स्वतंत्रता दिवस विशेष: मिलिए भारत माँ के सच्चे सपूत अमित आर्यन से जिनकी ट्रेनिंग की बदौलत 450 से ज्यादा युवाओं को मिली सेना में नौकरी

By रविकांत पारीक
August 15, 2020, Updated on : Sat Aug 15 2020 07:00:54 GMT+0000
स्वतंत्रता दिवस विशेष: मिलिए भारत माँ के सच्चे सपूत अमित आर्यन से जिनकी ट्रेनिंग की बदौलत 450 से ज्यादा युवाओं को मिली सेना में नौकरी
योरस्टोरी से बात करते हुए भारतीय सेना के रिटायर्ड नायक अमित गुप्ता 'आर्यन' ने बताया कि उनका सपना है कि उनके गांव का हर-एक युवा राष्ट्र की सेवा में समर्पित होने के लिये भारतीय सेना जॉइन करें। उनसे ट्रेनिंग पाकर अब तक करीब 450 से ज्यादा युवा सेना में नौकरी पा चुके हैं।
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

'हम फौजी इस देश की धड़कन है, हर दिल का हम प्यार माँ की तड़पन है' फिल्म अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों (2004) के टाइटल ट्रेक की ये पंक्तियों आज की शख़्सियत के लिये बिलकुल सटीक बैठती है।


देशभर में आज 74वां स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। हर कोई देशभक्ति के रंग में डुबा हुआ है और आजादी का जश्न मनाने में सराबोर है। ऐसे में आज हम आपको मिलवाने जा रहे हैं भारत माँ के सच्चे सपूत उत्तर प्रदेश की ताजनगरी आगरा के फतेहाबाद के गांव गढ़ी दरियाब के रहने वाले सेना से रिटायर्ड नायक अमित गुप्ता 'आर्यन' से जो अपने गांव के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिये फ्री ट्रेनिंग दे रहे हैं।


क

रिटायर्ड सेनानायक अमित गुप्ता 'आर्यन' अपने गांव के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिये फ्री ट्रेनिंग दे रहे हैं। (फोटो साभार: अमित आर्यन)


अमित अपना जीवन पूरी तरह राष्ट्र के नाम समर्पित कर चुके हैं, पहले सेना में भर्ती होकर खुद देश की सेवा की और अब सेवानिवृत होने के बाद गुरु 'द्रोणाचार्य' बनकर अपने गांव के युवा लड़कों को सेना में भर्ती होने के लिये प्रशिक्षण दे रहे हैं। अमित आर्यन फतेहाबाद के राजकीय डिग्री कॉलेज के मैदान में इन युवाओं को ट्रेनिंग देते हैं। इसके लिये उन्हें कॉलेज के प्रिंसिपल का समर्थन मिला है।


सेना में रहते हुए नायक अमित आर्यन हैंडबॉल के कोच भी रहे और दो बार नेशनल लेवल पर खेल चुके हैं।


सेना से रिटायर्ड नायक अमित आर्यन बताते हैं,

“साल 2003 में मैं भारतीय सेना में भर्ती हुआ। इस दौरान जब भी मैं छुट्टियों में गांव आता और इन नौजवान युवाओं को देखता तब मुझे एहसास होता था कि इनमें देश की सेवा करने करने का जज्बा है, टैलेंट है बस इन्हें सही दिशा और प्रशिक्षण की जरुरत है।”

अपनी सेवा के दौरान अमित आर्यन जब एक आर्मी ट्रेनिंग स्कूल में नायक के रूप में तैनात थे तब उन्होंने अपनी सेवाओं के दौरान सेना में शामिल होने के लिए आवश्यक कौशल सीखे।

क

मैदान में युवाओं को सेना का प्रशिक्षण देते हुए रिटायर्ड नायक अमित गुप्ता 'आर्यन' (फोटो साभार: अमित आर्यन)

वे आगे कहते हैं,

आर्मी ट्रेनिंग स्कूल से आवश्यक कौशल सीखने के बाद मैंने अपने गांव के युवाओं के लिये एक ट्रेनिंग स्कूल शुरु करने का फैसला किया।

