जानिए ब्रेस्ट कैंसर की चपेट में आ चुकी इन सेलिब्रिटीज ने कैसे दी इस बीमारी को मात

By Upasana
October 16, 2022, Updated on : Sun Oct 16 2022 12:52:38 GMT+0000
जानिए ब्रेस्ट कैंसर की चपेट में आ चुकी इन सेलिब्रिटीज ने कैसे दी इस बीमारी को मात
अक्टूबर को पूरी दुनिया में ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के तौर पर मनाया जाता है. इतने विकसित होने के बाद भी आज समाज में ब्रेस्ट कैंसर को लेकर उतनी जागरुकता नहीं है जितनी होनी चाहिए. हालांकि कुछ सेलेब्रिटीज ने आगे आकर अपने सफर के अनुभव साझा कर समाज में जागरुकता बढ़ाने का काम किया है.
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पूरी दुनिया इस समय ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ मना रही है. इसकी शुरुआत 1985 से हुई थी, जिसे महिलाओं के अंदर स्क्रीनिंग बढ़ावा देने और इस बीमारी की रोक थाम करने के मकसद से शुरू किया गया था. कैंसर से हर साल लाखों मरीजों की जान जाती है. मगर बीते कुछ सालों में इन आंकड़ों में ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है.


कई बड़ी-बड़ी सेलेब्रिटीज जब इस बीमारी का शिकार हुईं तो उन्होंने बड़ी हिम्मत के साथ न सिर्फ इस बीमारी का सामना किया बल्कि अपनी पूरी जर्नी को दुनिया के सामने भी रखा ताकि लोगों के बीच जागरुकता हो, महिलाएं खुद को लेकर जागरुक हों और भविष्य में ब्रेस्ट कैंसर जैसी बीमारी की चपेट में आने से खुद को बचा सकें या अगर शिकार हो गई हैं तो उससे बिना डरे सामना कर सकें.


आज हम ऐसी ही कुछ जानी मानी महिलाओं के संघर्ष की कहानी जानेंगे जिन्होंने ब्रेस्ट कैंसर को मात दी और आज एक अच्छी खुशहाल जिंदगी जी रही हैं.

मुमताज़

70 के दशक की जानी मानी बॉलीवुड अदाकारा मुमताज़ भी ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हुई थीं. साल 2000 में मुमताज़ के शरीर में मेलीगंट लम्प का डायग्नोसिस किया गया था. कई सारे कीमो लेने के बाद वे कैंसर मुक्त हुई थीं. मगर कीमो थेरेपी के चलते मुमताज़ के बाल और आइब्राउ के बाल भी झड़ गए थे.


आप सोच सकते हैं अगरे हमारे बाल या आइब्रो झड़ जाएं तो कैसा लगता है, और मुमताज तो चौबीसों घंटे कैमरे की चकाचौंध में रहने वाली अदाकारा थीं उनके लिए इस परिस्थिति को स्वीकार करना और उसका सामना करना कितना मुश्किल रहा होगा. मगर आख़िरकार इस चुलबुली अदाकरा ने कैंसर को मात दी और कैंसर सर्वाइवर की फेहरिस्त में शामिल हो गईं. मुमताज एक इंटरव्यू में कहती नजर आती हैं, "मैं इतनी जल्दी हार नहीं मानती, मौत को भी मुझसे लड़ना पड़ेगा."

सिंथिया नेक्सन

इस तरह अमेरिकन ऐक्ट्रेस सिंथिया नेक्सन जिन्होंने सेक्स एंड दी सिटी में अपनी बोल्ड ऐक्टिंग से दर्शकों का मन मोह लिया था. साल 2006 उनके लिए काफ़ी चुनौती भरा रहा जब अक्टूबर महीने में ब्रेस्ट कैंसर ने उन्हें भी चंगुल में ले लिया, जिसके बाद उनकी 6 महीने से ज़्यादा रेडीएशन थेरेपी चली. साल 2008 में सिंथिया ने अपनी ब्रेस्ट कैंसर के साथ पूरी यात्रा को लोगों तक पहुंचाया और बताया कि एक ब्रेस्ट कैंसर मरीज पर क्या बीतती है, उसे किस-किस मुश्किल परिस्थितियों को सामनाक करना पड़ता है.


सिंथिया अब ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस ऐक्टिविस्ट हैं. सिंथिया ने सुसान जी कोमेन के साथ जुड़ कर लाखों लोगों को TV और रेडियो के जरिए ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जागरूक किया है. उनका मानना है कि ज़रूरी नहीं की आपके घर में किसी को ब्रेस्ट कैंसर हो तभी आप इसके विषय में रीसर्च करें या जानें, हर इंसान को इसकी जानकारी होनी चाहिए.

