भारत, अमेरिका ने ऊर्जा क्षेत्र समेत तीन अहम समझौतों पर किए हस्ताक्षर

By भाषा पीटीआई
February 25, 2020, Updated on : Tue Feb 25 2020 12:01:30 GMT+0000
भारत, अमेरिका ने  ऊर्जा क्षेत्र समेत तीन अहम समझौतों पर किए हस्ताक्षर
विदेश मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों देशों ने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इसके अलावा चिकित्सा उत्पादों की सुरक्षा के विषय पर भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये गए।
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नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय संबंधों सहित विविध विषयों पर व्यापक वार्ता के बाद दोनों देशों ने मंगलवार को तीन समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर किये जिसमें से एक समझौता ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित है।


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फोटो क्रेडिट: abcnews



विदेश मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों देशों ने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।


इसके अलावा चिकित्सा उत्पादों की सुरक्षा के विषय पर भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये गए। इसमें भारत की ओर से सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन तथा अमेरिका का फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन शीर्ष संस्था है।


भारत और अमेरिका के बीच एक सहयोग पत्र पर भी हस्ताक्षर किये गए जो इंडियन ऑयल कारपोरेशन एवं एक्जान मोबिल इंडिया एलएनजी लिमिटेड तथा चार्ट इंडस्ट्रीज आईएनसी के बीच हैं।


दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त संवाददाता संबोधन में जोर देकर कहा कि दोनों देशों ने अपने संबंधों को समग्र वैश्विक सामरिक गठजोड़ के स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है।


वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी इस यात्रा को अविस्मरणीय, असाधारण और सार्थक बताते हुए कहा कि अमेरिका-भारत की साझेदारी सही मायने में पहले से काफी मजबूत हुई है और दोनों देशों ने शानदार समझौते किये हैं।


दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,

‘‘राष्ट्रपति ट्रंप ने मादक पदार्थ और इससे जुड़ी समस्याओं से लड़ाई को प्राथमिकता दी है। आज हमारे बीच मादक पदार्थो की तस्करी, मादक पदार्थ से जुड़े आतंकवाद और संगठित अपराध जैसी गम्भीर समस्याओं के बारे में एक नए तंत्र पर भी सहमति बनी।’’


मोदी ने कहा कि तेल और गैस के लिए अमेरिका भारत का एक बहुत महत्वपूर्ण स्त्रोत बन गया है। उन्होंने कहा,

‘‘भारत अमेरिका गठजोड़ उद्योग 4.0 और 21वीं शताब्दी की अन्य उभरती प्रौद्योगिकी पर भी नवोन्मेष और उद्यमिता के नए मुक़ाम स्थापित कर रहा है।’’