साल 2012 में उन्होंने अपने इस सपने को हकीकत में तब्दील करते हुए गांव के नौजवान युवाओं को एक मैदान में इकट्ठा किया। पहले दिन ये संख्या 5-10 थी जो कि अगले दिन से लगातार बढ़ती गई और एक हफ्ते के भीतर इस मैदान में गांव के 100 युवा सेना का प्रशिक्षण ले रहे थे।



साल 2012 की सेना भर्ती में युवाओं के सेलेक्शन के बारे में बात करते हुए अमित आर्यन कहते हैं,

साल 2012 में निकली सेना की भर्ती में गांव के लगभग 90 युवाओं ने भर्ती की दौड़ सफलतापूर्वक पास कर ली। लेकिन वे मेडिकल और आगे के चरणों में असफल रहे। वहीं 15-20 युवाओं ने उस भर्ती के सभी चरणों को सफलतापूर्वक पास किया और आज वे भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इसके बाद से (2012 के बाद से) सेना में रहते हुए नायक अमित आर्यन जब भी सेना से छुट्टी के लिये घर आते थे तो वे अपनी छुट्टियों की योजना कुछ इस तरह से बनाते कि आस-पास में सेना की कोई भर्ती निकली हो जिससे कि वे ज्यादा से ज्यादा समय इन युवाओं की ट्रेनिंग में बिता सके। इस दौरान वे घर-परिवार को कम समय देते थे। और अपना अधिकतर समय इन नौजवानों की ट्रेनिंग में बिताते थे।


इसी साल फरवरी, 2020 में सेनानायक अमित आर्यन भारतीय सेना से अपनी सेवाओं से सेवानिवृत हो गए। अब वे अपना पूरा समय इन युवाओं के साथ रहते हैं और इन्हें हर तरह से प्रशिक्षित करते हैं।

मैदान में युवाओं को सेना का प्रशिक्षण देते हुए रिटायर्ड नायक अमित गुप्ता 'आर्यन' (फोटो साभार: अमित आर्यन)

अभ्यास करते हुए युवा (फोटो साभार: अमित आर्यन)

अमित आर्यन बताते हैं,

अब फतेहाबाद के राजकीय डिग्री कॉलेज मैदान में रोजाना सुबह ठीक 5:45 बजे सीटी बजते ही फिटनेस कैंप की शुरुआत होती है और सुबह 8:30 बजे तक युवाओं को सेना की तैयारी की हर बारीकी समझाई जाती है। यह कैंप शाम को भी लगता है। इस फिटनेस कैंप की खास बात यह है कि अमित ये ट्रेनिंग नि:शुल्क देते हैं।

अमित आर्यन आर्थिक तौर से कमजोर युवाओं को अपनी तरफ से मदद भी देते हैं। जो युवा प्रशिक्षण के लिए अपने पास से जूते और किट नहीं खरीद पाते हैं, सेना में नौकरी करने वाले जवान अपने पास से उन्हें जूते और किट खरीदकर देते हैं। यह भी देश सेवा के जज्बे का ही परिणाम है। इस मुहिम में अब उनका साथ उनके द्वारा ट्रेनिंग पाकर सेना में नौकरी ले चुके युवासाथी भी देने लगे हैं। इस नि:शुल्क ट्रेनिंग कैंप में फतेहाबाद की एक सामाजिक संस्था युवाओं को केले और जूस का वितरण भी कर रही है।


अमित आर्यन से ट्रेनिंग पाकर अब तक करीब 450 से अधिक नौजवान युवा डिफेंस जॉइन कर चुके हैं और वे आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


अमित आर्यन ने Aryan Gupta (Aryan's Fitness Camp) नाम से एक यूट्यूब चैनल भी शुरु किया हुआ है।




रिटायर्ड अमित आर्यन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभर के युवाओं को संदेश देते हुए कहते हैं,

राष्ट्र की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। देश को तमाम युवाओं की जरुरत है। भारतीय सेना को जॉइन करें और राष्ट्र की सेवा करें।

भारत माँ के इस सच्चे सपूत और राष्ट्रभक्त को योरस्टोरी की पूरी टीम की ओर से शत-शत नमन, तहे दिल से हमारा आभार। देश सेवा के लिये आपके प्रयासों की हम अनेकानेक सराहना करते हैं। सलाम, नमन, धन्यवाद!!!


जय हिन्द-जय भारत, जय जवान-जय किसान!!