इस दंपती ने देश को दिये कई अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी प्लेयर, देश भर से खिलाड़ी ले रहे प्रशिक्षण

By yourstory हिन्दी
February 15, 2020, Updated on : Sat Feb 15 2020 06:39:44 GMT+0000
इस दंपती ने देश को दिये कई अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी प्लेयर, देश भर से खिलाड़ी ले रहे प्रशिक्षण
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किराये के घर पर क्लब चलाकर इस दंपती ने देश को कई अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी दिये हैं। आज देश के कई हिस्सों से खिलाड़ी इनके पास प्रशिक्षण लेने आते हैं।

नीलम और अजय

नीलम और अजय (चित्र: एडेक्स लाइव)



भारत में क्रिकेट सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला खेल है और उन लोगों के लिए पसंदीदा बना हुआ है, जो बड़े पैमाने पर इस खेल को अपनाना चाहते हैं। आज कबड्डी जैसे कुछ पारंपरिक खेलों को भी वेसुर्खियां मिल रही हैं जिनके वे हकदार हैं।


देश में पारंपरिक खेल के लिए जुनून तो है, लेकिन उचित बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बड़ी समस्या है।


खेल के प्रति उत्साही कपल द्वारा संचालित दिल्ली का यह क्लब कबड्डी के खेल में युवा और प्रतिभाशाली लड़कियों को आगे ले जाने का काम कर रहा है। क्लब से अब तक कई अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी निकले हैं। पालम स्पोर्ट्स क्लब, पति-पत्नी की जोड़ी द्वारा चलाया जाता है, जहाँ 50 वर्षीय नीलम साहू लड़कियों को प्रशिक्षित करती है और उनके पति अजय साहू प्रबंधकीय पहलुओं की देखभाल करने के साथ क्लब के अन्य कार्य का प्रबंधन करते हैं।


एडेक्स लाइव से बात करते हुए अजय कहते हैं,

“कई खिलाड़ी दूर-दराज के क्षेत्रों से आते हैं और ज्यादातर कमजोर पृष्ठभूमि से होते हैं। वे 7-10 किमी तक पैदल चलते हैं क्योंकि वे हर दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग नहीं कर सकते। कड़ी मशक्कत के बावजूद वे मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करेंग, इसलिए हमने उनके लिए चीजों को आसान बनाने का फैसला किया। हमने अपने घर में एक कमरा खाली कर दिया और खिलाड़ियों को वह जगह दी।”

नीलम पिछले 23 सालों से कबड्डी के क्षेत्र में युवा लड़कियों को प्रशिक्षित कर रही हैं। अकेले क्लब से 12 लड़कियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

छात्रों के साथ अजय

छात्रों के साथ अजय (चित्र: एडेक्स लाइव)



सफलता की राह हमेशा आसान नहीं होती। द लॉजिकल इंडियन की रिपोर्ट के अनुसार नीलम और अजय को भी परेशानियों का समान करना पड़ा, क्योंकि वे किराए के परिसर में क्लब चलाते थे। नीलम कहती हैं,

“मकान मालिक अक्सर इतनी सारी लड़कियों को रखने से हिचकते हैं, क्योंकि वे ज्यादा पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। परिणामस्वरूप, मुझे अपनी खुद लड़कियों को कम पानी का उपयोग करने के लिए कहना पड़ा क्योंकि अगर हमें बाहर निकाल दिया जाता, तो मैं बच्चों को कहां रख पाती।"

कठिनाइयों के बावजूद छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिए दोनों ने अपने मिशन को कभी नहीं छोड़ा। छात्रों की सफलता को देखकर उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों के लोग भी क्लब के पास जाने लगे। दंपति ने अब पालम स्कूल के पास एक फ्लैट किराए पर लिया है जहां खिलाड़ी अपने प्रशिक्षण सत्र के बीच आराम भी कर सकते हैं।


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