एंजेलिना जॉली

इस बाद आता है साल 2007, जब एक और पॉपुलर हॉलीवुड अभिनेत्री एंजेलिना जॉली का ब्रेस्ट कैंसर से सामना हुआ. उन्होंने 2007 में ब्रेस्ट कैंसर से अपनी मां को खो दिया था, जिसके बाद डाक्टर्ज़ को जॉली की जीन में भी कुछ समस्या दिखी. वैज्ञानिक भाषा में इसे BRCA1 कहते हैं.


इस तरह के प्रभावित जीन वाले लोगों को ब्रेस्ट या ओवरी कैंसर होने की आशंका उम्र के साथ बढ़ती जाती है. इसके मुताबिक़ जॉली को ब्रेस्ट कैंसर होने की 87 प्रतिशत और ओवरी का कैंसर होने की 50 प्रतिशत सम्भावनाएं थीं. 2013 में एक्ट्रेस ने कैंसर की संभावना को खत्म करने के लिए अपने दोनों ब्रेस्ट हटवा लिए थे. उन्होंने फेलोपियन ट्यूब और ओवरी भी हटवा ली है.

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एंजेलिना के अनुसार डबल मासटेकटॉमी की 9 महीने लम्बी प्रकिया से गुजरने के बाद उन्हें कैंसर होने का जोखिम 87 प्रतिशत से घट कर 5 प्रतिशत रह गया है. उनका कहना है कि “मैं हर महिला को प्रोत्साहित करना चाहती हूं, खास तौर से उन्हें जिनके परिवार में स्तन कैंसर का इतिहास रहा है. मैं चाहती हूं कि वो इस बारे में जागरुक बनें और चिकित्सा विशेषज्ञों से मिलें जो उनकी जिंदगी के इस पहलू पर मददगार साबित हो सकते हैं.''

ताहिरा कश्यप

बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना की पत्नी ताहिरा कश्यप भी ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर हैं. उन्होंने कैंसर के साथ इस लड़ाई के सामने हैरान परेशान होने के बजाय हंसते मुस्कुराते इससे लड़ने का फैसला किया. ताहिरा ने सोशल मीडिया पर अपने फैंस के साथ कैंसर ट्रीटमेंट की पूरी कहानी शेयर की है. लास्ट कीमोथेरेपी के बाद ताहिरा ने काफी इमोशनल होकर इस पूरे ट्रीटमेंट के दौरान महसूस होने वाली अपनी थकान का ज्रिक किया है.


सितंबर साल 2018 में ताहिरा ने सबसे पहले कैंसर होने की खबर शेयर की थी. इसके बाद से लगातार उनका इलाज चला. ताहिरा ने सोशल मीडिया पर कुछ फोटोज पोस्ट की जिनमें वो बिना बालों के बिल्कुल खुश नजर आ रही हैं. पोस्ट में फोटो के साथ ताहिरा ने कैप्शन लिखा है- ''हैलो वर्ल्ड, ये मैं हूं.. पुरानी ताहिरा, लेकिन नए अंदाज में. एक्सटेंशन्स से काफी थक चुकी थी इसलिए ये नया लुक कैसा है? मेरे लिए यह खुलकर अपने शब्दों को कहने का मौका है. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे सिर पर बाल नहीं रहेंगे. लेकिन अब मैं बेहतर महसूस कर रही हूं.'' एक्टर आयुष्मान खुराना ने अपनी पत्नी ताहिरा की पोस्ट को रि-ट्वीट कर उनका हौंसला भी बढ़ाया.


कीमोथरेपी के दौरान ताहिरा ने डायरेक्शन से लेकर प्री-प्रोडक्शरन काम किया. साथ में दो-तीन लेक्चर भी लिए. कीमोथेरेपी के दौरान भी आयुष्मान और ताहिरा काफी एंजॉय करते हुए नजर आए. आयुष्मान ने ताहिरा के कैंसर ट्रीटमेंट में उनका पूरा साथ दिया. आयुष्मान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि ताहिरा को कैंसर होने की खबर उन्हें तब पता चली थी जिस दिन उनका बर्थडे था और इसके बाद वे दोनों फिल्म देखने गए थे. ताहिरा ने सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो शेयर किए हैं जिसमें आयुष्मान उनकी देखभाल करते नजर आते हैं.

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ताहिरा ने कैंसर ट्रीटमेंट को लेकर जिस तरीके से लगतार सोशल मीडिया पर पोस्ट किए उसके बाद उनके फैंस तक यही मैसेज पहुंचा है कि कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिससे लड़ा जा सकता है.


ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों की संख्या तो आज भी उसी रफ्तार से बढ़ रही है मगर जानीमानी शख्सियतों की तरफ से सोशल मीडिया पर खुलकर इस बारे में बात करने, कैंसर की वजह से काम रोकने की बजाय काम जारी रखने अपने अनुभव साझा करने से यकीनन लोगों में ब्रेस्ट कैंसर को लेकर जागरुकता बढ़ी है.

छवि मित्तल

मई 2022 में इंडियन टीवी एक्ट्रेस छवि मित्तल ने सोशल मीडिया के जरिए अपने ब्रेस्ट कैंसर होने की जानकारी दी तो उनके फैंस को गहरा धक्का लगा. मगर उन्होंने जिस तरह इस बीमारी का सामना वह वाकई काबिले तारीफ है. छवि कहती हैं कि जब उनका कैंसर जब डायग्नोस हुआ तो वह स्टेज II ग्रेड I में था, उन्हें तुरंत सर्जरी कराने की सलाह दी गई. छवि का 7 घंटे तक ऑपरेशन हुआ उसके बाद 6 सप्ताह तक कीमोथेरेपी चली. छवि बताती हैं ये पूरा समय उनके लिए बेहद मुश्किल रहा. मगर पति से लेकर बच्चों, घर वालों, दोस्तों के सपोर्ट की बदौलत वो इस मुश्किल से कुछ आसानी से उबर पाईं.


छवि के मुताबिक कैंसर का तो इलाज हो जाता है लेकिन मुश्किल उस सर्जरी के बाद के सफर में होती है. सर्जरी के बाद आप कितनी जल्दी ठीक होने लगेंगे ये सिर्फ और सिर्फ खुद आपके हाथ में होता है. छवि हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के 7 दिन बाद ही काम पर लौट आईं. उनके मुताबिक अपने लोगों, अपनी पुरानी लाइफस्टाइल में लौटने से उन्हें ठीक होने में काफी मदद मिली. हां लेकिन अपने शरीर पर वो ज्यादा जोर नहीं देतीं. उतना ही काम करती हैं जितने में उन्हें ठीक महसूस होता है. 


छवि एक इंटरव्यू में कहती हैं कि अब उन्होंने खुद को प्राथमिकता देना सीख लिया है. छवि ने कहा, “मैं एक ऐसी इंसान थी, जो हमेशा दौड़ती-भागती रहती थी. या तो काम या फिर बच्चों का ध्यान रखने में व्यस्त रहती थी. मेरे पास अपने लिए समय नहीं था और मैं ही नहीं बहुत सी महिलाएं ऐसा ही करती हैं. मैंने सबसे बड़ी जो चीज़ सीखी वह यह है कि जीवन को हल्के में नहीं लेना चाहिए.”

महिमा चौधरी

छवि की तरह ही एक्ट्रेस महिमा चौधरी ने भी कुछ महीने बाद सोशल मीडिया के जरिए बताया कि उनका सामना भी ब्रेस्ट कैंसर नाम की इस खतरनाक बीमारी से हुआ. उन्हें एक रेग्युलर हेल्थ चेकअप में ब्रेस्ट कैंसर का पता चला. 3 से 4 महीने उनका इलाज चला.


महिमा बताती हैं कि ये पूरा सफर काफी मुश्किल रहा. मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहती क्योंकि मैं नहीं लोग इससे घबराएं. सिर्फ इतना कहना चाहूंगी कैंसर का इलाज मुमकिन है. इसलिए किसी भी ट्रीटमेंट से डरना नहीं चाहिए. मगर ट्रीटमेंट और उसके बाद की रिकवरी जर्नी एक तरह का मानसिक संघर्ष है जो आपको खुद लड़ना होता है. हां इसमें अगर आपके करीबी आपके साथ हों तो ये सफर आसान हो जाता है. 


तो ये थी कुछ जानी मानी हस्तियों की ब्रेस्ट कैंसर के साथ की लड़ाई. इन सभी अनुभवों को पढ़कर हम इतना कह सकते हैं कि कैंसर को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए. नियमित तौर पर हेल्थ चेकअप के लिए जाएं. महिलाओं को तो 40 की उम्र के बाद साल में एक बार मैमोग्राम जरूर कराना चाहिए.


अगर दुर्भाग्यवश कैंसर की पुष्टि होती है तो संबल खोने की बजाय हिम्मत से उसका सामना करना चाहिए. अगर कैंसर से पूरी तरह ठीक होकर बाहर निकलना है तो असल हिम्मत और साहस सर्जरी के बाद दिखानी होगी क्योंकि वही आपकी आगे की डगर तय करेगा.