आय में असमानता कम करने में कैसे मदद करेगा सतत विकास लक्ष्य-10?

By yourstory हिन्दी
January 11, 2023, Updated on : Wed Jan 11 2023 10:59:42 GMT+0000
आय में असमानता कम करने में कैसे मदद करेगा सतत विकास लक्ष्य-10?
2012-2017 की अवधि के दौरान 73 देशों में, नीचे की 40 फीसदी आबादी ने अपनी आय में वृद्धि देखी. फिर भी सभी देशों में, नीचे की 40 प्रतिशत आबादी को कुल आय या खपत का 25 प्रतिशत से भी कम प्राप्त हुआ.
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सतत विकास लक्ष्य (SDG) बेहतर स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन और सबके लिए शांति और समृद्ध जीवन सुनिश्चित करने के लिए सभी से कार्रवाई का आह्वान करता है. वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसे एक सार्वभौमिक आह्वान के रूप में अपनाया गया था. 17 सतत विकास लक्ष्य और 169 उद्देश्य सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा के अंग हैं.


17 एसडीजी मानते हैं कि एक क्षेत्र में कार्रवाई से दूसरे क्षेत्र में परिणाम प्रभावित होंगे, और यह कि विकास को अवश्य ही प्रभावित होना चाहिए. सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिरता को संतुलित करें. एक प्रणालीगत सोच दृष्टिकोण वैश्विक स्थिरता के लिए आधार है.


SDG के 17 लक्ष्यों में 10वां सतत विकास लक्ष्य (SDG-10 या वैश्विक लक्ष्य-10) असमानता कम करने से संबंधित है. एसडीजी-10 का लक्ष्य देशों के भीतर और बीच असमानता को कम करना है.


SDG-10 में 2030 तक प्राप्त करने के लिए 10 लक्ष्य हैं. लक्ष्यों की प्रगति को संकेतकों द्वारा मापा जाएगा.


1. आय असमानताओं को कम करना

2. सार्वभौमिक सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समावेश को बढ़ावा देना

3. समान अवसर सुनिश्चित करना और भेदभाव समाप्त करना

4. समानता को बढ़ावा देने वाली राजकोषीय और सामाजिक नीतियों को अपनाना

5. वैश्विक वित्तीय बाजारों और संस्थानों का बेहतर रेगुलेशन

6. वित्तीय संस्थानों में विकासशील देशों के लिए प्रतिनिधित्व बढ़ाना

7. जिम्मेदार और अच्छी तरह से प्रबंधित प्रवासन नीतियां

8. विकासशील देशों के लिए विशेष और अलग तरह का व्यवहार

9. कम विकसित देशों में विकास सहायता और निवेश को प्रोत्साहित करना

10. प्रवासी प्रेषण के लिए लेनदेन लागत कम करें


गोल 10.1 राष्ट्रीय औसत से अधिक दर पर आबादी के निचले 40 प्रतिशत की आय वृद्धि को बनाए रखना है. यह लक्ष्य, जिसे साझा समृद्धि के रूप में जाना जाता है, SDG-1 का पूरक है, अत्यधिक गरीबी का उन्मूलन, और यह दुनिया के सभी देशों के लिए प्रासंगिक है.


2012-2017 की अवधि के दौरान 73 देशों में, नीचे की 40 फीसदी आबादी ने अपनी आय में वृद्धि देखी. फिर भी सभी देशों में, नीचे की 40 प्रतिशत आबादी को कुल आय या खपत का 25 प्रतिशत से भी कम प्राप्त हुआ.


कोविड-19 महामारी ने कई दशकों में पहली बार देशों के बीत के आय की असमानता को बढ़ा दिया. 2013-17 के दौरान देशों के बीच असमानता का अंतर -3.8 फीसदी था जो कि कोविड-19 के कारण 2017-21 के दौरान 1.2 फीसदी हो गया जबकि अगर कोविड-19 महामारी नहीं आती तो यह -2.6 फीसदी रहता.


वहीं, कोविड-19 महामारी के कारण साल 2021 में 5895 प्रवासियों को जान गंवानी पड़ी. यह साल 2017 के बाद सबसे खतरनाक साल था.


वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत प्रतिबंधित भेदभावों का हर 5 में से 1 व्यक्ति ने अनुभव किया है. साल 2015 से 2021 के बीच अपने देश के बाहर रहने वाले शरणार्थियों की संख्या में 44 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.


Edited by Vishal Jaiswal