एजुकेशन लोन से कैसे बचा सकते हैं टैक्स, जीवनसाथी और बच्चे भी करते हैं मदद

आयकर कानून विभिन्न सेक्शंस के माध्यम से करदाताओं को टैक्स कटौती की सहूलियत देता है.

एजुकेशन लोन से कैसे बचा सकते हैं टैक्स, जीवनसाथी और बच्चे भी करते हैं मदद

Friday February 10, 2023,

3 min Read

उच्च शिक्षा यानी हायर स्टडीज आज के टाइम में काफी महंगी हो चली है. अच्छे लेकिन उच्च फीस वाले कॉलेज/इंस्टीट्यूट में अपने बच्चों का एडमिशन कराने के लिए कई मां-बाप एजुकेशन लोन (Education Loan) का सहारा ले रहे हैं. यह सोचकर कि भले ही आज उन्हें एजुकेशन लोन का बोझ झेलना पड़ रहा है लेकिन इससे उनके बच्चों का करियर और भविष्य बेहतर बन सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एजुकेशन लोन की मदद से करदाता अपनी टैक्स देनदारी को घटा सकता है.

आयकर कानून विभिन्न सेक्शंस के माध्यम से करदाताओं को टैक्स कटौती (Income Tax Deduction) की सहूलियत देता है. इन्हीं में से एक ‘सेक्शन 80E’ है. इस सेक्शन के तहत उच्च शिक्षा यानी ग्रेजुएशन/पोस्ट ग्रेजुएशन, डॉक्टरेट की पढ़ाई के मकसद से लिए गए एजुकेशन लोन पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर टैक्स डिडक्शन क्लेम (Tax Deduction on Education Loan) किया जा सकता है. लेकिन याद रहे कि सेक्शन 80E के डिडक्शन का फायदा केवल उन्हीं करदाताओं को मिलता है, जो पुरानी परंपरागत टैक्स व्यवस्था का चुनाव करते हैं. नई आयकर व्यवस्था में सेक्शन 80CCD (2) को छोड़कर अन्य किसी सेक्शन के तहत मिलने वाले डिडक्शन को क्लेम नहीं किया जा सकता है.

किसके लिए एजुकेशन लोन होता है कवर

एजुकेशन लोन करदाता के खुद के लिए या फिर, पत्नी, बच्चे या फिर किसी भी ऐसे स्टूडेंट के लिए हो सकता है, जिसका करदाता कानूनी अभिभावक है. एजुकेशन लोन पर भरे जा रहे ब्याज पर ही डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है, रिपे किए जा रहे प्रिंसिपल अमाउंट पर नहीं. यह भी ध्यान रहे कि यह फायदा केवल व्यक्तिगत करदाता के लिए है. एजुकेशन लोन के ब्याज पर टैक्स डिडक्शन का लाभ लोन का ब्याज चुकाया जाना शुरू किए जाने वाले साल से 8 साल तक या पूरा ब्याज चुकता हो जाने, जो भी अवधि पहले खत्म हो तक लिया जा सकता है.

क्या डिडक्शन की कोई ऊपरी सीमा है?

एजुकेशन लोन के ब्याज पर डिडक्शन को क्लेम करने के लिए कोई ऊपरी सीमा नहीं है. पूरे वित्त वर्ष में लोन पर करदाता की ओर से जितना ब्याज चुकाया गया है, उस पूरे अमाउंट पर टैक्स डिडक्शन का फायदा लिया जा सकता है. उच्च शिक्षा के मकसद से रेगुलर कोर्स या वोकेशनल कोर्स किसी के लिए भी एजुकेशन लोन लिया गया हो, इस पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है. एजुकेशन लोन देश या विदेश में कहीं भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के मकसद से लिया गया हो सकता है.

अगर लोन NBFC से लिया गया है तो...

अगर करदाता ने एजुकेशन लोन NBFC से लिया है तो केवल उन्हीं NBFC से लिए गए एजुकेशन लोन पर डिडक्शन क्लेम हो सकेगा, जिन्हें केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने नोटिफाई किया हुआ है. यानी हर NBFC के लोन पर टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा. डिडक्शन क्लेम करने के लिए एजुकेशन लोन किसी बैंक, मान्य चैरिटेबल इंस्टीट्यूट या नोटिफाइड फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से लिया गया होना चाहिए.