Quick Clean को सीरीज B राउंड में मिली $14 मिलियन की फंडिंग
Quick Clean ने Stakeboat Capital की अगुवाई में 14 मिलियन डॉलर की Series B फंडिंग जुटाई है. कंपनी AI, ऑटोमेशन और वैश्विक विस्तार पर निवेश करेगी तथा अगले पांच वर्षों में 500 से अधिक लॉन्ड्री यूनिट्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा है.
होटल और अस्पतालों के लिए ऑन-प्रिमाइस (On-Premise) लॉन्ड्री इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने वाली Quick Clean ने अपने Series B फंडिंग राउंड में 14 मिलियन डॉलर जुटाए हैं. इस राउंड का नेतृत्व Stakeboat Capital ने किया, जबकि मौजूदा निवेशक Alkemi Growth Capital और Blue Ashva Capital ने भी इसमें हिस्सा लिया.
कंपनी इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल भारत में अपने ऑन-प्रिमाइस लॉन्ड्री नेटवर्क के विस्तार, AI-समर्थित ऑपरेशंस, ऑटोमेशन और नई टेक्नोलॉजी के विकास के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार के लिए करेगी.
इससे पहले फरवरी 2025 में Quick Clean ने अपने Series A फंडिंग राउंड में 50 करोड़ रुपये (करीब 5.7 मिलियन डॉलर) जुटाए थे. उस फंडिंग राउंड का नेतृत्व भी Alkemi Growth Capital और Blue Ashva Capital ने किया था. इसके अलावा कंपनी को Venture Debt Cos. से 10 करोड़ रुपये (करीब 1.15 मिलियन डॉलर) की क्रेडिट लाइन भी मिली थी.
Quick Clean की स्थापना 2010 में भाइयों अंशुल गुप्ता और अंकुर गुप्ता ने की थी.
कंपनी Build-Own-Operate (BOO) मॉडल पर होटल और अस्पतालों के परिसर में ही आधुनिक लॉन्ड्री इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करती है और उसका संचालन भी स्वयं करती है. इससे संस्थानों को अपनी लॉन्ड्री सेवाएं आउटसोर्स करने की सुविधा मिलती है, जबकि पूरी व्यवस्था उनके ही परिसर में बनी रहती है. इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होती है, टर्नअराउंड टाइम घटता है और संचालन अधिक प्रभावी बनता है.
Quick Clean का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में अपने ऑन-प्रिमाइस लॉन्ड्री नेटवर्क को 140 से बढ़ाकर 500 से अधिक यूनिट्स तक पहुंचाना है. कंपनी विशेष रूप से हॉस्पिटैलिटी और हेल्थकेयर सेक्टर में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है. साथ ही Southeast Asia और Middle East के बाजारों में भी विस्तार की योजना बना रही है.
कंपनी के फाउंडर और CEO अंशुल गुप्ता ने कहा, “हमारा लक्ष्य दुनिया की सबसे बड़ी ऑन-प्रिमाइस लॉन्ड्री इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी बनना है. यह नया निवेश हमें अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर विस्तार करने में मदद करेगा.”
Stakeboat Capital के अनुसार, Quick Clean का BOO मॉडल, टेक्नोलॉजी-समर्थित संचालन और भारत के तेजी से बढ़ते हॉस्पिटैलिटी एवं हेल्थकेयर सेक्टर में लॉन्ड्री सेवाओं की बढ़ती मांग इसे एक मजबूत निवेश अवसर बनाती है.
वहीं Alkemi Growth Capital ने कंपनी की परिचालन दक्षता (Operational Efficiency), टिकाऊ विकास (Sustainable Growth) और स्केलेबल बिजनेस मॉडल की सराहना की.
Quick Clean का विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब भारत का हॉस्पिटैलिटी और हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर लगातार बढ़ रहा है.
वर्तमान में Quick Clean देश के 38 से अधिक शहरों में 140 से ज्यादा ऑन-प्रिमाइस लॉन्ड्री सुविधाओं का संचालन कर रही है. कंपनी प्रतिदिन 1 लाख किलोग्राम से अधिक लिनेन की प्रोसेसिंग करती है और उसके साथ 1,500 से ज्यादा कर्मचारी जुड़े हुए हैं.
इसके प्रमुख ग्राहकों में Marriott, Taj, Hyatt, Radisson और ITC Hotels जैसे होटल समूह शामिल हैं. वहीं AIIMS, Lilavati Hospital और Bombay Hospital जैसे प्रमुख अस्पताल भी कंपनी की सेवाएं लेते हैं.
Quick Clean का दावा है कि इसके टेक्नोलॉजी-समर्थित लॉन्ड्री सिस्टम में एक किलोग्राम लिनेन की प्रोसेसिंग के लिए केवल 8 लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जबकि इंडस्ट्री का औसत करीब 24 लीटर प्रति किलोग्राम माना जाता है. इससे ग्राहकों की पानी की खपत और कार्बन उत्सर्जन दोनों में कमी आती है.



