेट बाजार में लंबे समय से ग्राहकों के बजाय कमीशन आधारित मॉडल हावी रहा है. लेकिन Propsoch इस समीकरण को बदलते हुए खरीदारों के हित को केंद्र में रख रहा है.
भारत का प्रोपर्टी-टेक सेक्टर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है. उपभोक्ता अब रियल एस्टेट खरीदारी में ज्यादा पारदर्शिता और सही जानकारी चाहते हैं. ऐसे समय में Propsoch खुद को टेक्नोलॉजी, भरोसे और कंज्यूमर-फर्स्ट अप्रोच के संगम पर स्थापित करने की कोशिश कर रहा है.
कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में AI और डेटा आधारित एडवाइजरी भारतीय रियल एस्टेट बाजार में बड़ा बदलाव ला सकती है. अगर Propsoch अपनी रणनीति में सफल रहता है तो घर खरीदने का अनुभव लाखों भारतीय परिवारों के लिए पहले से कहीं ज्यादा आसान और भरोसेमंद बन सकता है.




