Brands
YSTV
Discover
Events
Newsletter
More

Follow Us

twitterfacebookinstagramyoutube
Yourstory
search

Brands

Resources

Stories

General

In-Depth

Announcement

Reports

News

Funding

Startup Sectors

Women in tech

Sportstech

Agritech

E-Commerce

Education

Lifestyle

Entertainment

Art & Culture

Travel & Leisure

Curtain Raiser

Wine and Food

Videos

ADVERTISEMENT

जानिए भारत में सार्स-कोव-2 के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कितनी प्रभावकारी है कोविशील्ड वैक्सीन

यह अध्ययन वास्तविक दुनिया वैक्सीन प्रभावशीलता और टीकाकरण के लिए प्रतिरक्षात्मक प्रतिक्रिया के बारे में व्यापक डेटा उपलब्ध कराता है जिससे नीति के मार्गदर्शन में मदद मिलनी चाहिए।

जानिए भारत में सार्स-कोव-2 के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कितनी प्रभावकारी है कोविशील्ड वैक्सीन

Wednesday December 01, 2021 , 2 min Read

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार SARS-CoV-2 ने 200 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित किया है और इससे 5 मिलियन से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है। SARS-CoV-2 वायरस के म्यूटेंट वैरिएंट में हुई वृद्धि से वैक्सीन की प्रभावशीलता के बारे में चिंताओं को बढ़ावा मिला है। Delta (B.1.617.2) वैरिएंट भारत में पूर्व प्रभावित स्ट्रेन है। भारत में टीकाकरण कार्यक्रम मुख्य रूप से कोविशील्ड वैक्सीन (ChAdOx1 nCoV-19) द्वारा संचालित है।


भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (THSTI) के नेतृत्व में भारतीय शोधकर्ताओं की एक बहु-संस्थागत टीम ने अप्रैल और मई, 2021 के मध्य सार्स-कोव-2 के संक्रमण के दौरान कोविशील्ड वैक्सीन की वास्तविक-दुनिया प्रभावशीलता का आकलन किया है। इस टीम ने सुरक्षा के तंत्र को समझने के लिए टीका लगे स्वस्थ व्यक्तियों में वेरिएंट के खिलाफ निष्प्रभाविता गतिविधि और सेलुलर प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं का भी आकलन किया है।

f

“The Lancet Infectious Diseases” पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में सार्स-कोव-2 संक्रमण की पुष्टि किए गए 2379 और नियंत्रित किए गए 1981 मामलों का तुलनात्मक अध्ययन शामिल हैं। इसमें बताया गया है कि पूरी तरह टीकाकरण किए गए व्यक्तियों में सार्स-कोव-2 संक्रमण के खिलाफ वैक्सीन की प्रभावशीलता 63 प्रतिशत पाई गई, जबकि मध्यम से गंभीर बीमारी के खिलाफ पूर्ण टीकाकरण में वैक्सीन की प्रभावशीलता 81 प्रतिशत पाई गई।


सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वैज्ञानिकों ने यह भी पता लगाया है कि डेल्टा वेरिएंट और वाइल्ड टाइप सार्स-कोव-2 दोनों के खिलाफ स्पाइक विशिष्ट टी-सेल प्रतिक्रियाओं को संरक्षित किया गया था। इस तरह की प्रतिरक्षक सुरक्षा वायरस के वेरिएंट के खिलाफ ह्यूमूरल प्रतिरक्षा कम करने और मध्यम से गंभीर बीमारी की रोकथाम और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत को कम कर सकती है।


यह अध्ययन वास्तविक दुनिया वैक्सीन प्रभावशीलता और टीकाकरण के लिए प्रतिरक्षात्मक प्रतिक्रिया के बारे में व्यापक डेटा उपलब्ध कराता है जिससे नीति के मार्गदर्शन में मदद मिलनी चाहिए।