‘नेचर ऑफ जॉब्स’ के हिसाब से खुद को बदल रहा है भारत का युवा: पीएम मोदी

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पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद की 157वीं जयंती के मौके पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय युवा उत्सव के उद्घाटन सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सम्बोधित किया। आज देश का युवा बदलते हुए 'नेचर ऑफ जॉब्स' के मुताबिक नये-नये उपक्रम शुरू कर रहा है। जोखिम उठा रहा है, दूसरों को काम दे रहा है- पीएम मोदी


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फोटो क्रेडिट: the financial express



लखनऊ, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं की सराहना करते हुए रविवार को कहा कि आज देश के नौजवान रोजगार के बदलते हुए स्वभाव के मद्देनजर नये-नये उपक्रम शुरू कर दूसरों को रोजगार दे रहे है।


मोदी ने स्वामी विवेकानंद की 157वीं जयंती के मौके पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय युवा उत्सव के उद्घाटन सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सम्बोधित किया।


उन्होंने कहा कि आज ‘इनोवेशन, इक्वेशन और स्टार्टअप’ की नई धारा का नेतृत्व देश के युवा कर रहे हैं।


मोदी ने कहा कि 26 हजार नये स्टार्टअप का खुलना दुनिया के किसी भी देश का सपना हो सकता है। यह सपना भारत में सच हुआ है, तो इसके पीछे भारत के नौजवानों की शक्ति है। भारत के नौजवानों ने अपने सपनों को देश की जरूरतों, आशाओं और आकांक्षाओं से जोड़ा है।


उन्होंने कहा कि आज देश का युवा नये-नये ऐप बना रहा है। ताकि खुद की भी जिंदगी आसान हो और देश का भला हो जाए। आज देश का युवा बदलते हुए 'नेचर ऑफ जॉब्स' के मुताबिक नये-नये उपक्रम शुरू कर रहा है। जोखिम उठा रहा है, दूसरों को काम दे रहा है।





इस अवसर पर मोदी ने देश के युवाओं को राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा,

‘‘स्वामी विवेकानंद कहते थे कि सब शक्ति तुम्हारे भीतर है। उस शक्ति को प्रकट करो। इस पर विश्वास करो कि तुम सब कुछ कर सकते हो। मुझे खुशी है कि भारत का आज का नौजवान इस बात को भलीभांति समझ रहा है।’’


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,

‘‘आज देश के युवाओं के सामर्थ्य से नये भारत का निर्माण हो रहा है। एक ऐसा नया भारत जिसमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ ही ईज ऑफ लिविंग भी हो। एक ऐसा नया भारत जिसमें लालबत्ती कल्चर नहीं, जिसमें हर इंसान बराबर है। ऐसा नया भारत जिसमें अवसर हैं और उड़ने के लिए पूरा आसमान भी है। 21वीं सदी का यह कालखंड भारत के लिए बहुत सौभाग्य लेकर आया है।’’


(Edited by रविकांत पारीक )





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